रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:डिप्लोमा इंजीनियरों का आंदोलन 11वें दिन भी जारी, सरकार की अनदेखी से बढ़ा आक्रोश।
Laxman Singh Bisht
Thu, Apr 2, 2026
डिप्लोमा इंजीनियरों का आंदोलन 11वें दिन भी जारी, सरकार की अनदेखी से बढ़ा आक्रोश।
27 सूत्रीय मांगों को लेकर उग्र हुआ आंदोलन, जल निगम व जल संस्थान के इंजीनियर भी हुए शामिल।
चम्पावत। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ द्वारा अपनी 27 सूत्रीय मांगों को लेकर 23 मार्च से शुरू किया गया आंदोलन 11वें दिन भी जारी है। सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस पहल न होने के चलते इंजीनियरों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे आंदोलन और अधिक उग्र रूप लेता जा रहा है। आंदोलन के चलते जनपद में विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। पहले से आंदोलनरत विभागों सिंचाई, लोक निर्माण विभाग, लघु सिंचाई, ग्रामीण निर्माण, जिला पंचायत, आवास विकास एवं उरेडा के साथ अब जल निगम और जल संस्थान के डिप्लोमा इंजीनियर भी इस आंदोलन में कूद पड़े हैं, जिससे आंदोलन को और व्यापक समर्थन मिल रहा है। महासंघ के अध्यक्ष गोपाल कालाकोटी के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन को आम नागरिकों का भी समर्थन मिलने लगा है। धरना स्थल पर रोजाना जोरदार नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया जा रहा है। आयोजित सभा महासंघ अध्यक्ष गोपाल कालाकोटी की अध्यक्षता तथा प्रबुद्ध शर्मा के संचालन में संपन्न हुई। सभा में प्रेम प्रकाश, देवेश कुमार, प्रशांत वर्मा, सुभाष पांडे, सुषमा चौहान, परमानंद पुनेठा और बीसी जोशी सहित कई इंजीनियर मौजूद रहे।वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है, जिससे आंदोलन और उग्र होता जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। वहीं ठेकेदारों ने भी हड़ताल को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इस आंदोलन के कारण न केवल निर्माण कार्य ठप हो गए हैं, बल्कि श्रमिकों पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।
