रिपोर्ट:जगदीश जोशी : बाराकोट:सारा के तत्वावधान में जल उत्सव सप्ताह के तहत जागरूकता गोष्ठी आयोजित
Laxman Singh Bisht
Thu, Jun 4, 2026
सारा के तत्वावधान में जल उत्सव सप्ताह के तहत जागरूकता गोष्ठी आयोजित

स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवनेशन अथॉरिटी (SARRA) द्वारा संचालित जल संरक्षण अभियान-2026 के अंतर्गत जिले के विकास खंड बाराकोट के सभागार में जल उत्सव सप्ताह (01 जून से 15 जून, 2026) के तहत एक दिवसीय भव्य जागरूकता विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन सहायक खंड विकास अधिकारी जाकिर हुसैन द्वारा किया गया। इस गोष्ठी में क्षेत्र के विकास खंड स्तरीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और कृषकों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया।गोष्ठी के दौरान उपस्थित विषय विशेषज्ञों ने शुद्ध पेयजल की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए पारंपरिक जल स्रोतों को संरक्षित करने पर विशेष जोर दिया। विशेषज्ञों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने पारंपरिक जल स्रोतों के आस-पास पूरी स्वच्छता बनाए रखें और प्लास्टिक कचरे का सही निस्तारण करते हुए उसे कूड़ेदान में ही डालें। इसके साथ ही, जल स्रोतों की सटीक मैपिंग के लिए सभी से 'भागीरथ ऐप' को अपनाने का पुरजोर आह्वान किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों से जल संरक्षण को लेकर बहुमूल्य सुझाव आमंत्रित किए गए और उनके विचारों को गंभीरता से सुना गया।खंड विकास अधिकारी अवनीश उपाध्याय ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना 'सारा' के तहत तैयार किए गए स्प्रिंगशेड मैनेजमेंट प्लान के विषय में विस्तृत जानकारी साझा की।उन्होंने पारंपरिक जल स्रोतों, विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों की जीवनरेखा माने जाने वाले 'धारा' और 'नौला' को बचाने के लिए एक व्यापक जन-अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया कार्यशाला के मुख्य वक्ता और 'सारा' के सोशल कोऑर्डिनेटर हरीश भट्ट ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को जल संरक्षण के विभिन्न आयामों से अवगत कराया। उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण को सामने रखते हुए नौलों और धारों को पुनर्जीवित करने तथा उनके जल स्तर (डिस्चार्ज) को बढ़ाने के तकनीकी तरीकों के बारे में विस्तार से समझाया और लोगों को इसके लिए प्रेरित किया। इस जागरूकता गोष्ठी में जनपद से आए 'सारा' के विषय विशेषज्ञों सहित क्षेत्रीय जन प्रतिनिधि, ग्रामीणजन, कृषक व जनपद की सारा के विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहे।