रिपोर्ट 'लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:भंडार बोरा जिला पंचायत से जिला पंचायत सदस्य शैलेश जोशी का निर्वाचन हुआ रद्द कोर्ट का बड़ा फैसला।
Laxman Singh Bisht
Tue, May 12, 2026
भंडार बोरा जिला पंचायत से जिला पंचायत सदस्य शैलेश जोशी का निर्वाचन हुआ रद्द कोर्ट का बड़ा फैसला।

शैलेश जोशी और कमल रावत के बीच हुआ था मुकाबला । चुनाव में गड़बड़ी की वजह से रद्द हुआ निर्वाचन।
कमल रावत की याचिका पर जिला न्यायालय का बड़ा फैसला। कई लोगों की बड़ी दिलों की धड़कने।

जहां कुछ दिन पूर्व चंपावत जिला न्यायालय ने शक्तिपुर बूंगा के जिला पंचायत सदस्य कृष्णानंद जोशी के निर्वाचन को निर्वाचन सूची में दो-दो जगह नाम होने पर उनके चुनाव को रद्द कर दिया था। तो वही आज चंपावत जिला न्यायालय ने एक और बड़ा फैसला देते हुए सभी के दिलों की धड़कनें बढ़ा दी है। मंगलवार को जिला सत्र न्यायालय ने जिले की भंडार बोरा सीट से भाजपा के विजयी प्रत्याशी शैलेश जोशी के निर्वाचन को भी रद्द कर दिया है न्यायालय ने यह फैसला कमल रावत की मतगणना में धांधली के आरोप लगाते हुए दी गई याचिका पर किया गया है। मालूम हो चंपावत जिला पंचायत की भंडार बोरा जिला पंचायत सीट में भाजपा समर्थित प्रत्याशी शैलेश जोशी व कमल रावत के बीच कड़ा मुकाबला हुआ था ।जिसमें शैलेश जोशी ने कमल रावत को मात्र 25 वोटो से मात दी थी।

मामले में विपक्षी कमल रावत ने जिला न्यायालय में मतगणना में धांधली तथा उनके वेध मतो को अवैध घोषित करने के आरोप लगाते हुए जिला न्यायालय चंपावत में याचिका दायर की थी। मामले में जिला सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए शैलेश जोशी के चुनाव को रद्द करने के निर्देश दे दिए हैं। न्यायालय के आदेश के बाद अब यह सीट खाली हो गई है। कमल सिंह रावत की ओर से पेरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता राम सिंह बिष्ट ने बताया चुनाव में जितने वोट पड़े थे और जीतने वोट गिने गए थे उनमें 146 वोटो का अंतर रहा है। उन्होंने बताया चुनाव में कुल 6719 वोट पड़े लेकिन 6865 वोट गिने गए इसके अलावा खारिज वोटो की संख्या में भी काफी हेर फेर की गई है। मालूम हो भंडार बोरा सीट से भाजपा समर्थित प्रत्याशी शैलेश जोशी ने कमल रावत को मात्र 25 वोटो से हराया था। मतदान में शैलेश जोशी को 3282 और कमल सिंह रावत को 3257 वोट मिले थे वहीं 278 वोट रद्द घोषित किए गए।

चंपावत जिले में 15 दिन के भीतर न्यायालय के आदेश से जिला पंचायत की दो सीट रिक्त हो चुकी हैं। न्यायालय के लगातार ताबड़तोड़ फैसले से पंचायत के कई प्रतिनिधियों की दिलों की धड़कनें बढ़ गई है। आने वाले समय में कुछ और पंचायत प्रतिनिधियों पर गाज गिर सकती है।.अब लगातार दूसरी सीट पर चुनाव रद्द होने से जिला पंचायत चुनावों की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होने लगे हैं । राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि आने वाले दिनों में जिले की अन्य सीटों पर भी कानूनी संकट गहरा सकता है ।भंडारबोरा सीट का फैसला भाजपा के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है । वहीं विपक्ष और निर्दलीय खेमे को अब भाजपा पर हमले का नया हथियार मिल गया है । चम्पावत की सियासत में अब हर सीट की जीत-हार पर सवाल उठने लगे हैं । राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जिन सीटों पर बेहद कम अंतर से परिणाम आए हैं , वहां भी चुनावी याचिकाओं का दौर शुरू हो सकता है । लगातार सामने आ रहे मामलों ने प्रशासनिक व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया दोनों को कठघरे में खड़ा कर दिया है । अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या चुनाव आयोग और प्रशासन अन्य विवादित सीटों की भी जांच करेगा या नहीं।
