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रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : एनएच कटिंग से अमोडी के समीप खतरे की जद में आया आवासीय मकान तीन साल से सुरक्षा के लिए दर-दर भटक रहा ग्रामीण

Laxman Singh Bisht

Thu, Jul 23, 2026

एनएच कटिंग से अमोडी के समीप खतरे की जद में आया आवासीय मकान तीन साल से सुरक्षा के लिए दर-दर भटक रहा है ग्रामीण

जिलाधिकारी मनीष कुमार से सुरक्षा की लगाई गुहार

चंपावत। पिथौरागढ़ टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग में अमोडी के समीप इजरा तोक में तीन साल पूर्व हुई सड़क कटिंग से एक आवासीय मकान खतरे की जद में आ गया है। लगातार भूस्खलन होने से भवन स्वामी को दूसरे भवन में शिफ्ट होकर दिन गुजारने पड़ रहे हैं। बीते तीन वर्षों में पीड़ित मकान की सुरक्षा के लिए दर-दर भटक रहा है।लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो पा रही है ।अब ग्रामीण के द्वारा जिला अधिकारी मनीष कुमार से सुरक्षा की गुहार लगाई है। जिला मुख्यालय से 29 किमी दूर कोट अमोडी ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले इजरा तोक में रमेश चंद्र का आवासीय मकान बीते तीन वर्ष पूर्व एनएच की कटिंग के दौरान खतरे की जद में आ गया था तब से लगातार वह मकान की सुरक्षा के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। और उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। जल्द सुरक्षा के इंतजाम नहीं होते हैं तो उनका दो मंजिला मकान किसी भी समय गिर सकता है। पीड़ित ने अब जिला अधिकारी मनीष कुमार से गुहार लगाते हुए मकान की सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि बरसात के दिनों में वह किसी दूसरे के मकान में रहकर अपने दिन गुजार रहे हैं। बताया कि एनएच सहित अन्य विभागों में कई बार प्रार्थनापत्र दिया गया है लेकिन अभी तक सुनवाई नहीं हुई है। पीड़ित रमेश चंद्र वाहन चलाकर अपना घर परिवार चलते हैं और उनकी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर होने के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अब जिले के जिला अधिकारी पर भरोसा जताया है। इधर एनएच के अधिशासी अभियंता विभोर गुप्ता ने बताया कि मामला संज्ञान में है और राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार को 70 लाख रुपए की डीपीआर बनाके स्वीकृत के लिए भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्दी ही उक्त स्थान पर सुरक्षा के इंजाम किए जाएंगे।

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