: उत्तराखंड:गुलदार का खतरा 13 स्कूल तीन दिन रहेंगे बंद डीएम ने आदेश किए जारी
Laxman Singh Bisht
Sat, Dec 21, 2024
गुलदार का खतरा 13 स्कूल तीन दिन रहेंगे बंद डीएम ने आदेश किए जारी
उत्तराखंड में गुलदार के खतरे को देखते हैं बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए पौड़ी जिले के रिखणीखाल में तीन दिन स्कूल बंद रहेंगे। रिखणीखाल क्षेत्र में आदमखोर गुलदार के आतंक को देखते हुए जिलाधिकारी गढ़वाल, डॉ. आशीष चौहान ने 13 विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में तीन दिन का अवकाश घोषित किया है। यह अवकाश 20 दिसंबर से 22 दिसंबर 2024 तक रहेगा।उप जिलाधिकारी रिखणीखाल ने गुलदार प्रभावित 13 विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों के बारे में आख्या प्रस्तुत की, जिसमें छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर अवकाश की सिफारिश की गई थी। इन विद्यालयों में राजकीय प्राथमिक विद्यालय कण्डिया मल्ला, कण्डिया तल्ला, उ०मा०वि० कण्डिया, पीपलसारी, गुठरेता, सेन्धी, डाबरी, डाबरी वल्ली, मैन्दणी, बड़कासैण, डोबरिया, और डोबरियासार शामिल हैं जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी की संस्तुति को मंजूरी देते हुए इन विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में 20 दिसंबर से 22 दिसंबर तक अवकाश घोषित किया है। यह कदम बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, ताकि गुलदार के खतरे से उन्हें बचाया जा सके ।
उत्तराखंड में गुलदार के खतरे को देखते हैं बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए पौड़ी जिले के रिखणीखाल में तीन दिन स्कूल बंद रहेंगे। रिखणीखाल क्षेत्र में आदमखोर गुलदार के आतंक को देखते हुए जिलाधिकारी गढ़वाल, डॉ. आशीष चौहान ने 13 विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में तीन दिन का अवकाश घोषित किया है। यह अवकाश 20 दिसंबर से 22 दिसंबर 2024 तक रहेगा।उप जिलाधिकारी रिखणीखाल ने गुलदार प्रभावित 13 विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों के बारे में आख्या प्रस्तुत की, जिसमें छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर अवकाश की सिफारिश की गई थी। इन विद्यालयों में राजकीय प्राथमिक विद्यालय कण्डिया मल्ला, कण्डिया तल्ला, उ०मा०वि० कण्डिया, पीपलसारी, गुठरेता, सेन्धी, डाबरी, डाबरी वल्ली, मैन्दणी, बड़कासैण, डोबरिया, और डोबरियासार शामिल हैं जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी की संस्तुति को मंजूरी देते हुए इन विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में 20 दिसंबर से 22 दिसंबर तक अवकाश घोषित किया है। यह कदम बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, ताकि गुलदार के खतरे से उन्हें बचाया जा सके ।