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रिपोर्ट :लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट: बन अम्मा के नाम से जानी जाती है मानर की भागीरथी देवी बंजर भूमि को बदल डाला हरे भरे जंगलों में।

Laxman Singh Bisht

Sun, Mar 15, 2026

बन अम्मा के नाम से जानी जाती है मानर की भागीरथी देवी बंजर भूमि को बदल डाला हरे भरे जंगलों में।

वन सहेलियां समूह का किया गठन। बंजर भूमि में खड़ा कर डाला हरा भरा जंगल।

चंपावत जिले के जिला पंचायत जनकांडे क्षेत्र की ग्राम पंचायत मानर की पूर्व सरपंच भागीरथी देवी आज पूरे इलाके में “वन अम्मा” के नाम से जानी जाती हैं। करीब 25 साल पहले उनके क्षेत्र के जंगल लगभग खत्म हो चुके थे। तब भागीरथी देवी जंगलों को बचाने के लिए आगे आई और गांव की महिलाओं को साथ लेकर “वन सहेलियां” समूह बनाया । महिलाओं को साथ लेकर बंजर जमीन को फिर से हरा-भरा करने का अभियान शुरू किया। भागीरथी देवी के नेतृत्व में महिलाओं ने पौधारोपण, चराई पर नियंत्रण किया तथा जंगल की सुरक्षा के लिए कड़े नियम बनाए गए ।नियमों से बड़ा बदलाव आया।आज करीब 11–12 हेक्टेयर क्षेत्र में फिर से घना हरा भरा जंगल खड़ा हो चुका है जिससे गांव के लोगों को चारा, लकड़ी व पानी के स्रोतों का लाभ मिल रहा है आज भी भागीरथी देवी अपने जंगलों की अपने बच्चों की तरह देखभाल व सुरक्षा करती नजर आती हैं। क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य अशोक महरा ने कहा भागीरथी देवी का यह प्रयास हमें सिखाता है कि मजबूत इच्छाशक्ति और सामूहिक प्रयास से प्रकृति को फिर से जीवन दिया जा सकता है। यदि इस तरह के प्रयासों को राज्य या केंद्र सरकार के स्तर पर मान्यता मिले और उन्हें सम्मानित किया जाय, तो न केवल बना अम्मा भागीरथी देवी को प्रोत्साहन मिलेगा बल्कि अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्यावरण जागरूकता बढ़ेगी। महरा ने कहा भागीरथी देवी जैसे प्रेरक व्यक्तित्व यह दिखाते हैं कि सामाजिक और पर्यावरणीय बदलाव के लिए बड़े अभियान ही नहीं, बल्कि छोटे-छोटे, निरंतर प्रयास भी महत्वपूर्ण हैं। मैं इनकी इच्छा शक्ति और दूर दृष्टि सोच को नमन करता हूँ।

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