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रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:ग्राम से उद्यम तक” — ग्रामोत्थान परियोजना ने बदली राईकोट की प्रियंका देवी की जिंदगी

Laxman Singh Bisht

Mon, Oct 13, 2025

“ग्राम से उद्यम तक” — ग्रामोत्थान परियोजना ने बदली प्रियंका देवी की जिंदगीमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और पलायन पर रोक लगाने के उद्देश्य से संचालित ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि (ग्रामोत्थान) परियोजना ने जनपद चम्पावत के विकासखंड लोहाघाट की ग्राम पंचायत राईकोट महर निवासी श्रीमती प्रियंका देवी के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है।राईकोट महर गाँव लोहाघाट नगर से लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। श्रीमती प्रियंका देवी ‘झुमाधूरी स्वयं सहायता समूह’ की सक्रिय सदस्य हैं, जो सूरज ग्राम संगठन एवं विकास महिला संकुल संघ से जुड़ा है। पति के पास स्थायी रोजगार न होने के कारण वे पहले मेहनत-मजदूरी और एक छोटी दुकान चलाकर किसी प्रकार परिवार का भरण-पोषण करती थीं, परंतु सीमित आमदनी के कारण आर्थिक स्थिति सुदृढ़ नहीं हो पा रही थी।आईफैड एवं भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित ग्रामोत्थान परियोजना ने उनकी इस स्थिति को बदलने में अहम भूमिका निभाई। यह परियोजना उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से ग्रामीण गरीब परिवारों को उद्यम आधारित आजीविका से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने का कार्य कर रही है।परियोजना की बैठकों में सहभागिता के दौरान श्रीमती प्रियंका देवी को लघु उद्यम स्थापना योजना की जानकारी दी गई। निर्धारित मानकों के अनुरूप उनका चयन जनरल स्टोर व्यवसाय के लिए किया गया। परियोजना टीम द्वारा भौतिक सत्यापन और आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी की गई, जिसके बाद उनके लिए ₹1,00,000.00 की व्यावसायिक योजना स्वीकृत की गई।इस योजना के अंतर्गत परियोजना से ₹30,000.00 (30%) की सहयोग राशि, बैंक ऋण के रूप में ₹50,000.00 (50%) और स्वयं का अंशदान ₹20,000.00 (20%) निर्धारित किया गया। इस वित्तीय सहयोग से उन्होंने अपना जनरल स्टोर प्रारंभ किया, जिससे उन्हें अब प्रतिमाह लगभग ₹8,000 से ₹9,000 तक की आमदनी हो रही है।आर्थिक रूप से सशक्त होते हुए अब वे अपने परिवार का बेहतर ढंग से भरण-पोषण कर पा रही हैं तथा बच्चों की शिक्षा और भविष्य को लेकर आश्वस्त हैं।परियोजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती प्रियंका देवी कहती हैं, “ग्रामोत्थान परियोजना ने मेरे जीवन में नया उजाला भर दिया है। यह आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बहुत उपयोगी योजना है। अब मैं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हूँ और चाहती हूँ कि अन्य महिलाएँ भी इस योजना से जुड़कर अपने जीवन में परिवर्तन लाएँ।”

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