रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत: चंपावत में आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों का शक्ति प्रदर्शन, सड़कों पर उतरी सैकड़ों महिलाए
Laxman Singh Bisht
Mon, Apr 13, 2026
सीएम की विधानसभा में आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों का शक्ति प्रदर्शन, सड़कों पर उतरी सैकड़ों महिलाए
सरकार के खिलाफ बुलंद हुए स्वर 24 हजार मानदेय, बायोमेट्रिक से राहत और रिटायरमेंट पर 10 लाख की मांग
कांग्रेस ,यूकेडी व सपा का मिला समर्थन, पुलिस की कड़ी निगरानी में निकला विशाल जुलूस
पुलिस ने कलेक्ट्रेट जाने से रोका आंदोलनकारी महिलाओं को।
जो ना माने बिनती से लुड़का देंगे कुर्सी से के नारे हुए बुलंद ।

चंपावत मे जिले भर से पहुंचीं सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों ने सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ती संगठन जिला अध्यक्ष मीना बोहरा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री की विधानसभा चंपावत में जोरदार शक्ति प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पिछले एक सप्ताह से आंदोलनरत कार्यकर्तियों ने आज सड़कों पर उतरकर अपना आक्रोश जाहिर किया और मुख्यमंत्री के मॉडल जिले में जमकर नारेबाजी की।आंदोलन को उस समय और बल मिला जब कांग्रेस, यूकेडी और सपा के कार्यकर्ताओं ने भी खुलकर समर्थन दिया।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष चिराग फर्त्याल, पूर्व दर्जा राज्यमंत्री निर्मला गहतोड़ी, यूकेडी जिला अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा , राजेंद्र पुनेठा और सपा के ललित मोहन भट्ट ने कार्यकर्तियों की मांगों को जायज बताते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका संघर्ष जारी रहेगा और वे उनके साथ खड़े रहेंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों का कहना है कि वे तीन प्रमुख मांगों 24 हजार रुपए मासिक मानदेय, बायोमेट्रिक सिस्टम से मुक्ति और सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रूपए की एकमुश्त राशि को लेकर आंदोलन कर रही हैं।

उनका आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को लगातार अनदेखा कर रही है। मोटर स्टेशन के गांधी चौक से जिला अध्यक्ष मीना बोहरा, बबीता जोशी, दमयंती वर्मा, दीपा पांडे, कविता पंत, पुष्पा पाटनी के नेतृत्व में निकला विशाल जुलूस मुख्य बाजार, भैरव चौराहा होते हुए टैक्सी स्टैंड धरना स्थल तक पहुंचा, जहां महिलाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिलाओं के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया। जुलूस के दौरान पुलिस का भारी बंदोबस्त किया गया। प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ना चाह रही थीं,

लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। हालांकि पूरे घटनाक्रम के दौरान माहौल तनावपूर्ण जरूर रहा, लेकिन प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। अब सभी की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि आखिर कब तक इन मांगों पर निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान सैकड़ो की तादात में आंगनबाड़ी कार्यकृतिया मौजूद रही। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकृतियों ने,जो ना माने बिनती से लुड़का देंगे कुर्सी से ,के नारे बुलंद किए।
