चमोली जिले के पाणा गांव में सड़क सुविधा ना होने के चलते ग्रामीणों ने किलोमीटर पैदल चलकर डोली के सहारे बीमार महिला को पहुंचाया अस्पताल सरकार के विकास के दावों की खुली पोल
Laxman Singh Bisht
Apr 05, 2023 02:36 pm
271 views
05 Apr 2023
बीमार महिला को लाया गया किलोमीटर पैदल चलकर डोली के सहारे मुख्य सड़क तक।
आजादी के 75 वर्ष बीत जाने के बाद भी चमोली जिले का दसौली ब्लॉक का एक ऐसा दूरस्थ पाणा गांव जहां आज भी गांव तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को कई किलोमीटर खड़ी चढ़ाई पार करनी होती है। गांव से एक बार एक शर्मसार करने वाली तस्वीर फिर सामने आई है पाणा गांव की आनंदी देवी उम्र 50 वर्ष कि अचानक देर रात को पेट में दर्द होने के कारण गांव में सड़क सुविधा ना होने के चलते बीमार आनंदी देवी को स्थानीय ग्रामीणों ने डोली के सहारे कई किलोमीटर चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया।
आज भी दर्जनों गांव चमोली जिले में ऐसे हैं जहां आज भी बीमार व्यक्तियों को किलोमीटर पैदल चलकर डोली के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाया जाता है। वही पाणा गांव से ठीक नीचे दस किलोमीटर तक कच्ची सड़क जैसी सुविधा पहुंचा दी गई है लेकिन गांव तक आज भी सड़क नहीं पहुंच पाई है जिसके चलते आज भी स्थानीय ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने गांव की सड़क के बारे में कई बार शासन और प्रशासन को अवगत भी करा दिया है
लेकिन आज तक कुछ भी कार्रवाई नहीं हो पाई है। गांव में सुविधाओं का घोर अकाल है वही आप देख सकते हैं किस तरह से शर्मसार करने वाली तस्वीरें सामने आ रही है किस तरह से एक बीमार महिला को किस तरह से स्थानीय ग्रामीण डोली के सहारे से खतरनाक रास्ते व खड़ी चढ़ाई को पार कर मुख्य सड़क तक पहुंचा रहे हैं तस्वीरें शर्मसार करने वाली है लेकिन सुध लेने वाला कोई नहीं है हालांकि आनंदी देवी को ग्रामीणों नेे
जैसे-तैसे अस्पताल पहुंचाया उनका उपचार जिला अस्पताल गोपेश्वर में चल रहा है। लेकिन पाणा गांव के लोग आजादी के 75 साल बीत जाने के बाद भी सड़क सुविधा के लिए तरस रहे हैं जिस कारण ग्रामीणों में सरकार के खिलाफ काफी आक्रोश है ग्रामीणों ने कहा कि सरकार विकास के दावे तो खूब करती है लेकिन उनको पता नहीं कि यह विकास किस चिड़िया का नाम है शासन प्रशासन ने ध्यान देना चाहिए
आजादी के 75 वर्ष बीत जाने के बाद भी चमोली जिले का दसौली ब्लॉक का एक ऐसा दूरस्थ पाणा गांव जहां आज भी गांव तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को कई किलोमीटर खड़ी चढ़ाई पार करनी होती है। गांव से एक बार एक शर्मसार करने वाली तस्वीर फिर सामने आई है पाणा गांव की आनंदी देवी उम्र 50 वर्ष कि अचानक देर रात को पेट में दर्द होने के कारण गांव में सड़क सुविधा ना होने के चलते बीमार आनंदी देवी को स्थानीय ग्रामीणों ने डोली के सहारे कई किलोमीटर चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया।
आज भी दर्जनों गांव चमोली जिले में ऐसे हैं जहां आज भी बीमार व्यक्तियों को किलोमीटर पैदल चलकर डोली के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाया जाता है। वही पाणा गांव से ठीक नीचे दस किलोमीटर तक कच्ची सड़क जैसी सुविधा पहुंचा दी गई है लेकिन गांव तक आज भी सड़क नहीं पहुंच पाई है जिसके चलते आज भी स्थानीय ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने गांव की सड़क के बारे में कई बार शासन और प्रशासन को अवगत भी करा दिया है
लेकिन आज तक कुछ भी कार्रवाई नहीं हो पाई है। गांव में सुविधाओं का घोर अकाल है वही आप देख सकते हैं किस तरह से शर्मसार करने वाली तस्वीरें सामने आ रही है किस तरह से एक बीमार महिला को किस तरह से स्थानीय ग्रामीण डोली के सहारे से खतरनाक रास्ते व खड़ी चढ़ाई को पार कर मुख्य सड़क तक पहुंचा रहे हैं तस्वीरें शर्मसार करने वाली है लेकिन सुध लेने वाला कोई नहीं है हालांकि आनंदी देवी को ग्रामीणों नेे
जैसे-तैसे अस्पताल पहुंचाया उनका उपचार जिला अस्पताल गोपेश्वर में चल रहा है। लेकिन पाणा गांव के लोग आजादी के 75 साल बीत जाने के बाद भी सड़क सुविधा के लिए तरस रहे हैं जिस कारण ग्रामीणों में सरकार के खिलाफ काफी आक्रोश है ग्रामीणों ने कहा कि सरकार विकास के दावे तो खूब करती है लेकिन उनको पता नहीं कि यह विकास किस चिड़िया का नाम है शासन प्रशासन ने ध्यान देना चाहिए
विज्ञापन
लोहाघाट:आशा आंदोलन के समर्थन में आई कांग्रेस आशाओं के साथ बैठ कर दिया धरना।
बाराकोट: विकास खंड स्तरीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ
नैनीताल:कार्मिकों की सूचना उपलब्ध न कराने वाले विभागाध्यक्ष व कार्यालयाध्यक्षों का माह सितम्बर का वेतन रोकने के0डीएम ने दिए निर्देश
चंपावत:सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें अधिकारी: डीएम
उत्तराखंड:सीएम धामी का सख्त एक्शन जन स्वास्थ्य की अनदेखी पर नपे जल संस्थान/ पेयजल निगम के छह इंजीनियर
पाटी:भोखड़ा (मंगललेख ) का राजकीय जूनियर हाई स्कूल भवन बना गाय भैंसो का तबेला। छात्र संख्या न होने के चलते स्कूल कर दिया गया था बंद।
चंपावत:राह-वीरो को जल्द करें सम्मानित सम्बंधित अधिकारियो को डीएम के निर्देश
चंपावत:लधिया-रतिया नदियों में विस्फोटक से मछली मारने की शिकायत पर डीएम सख्त
चंपावत में मां नंदा सुनंदा की निकली भव्य डोला यात्रा, सैकड़ों लोगों ने किया प्रतिभाग माँ नंदा सुनंदा की प्रतिमा पर महिलाओं ने की पुष्प व अक्षत वर्षा
चंपावत:जनता मिलन में डीएम ने सुनीं 195 जनसमस्याएं, अधिकारियों को समयबद्ध समाधान के निर्देश