रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : विकसित चम्पावत की दिशा में मास्टर प्लान-2041, जनसहभागिता से होगा अंतिम प्रारूप तय: डीएम
Laxman Singh Bisht
Tue, Jul 7, 2026
विकसित चम्पावत की दिशा में मास्टर प्लान-2041, जनसहभागिता से होगा अंतिम प्रारूप तय: डीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की "आदर्श चम्पावत–विकसित चम्पावत" की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में जनपद चम्पावत के मास्टर प्लान-2041 का प्रारूप तैयार किया गया है। इस संबंध में जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार ने जनमानस में व्याप्त विभिन्न भ्रांतियों एवं आशंकाओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि नागरिकों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक भ्रान्ति रखने की आवश्यकता नहीं है।उन्होंने बताया कि मास्टर प्लान का प्रारूप देश की प्रतिष्ठित संस्था स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए), नई दिल्ली द्वारा तैयार किया गया है, जो शहरी एवं क्षेत्रीय नियोजन के क्षेत्र में अत्यंत विश्वसनीय और विशेषज्ञ संस्था है। यह केवल एक ड्राफ्ट (प्रारूप) है, जिसे जनसुझावों के आधार पर अंतिम रूप दिया जाएगा।जिलाधिकारी ने कहा कि प्राधिकरण एवं मास्टर प्लान को लेकर यह भ्रांति फैल रही है कि इसके लागू होने से निर्माण कार्यों पर रोक लग जाएगी अथवा कृषि भूमि पर आवासीय निर्माण संभव नहीं रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। यदि किसी नागरिक को किसी बिंदु पर शंका या सुझाव है तो वह अपना पक्ष रख सकता है। जनभावनाओं एवं जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान का मुख्य उद्देश्य जनपद का संतुलित, वैज्ञानिक एवं योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करना है, ताकि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सड़क, पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का समुचित विस्तार किया जा सके। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि मास्टर प्लान आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित करने में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि यदि किसी नागरिक के मन में मास्टर प्लान को लेकर कोई सुझाव, आपत्ति अथवा शंका है तो वह 30 जुलाई 2026 तक जनपद मुख्यालय, संबंधित तहसील अथवा विकासखंड कार्यालय में अपना लिखित सुझाव प्रस्तुत कर सकता है। प्राप्त सभी सुझावों एवं आपत्तियों का गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर जनहित में प्रारूप में उचित संशोधन किया जाएगा।उन्होंने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि आदर्श चम्पावत–विकसित चम्पावत के निर्माण में सभी अपनी सकारात्मक सहभागिता सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की अफवाहों या भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें। जनमानस की प्रत्येक शंका का समाधान करने और मास्टर प्लान से जुड़ी सभी भ्रांतियों को दूर करने के लिए प्रशासन पूर्णतः प्रतिबद्ध है।