Sunday 8th of February 2026

ब्रेकिंग

पाटी :डीएम ने स्वयं सत्यापित किया प्रकरण, कमला देवी को योजनाओं का मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तरायणी कौथिक महोत्सव के समापन कार्यक्रम में हुए सम्मिलित

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड क्रिकेट टीम को रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में पहुंचने पर दी बधाई

लोहाघाट:किसान का बेटा ही मवेशीयों के मर्म व दर्द को जानता है डॉ जेपी यादव बने गाय के लिए देवदूत।

उत्तरायणी कौतिक में छाए चंपावत मॉडल जिले के जैविक उत्पाद व स्वाद "ब्रांड एंबेसडर" बनी गीता धामी।

: चंपावत:जिले को मिले पांच नए आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी, तीन कर रहे हैं पीजी।

Laxman Singh Bisht

Fri, Feb 16, 2024
जिले को मिले पांच नए आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी, तीन कर रहे हैं पीजी। चंपावत जिले को उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड से पांच आयुर्वेदिक चिकित्सक मिले हैं जिनमें तीन इस वर्ष पीजी की अंतिम वर्ष की परीक्षा देंगे। इस प्रकार जिले के 27 आयुर्वेदिक चिकित्साल्यों में 26 में आयुर्वेदिक डॉक्टर तैनात हो गए हैं। चौड़ाकोट वैलनेस सेंटर में फिलहाल बर्दाखान के चिकित्सक को संबध किया गया। है नए आए चिकित्सकों में डॉ इकरार खान, बाल रोग में डॉ भास्कर मेदिरत्ता, छार - सूत्र पद्धति में एमडी कर रहे हैं। इसी प्रकार डॉ दीपक पवार भी एमडी तृतीय वर्ष में है। जिन्हें क्रमशः रौशाल, रैगांव, मडलक के चिकित्साल्यों में नियुक्त किया गया है। डॉ सुमन कनौजिया को चंपावत नगर तथा डॉ देवेंद्र प्रसाद को तामली चिकित्सालय में तेनाती दी गई है। चंपावत के जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा अधिकारी डॉ आनंद सिंह के अनुसार टनकपुर में पहला 50 शैयांओ का आयुर्वेदिक चिकित्सालय स्थापित किया जा रहा है। जिसका लगभग 15 करोड रुपए लागत से भवन का निर्माण किया जाएगा। जिसमें दो करोड रुपए अवमुक्त भी किए जा चुके हैं। भवन का मुख्यमंत्री द्वारा शिलान्यास भी किया जा चुका है। चंपावत नगर में 10 बेड का आयुर्वेदिक चिकित्सालय स्थापित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के बाद लोग आयुर्वेद के काफी निकट आए हैं। जिले में तकनीकी स्टाफ की तैनाती के साथ यहां छार - सूत्र, पंचकर्म, मर्म चिकित्सा आदि सुविधाए उपलब्ध करने के साथ आयुर्वेद के पुरातन ज्ञान के साथ आधुनिक चिकित्सा विज्ञान का समावेश कर ऐसे सभी प्रयास किए जाएंगे जिससे लोगों को बगैर साईड इफेक्ट के सस्ते में आरोग्य मिल सके। इसके अलावा आयुर्वेदिक चिकित्सालयों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जड़ी बूटियां एवं गोमूत्र के बारे में भी लोगों को जानकारी दी जाएगी।

जरूरी खबरें