Sunday 2nd of August 2026

ब्रेकिंग

जनपद चम्पावत में इन्सपायर अवार्ड मानक योजना पर एक दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यशाला आयोजित।

लोहाघाट:स्कूल वाहन संचालन के लिए डुंगरा लेटी के ग्रामीणों ने डीएम को दिया धन्यवाद लाइब्रेरी व ओपन जिम खोलने की मांग।

राष्ट्रपति भवन के एट होम रिसेप्शन के लिए अल्मोड़ा की गर्विता भाकुनी का चयन

उत्तराखंड:पेपर लीक मामले में ईडी ने हाकम सिंह की लाखों की संपत्ति अस्थायी रूप से की कुर्क

लोहाघाट:बन विभाग की निरापत्ति न मिलने से सरयू लिफ्ट पेयजल योजना निर्माण कार्य में देरी।

सूचना

रिपोर्ट:जगदीश जोशी : बाराकोट:बच्चे को सपने में काटा कुत्ते ने बच्चा इंजेक्शन लगवाने पहुंचा अस्पताल। डॉक्टर हुए हैरान

Laxman Singh Bisht

Sat, May 16, 2026

बच्चे को सपने में काटा कुत्ते ने बच्चा इंजेक्शन लगवाने पहुंचा अस्पताल

बाराकोट मे चकित कर देने वाली घटना सामने आई है।जब एक 12 वर्षीय नाबालिग बच्चे को सपने में कुत्ते ने काट लिया। सुबह उठने के बाद बच्चे ने कुत्ते के काटे जाने से बचाव हेतु गूगल पर जानकारी जाननी चाही, जिनको पढ़ते ही बच्चे की तबीयत खराब होने लगी।बच्चे की तबीयत इतनी बिगड़ी कि परिजनों को बच्चों को सुंगरखाल क्षेत्र से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बाराकोट लाना पड़ा ।जहां स्वास्थ्य कर्मियों ने बच्चे से उपचार से पूर्व की जाने वाली आवश्यक पूछताछ की जिस पर बच्चा लगातार रोता रहा और जोर के पेट दर्द होने की बात बताता रहा। बमुश्किल प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मंजीत सिंह द्वारा आवश्यक उपचार एवं काउंसलिंग के बाद बच्चा सामान्य स्थिति में आया, तदोपरांत बच्चे को उसके परिजनों के साथ घर भेज दिया गया।डॉक्टर मंजीत सिंह ने बताया कि यह एक प्रकार का डिसऑर्डर है जिसके प्रभाव में मरीज सपनों की बातों को सच समझने लगता है और असामान्य स्थिति में आ जाता है वही स्थिति आज इस मरीज में भी देखी गई उन्होंने सामान्य स्थिति हो जाने के बाद बच्चे को किसी अच्छे साइकैटरिस्ट को दिखाने की बात कही है। लड़ीधुरा सांस्कृतिक मंच अध्यक्ष नागेंद्र जोशी ने बताया उस समय स्वयं अस्पताल में उपस्थित था जब इस बच्चे को अस्पताल लाया गया। कहा आजकल कई बच्चे अपना ज्यादातर समय मोबाइल में ही इंटरनेट के माध्यम से या सोशल मीडिया के माध्यम से ही व्यतीत कर रहे हैं। मोबाइल पर इंटरनेट या गूगल के माध्यम से मिलने वाली जानकारी का प्रभाव बच्चों हमेशा सकारात्मक रहेगा यह संभव नहीं है। कई बच्चे होमवर्क के लिए भी मोबाइल पर गूगल का सहारा ले रहे हैं जो बच्चों की भविष्य के लिए ठीक नहीं है, हमें बच्चों को स्वाध्याय करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।

जरूरी खबरें