रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:कालूखाड़ मेरौली के बुजुर्गों की गांव की सुध लेने की विधायक व डीएम से गुहार।
Laxman Singh Bisht
Sat, Aug 8, 2026
कालूखाड़ मेरौली के बुजुर्गों की गांव की सुध लेने की विधायक व डीएम से गुहार।

चंपावत ।विधानसभा के कालूखाड़ मेरौली ग्रामसभा के बुजुर्गों ने अपने विधायक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार से उनकी ग्राम सभा की सुध लेने की गुहार लगाई है। बुजुर्ग नारायण दत्त कलखुड़िया व गोविंद बल्लभ तिवारी ने बताया गांव में सुविधा न होने के चलते बड़ी तादाद में गांव से पलायन हो चुका है। उन्होंने कहा बरसों से गांव की 2 किलोमीटर सड़क कच्ची पड़ी है, गांव में जंगली जानवरों का भयंकर आतंक है जिस कारण ग्रामीण खेती तक नहीं कर पाते हैं गांव के अधिकतर खेत खलियान बंजर हो चुके हैं, गांव की पगडंडिया बदहाल हालत में पड़ी है जिसमें चलना तक दूभर होता है। बुजुर्गों ने बताया पहले गांव में 60 से 70 परिवार निवास करते थे पर पलायन के चलते अब गांव में मात्र 8 से 10 ही परिवार रह चुके हैं जिनमें बुजुर्गों की तादाद ज्यादा है। जिन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बुजुर्ग ग्रामीणों ने अपने विधायक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार से उनके गांव में सड़क व रास्तों को पक्का करने के साथ-साथ अन्य सुविधाओं का विस्तार करने की मांग की है। बुजुर्ग ग्रामीणों ने कहा उनकी सुध लेने के लिए कोई अधिकारी व जनप्रतिनिधि तक गांव में नहीं आता है। बुजुर्गों ने कहा अगर जल्द गांव में सुविधाओ का विस्तार नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में पूरा गांव वीरान हो जाएगा । कहा पलायन के चलते गांव के मकान पूरी तरह खंडहर हो चुके हैं। उन्होंने जिलाधिकारी चंपावत से अधिकारियों को भेज कर गांव की समस्याओं के समाधान की मांग की। बुजुर्गों ने कहा हमें गर्व होता है कि हम मुख्यमंत्री जी की विधानसभा के नागरिक है पर गांव में सुविधा न होने के कारण दुख भी होता है। बुजुर्गों ने कहा उनके विधायक उनकी सुध ले।जिससे गांव में बचे हुए परिवार पलायन न करें तथा उनकी जीवन शैली आसान हो सके। अब देखते हैं बुजुर्गों की गुहार पर प्रशासन क्या कदम उठाता है।