रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : उधम सिंह नगर:पल्लव जोशी एशियन बैडमिंटन चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम के बने कोच।
उधम सिंह नगर:पल्लव जोशी एशियन बैडमिंटन चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम के बने कोच।

उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर के पल्लव जोशी को चीन में होने वाली एशियन बैडमिंटन चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम का कोच बनाया गया है।मनोज सरकार के बाद ऊधम सिंह नगर से भारत की जर्सी पहनने वाले दूसरे खिलाड़ी बने पल्लव जोशी।

उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर और पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव का एक और अध्याय जुड़ गया है। जिले के प्रतिभाशाली बैडमिंटन खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक पल्लव जोशी को चीन में आयोजित होने वाली अंडर-15 एवं अंडर-17 एशियन बैडमिंटन चैंपियनशिप के लिए भारतीय बैडमिंटन टीम का कोच नामित किया गया है।पल्लव जोशी की इस उपलब्धि के साथ ही वह ऊधम सिंह नगर से भारत की जर्सी पहनने वाले दूसरे बैडमिंटन खिलाड़ी/खेल व्यक्तित्व बन गए हैं। उनसे पहले जिले के ही प्रसिद्ध पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी एवं अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता मनोज सरकार ने भारत का प्रतिनिधित्व कर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है।पल्लव का भारतीय टीम तक पहुंचने का सफर करीब 15 वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण की कहानी है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राजकीय इंटर कॉलेज से प्राप्त की और छात्र जीवन से ही बैडमिंटन के प्रति उनका जुनून दिखाई देने लगा था।अपने खेल करियर के दौरान पल्लव ने कौम्नून कुमाऊँ विश्वविद्यालय के चैंपियन के रूप में लगातार तीन वर्षों तक अपना दबदबा कायम रखा। इसके अलावा उन्होंने राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।खिलाड़ी के रूप में सफलता हासिल करने के बाद पल्लव ने अपना ध्यान युवा खिलाड़ियों को तैयार करने और भारतीय बैडमिंटन के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में लगाया। वह बैंगलोर से NSNIS प्रशिक्षित कोच तथा BWF प्रमाणित कोच हैं।पल्लव पिछले दो वर्षों से Centre for Badminton Excellence (CBE), जिसे पहले प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन अकादमी के नाम से जाना जाता था, से जुड़े हुए हैं। उनकी कोचिंग क्षमता और खिलाड़ियों को तैयार करने की शैली को बैडमिंटन जगत में काफी सराहना मिली है। उनके मार्गदर्शन में कई युवा खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है और जूनियर वर्ग में राष्ट्रीय चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है।

“पल्लव ने हमें ही नहीं, पूरे उत्तराखंड को गौरवान्वित किया”
पल्लव के पिता प्रदीप जोशी, जो पंतनगर विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त हुए हैं, ने बेटे की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा,
“पल्लव ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए बहुत त्याग और कड़ी मेहनत की है। उसने न केवल मुझे और हमारे परिवार को गौरवान्वित किया है, बल्कि पूरे उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। यह हमारे लिए बेहद गर्व का क्षण है। मैं Centre for Badminton Excellence और Badminton Association of India का आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने पल्लव की प्रतिभा को पहचानने और उसे आगे बढ़ने का अवसर दिया।”
पल्लव की माता श्रीमती भगवती जोशी ने कहा कि उनके बेटे ने पिछले 15 वर्षों से अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित होकर मेहनत की है।“पल्लव पिछले 15 वर्षों से अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह केंद्रित रहा है। हमने उसकी मेहनत, अनुशासन और संघर्ष को बहुत करीब से देखा है। आज उसे भारतीय टीम के साथ इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी में देखकर हम बेहद गौरवान्वित हैं।”
“भारत की जर्सी पहनना मेरे लिए गर्व का सबसे बड़ा क्षण”
अपनी उपलब्धि पर पल्लव जोशी ने कहा,“भारत की जर्सी पहनना मेरे लिए गर्व का सबसे बड़ा क्षण है। मैंने पिछले 15 वर्षों से इस मुकाम तक पहुंचने के लिए लगातार मेहनत की और इस दिन का इंतजार किया। एक खिलाड़ी के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व करना मेरा सपना था और आज एक कोच के रूप में भारतीय टीम के साथ जुड़ना मेरे लिए उतना ही गौरवपूर्ण है।”उन्होंने आगे कहा,“अब मेरा लक्ष्य उभरती हुई प्रतिभाओं के साथ और अधिक समय बिताना है। मैं युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना चाहता हूं और उन्हें बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भारत के लिए पदक जीतते हुए देखना चाहता हूं।”

पल्लव जोशी की यह उपलब्धि ऊधम सिंह नगर ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है। एक छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों को तैयार करने वाले कोच के रूप में भारतीय टीम तक पहुंचना उनके 15 वर्षों के समर्पण और मेहनत का परिणाम है।पल्लव का यह सफर यह भी दर्शाता है कि प्रतिभा यदि सही मार्गदर्शन, निरंतर मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़े तो छोटे शहरों से निकलने वाले खिलाड़ी भी देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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