Friday 21st of August 2026

ब्रेकिंग

रुद्रपुर में किसानों का कलेक्ट्रेट मे जोरदार प्रदर्शन पुलिस की बेरिकेटिंग तोड़ कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान

लोहाघाट:अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी का नाम उजागर न होने पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष चिराग फर्त्याल ने जताई नाराजग

चंपावत:पुलिस कप्तान ने ली अपराध समीक्षा बैठक उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस अधिकारी हुए सम्मानित

लोहाघाट:एबीवीपी की मांग पर डीएम ने महाविद्यालय के छात्र छात्राओं के परिवहन निगम को दिए पास बनाने के निर्देश।

टनकपुर में सिडकुल स्थापना को लेकर प्रशासन की कार्रवाई तेज संयुक्त टीम ने किया भूमि का स्थलीय निरीक्षण

सूचना

रिपोर्ट:जगदीश जोशी : वन पंचायत सरपंचों को संवैधानिक दर्जा और मानदेय की मांग ,22 अगस्त को होगा हल्द्वानी में विशाल प्रदर्शन

Laxman Singh Bisht

Fri, Aug 21, 2026

वन पंचायत सरपंचों को संवैधानिक दर्जा और मानदेय की मांग ,22 अगस्त को होगा हल्द्वानी में विशाल प्रदर्शन

चंपावत जिले से भी बड़ी तादात में आंदोलन को सफल बनाने हल्द्वानी पहुंचेंगे बन सरपंच

वन पंचायत परामर्शदात्री समिति, कुमाऊं मंडल ने प्रदेश की वन पंचायत के सरपंचों को संवैधानिक दर्जा मानदेय और पूर्ण वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वास्थ्य देने की मांग उठाई है समिति का कहना है कि उत्तराखंड की 11217 वन पंचायत वर्ष 1931 से वन संरक्षण का कार्य कर रही है लेकिन आज भी उन्हें पर्याप्त अधिकार व मानदेय नहीं मिल रहा है समिति के अनुसार वन पंचायतें जंगल ,जल, और जैव विविधता की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है ,इसके बावजूद शासन प्रशासन की उपेक्षा के कारण वनाअग्नि समेत अन्य , कार्य से प्रदेश को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है मांगों को लेकर वन पंचायत सरपंचों ने 22 अगस्त को प्रातः 11:00 बजे से हल्द्वानी में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी कार्यालय से आयुक्त कुमाऊं मंडल कार्यालय तक रैली निकाली जाएगी समिति ने सरपंचों के लिए 3500 रुपए प्रति माह और पंचों को ₹500 रू प्रतिमाह मानदेय स्वीकृत करने की मांग की है। इसके अलावा वन पंचायत को कैंप का कार्बन क्रेडिट की 30% राशि तथा एबीएस बेनिफिट रॉयल्टी से भुगतान किए जाने की मांग की गई है, वन पंचायत को पूर्ण वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार देने समानांतर ग्राम वन पंचायत को समाप्त करने व वन पंचायत नियमावली 2012 के नियम 54 में संशोधन कर राज्य स्तरीय समिति में जिला समन्वयको को पुनः सदस्य बनाने की मांग भी उठाई गई समिति ने वन पंचायत की बनी हुई समितियां में सरपंच को अध्यक्ष बनाए जाने की मांग करते हुए कहा कि अध्यक्ष का पद प्रधान के पास नहीं होना चाहिए साथ ही सभी 11217 वन पंचायतों को एबीएस का लाभ देने सभी वन पंचायत की डिजिटल सीमा निर्धारित करने तथा एक साथ चुनाव कराकर 5 वर्ष का निश्चित कार्यकाल निर्धारित करने की मांग की गई है समिति का दावा है कि इस इन मांगों के पूरा होने से करीब 1 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा पलायन में भी रोक लगेगी और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा। मामले को लेकर उत्तराखंड वन पंचायत के सभी सरपंचों को हल्द्वानी मैं अपना आंदोलन करना है जिसमें कुमाऊं और गढ़वाल के सभी सरपंच वन पंचायत परामर्शदात्री समिति के सदस्यों को उपस्थित होकर सरकार के खिलाफ अपनी मांग को रखने के लिए एक व्यापक आंदोलन की शुरुआत करनी है, जिसमें कल दिनांक 22.8.2026 को जिला चंपावत के सभी अध्यक्ष व सदस्य बड़ी संख्या में आंदोलन को सफल बनाने के लिए हल्द्वानी प्रस्थान करेंगे।

विज्ञापन

जरूरी खबरें