: लोहाघाट:रोजगार के साथ-साथ उत्तराखंड की संस्कृति को बढ़ावा दे रही है बस्ती ( यूपी) की गुड़िया कुमाऊनी /गड़वाली गीत सुनाकर लोगों का कर रही है मनोरंजन
Laxman Singh Bisht
Thu, Dec 12, 2024
रोजगार के साथ-साथ उत्तराखंड की संस्कृति को बढ़ावा दे रही है बस्ती ( यूपी) की गुड़िया कुमाऊनी /गड़वाली गीत सुनाकर लोगों का कर रही है मनोरंजन
आज जहां उत्तराखंड की युवा पीढ़ी कुमाऊनी, गढ़वाली बोली ,गीतों व संस्कृती से दूर होते जा रही है तो ही उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले की रहने वाली गुड़िया लोगों को कुमाऊनी व गढ़वाली गीत सुनाकर रोजगार करने के साथ-साथ उत्तराखंड की संस्कृति को भी आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है गुड़िया ने बताया वह उत्तराखंड में घूम घूम कर कुमाऊनी ,गढ़वाली गीतों को सुना कर लोगों का मनोरंजन करती है और लोगों के द्वारा खुश होकर जो ईनाम दिया जाता है उससे अपने परिवार का भरण पोषण करती हैं गुड़िया ने बताया इस कार्य में उनके पति भी उनका सहयोग करते हैं गुड़िया ने कहा वह लोग मेहनत कर अपना पेट पालते हैं गुड़िया के द्वारा उत्तराखंड के प्रसिद्ध गायको के गाए गीत टक टकाटक कमला, अल्मोड़ में मेरो बंगला ,नैनीताल की मधुली आदि गीतों को अपनी शानदार आवाज में सुनाया जा रहा है और लोग उनकी आवाज को काफी पसंद कर इनाम दे रहे हैं
वही लोहाघाट के सामाजिक कार्यकर्ता राजू भैया व अन्य लोगों ने कहा बड़ी खुशी हुई यूपी के रहने वाली एक बहन अपनी मेहनत से अपने परिवार का भरण पोषण करने के साथ-साथ उत्तराखंड की संस्कृति को आगे बढ़ा रही है उन्होंने युवा वर्ग से इनसे प्रेरणा लेकर उत्तराखंड की संस्कृति को आगे बढ़ाने की अपील की है
आज जहां उत्तराखंड की युवा पीढ़ी कुमाऊनी, गढ़वाली बोली ,गीतों व संस्कृती से दूर होते जा रही है तो ही उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले की रहने वाली गुड़िया लोगों को कुमाऊनी व गढ़वाली गीत सुनाकर रोजगार करने के साथ-साथ उत्तराखंड की संस्कृति को भी आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है गुड़िया ने बताया वह उत्तराखंड में घूम घूम कर कुमाऊनी ,गढ़वाली गीतों को सुना कर लोगों का मनोरंजन करती है और लोगों के द्वारा खुश होकर जो ईनाम दिया जाता है उससे अपने परिवार का भरण पोषण करती हैं गुड़िया ने बताया इस कार्य में उनके पति भी उनका सहयोग करते हैं गुड़िया ने कहा वह लोग मेहनत कर अपना पेट पालते हैं गुड़िया के द्वारा उत्तराखंड के प्रसिद्ध गायको के गाए गीत टक टकाटक कमला, अल्मोड़ में मेरो बंगला ,नैनीताल की मधुली आदि गीतों को अपनी शानदार आवाज में सुनाया जा रहा है और लोग उनकी आवाज को काफी पसंद कर इनाम दे रहे हैं
वही लोहाघाट के सामाजिक कार्यकर्ता राजू भैया व अन्य लोगों ने कहा बड़ी खुशी हुई यूपी के रहने वाली एक बहन अपनी मेहनत से अपने परिवार का भरण पोषण करने के साथ-साथ उत्तराखंड की संस्कृति को आगे बढ़ा रही है उन्होंने युवा वर्ग से इनसे प्रेरणा लेकर उत्तराखंड की संस्कृति को आगे बढ़ाने की अपील की है