रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : आपदा प्रबंधन को वृहद मॉकड्रिल आपात स्थितियों में चंपावत में परखी गई राहत एवं बचाव दलों की दक्षता।
Laxman Singh Bisht
Wed, Mar 18, 2026
आपदा प्रबंधन को वृहद मॉकड्रिल आपात स्थितियों में परखी गई राहत एवं बचाव दलों की दक्षता
भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, वनाग्नि एवं वन्यजीव हमले जैसी परिस्थितियों पर किया गया यथार्थपरक अभ्यास, रेस्क्यू एवं राहत कार्यों का प्रभावी प्रदर्शन

जनपद चम्पावत में बुधवार को प्राकृतिक आपदाओं एवं आकस्मिक दुर्घटनाओं से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु जिलाधिकारी मनीष कुमार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा एक वृहद ‘पूर्व अभ्यास अभियान’ (मॉकड्रिल) का सफल आयोजन किया गया। इस व्यापक अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता (Response Time) तथा राहत एवं बचाव कार्यों की कार्यकुशलता का यथार्थ परीक्षण करना था।अभियान के अंतर्गत जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से भूस्खलन, सड़क मार्ग अवरुद्ध होने, वन्यजीव हमले, फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) एवं वनाग्नि जैसी आपात स्थितियों की काल्पनिक सूचनाएं प्रसारित की गईं। सूचना मिलते ही सभी संबंधित विभागों—राजस्व, पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य, अग्निशमन एवं वन विभाग—की टीमें तत्काल सक्रिय होकर निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार घटनास्थलों के लिए रवाना हुईं।

तहसीलदार लोहाघाट मोहिउद्दीन के नेतृत्व में लोहाघाट क्षेत्र में भूस्खलन की सूचना पर राहत दल अत्याधुनिक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचा। टीम ने सर्वप्रथम क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए मलबा हटाने का कार्य प्रारंभ किया तथा दबे हुए व्यक्तियों को सावधानीपूर्वक निकालकर स्ट्रेचर के माध्यम से सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। घायलों को मौके पर प्राथमिक उपचार देने के पश्चात एम्बुलेंस के माध्यम से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजने की प्रक्रिया का सफल प्रदर्शन किया गया।टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग-09 के स्वाला क्षेत्र में तहसीलदार/नोडल अधिकारी बृजमोहन आर्या के नेतृत्व में भारी भूस्खलन से मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की गई। जेसीबी एवं अन्य मशीनरी के माध्यम से मार्ग को शीघ्र खोलने, फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकालने तथा ट्रैफिक को व्यवस्थित रूप से संचालित करने का प्रभावी अभ्यास किया गया।

बाराकोट क्षेत्र में बाघ के हमले की सूचना पर रेंजर काली कुमाऊं बाराकोट राजेश जोशी के नेतृत्व में वन विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने तत्काल क्षेत्र को घेरकर भीड़ नियंत्रण किया तथा घायल व्यक्ति को सुरक्षित स्थान पर लाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम को सौंपा। स्वास्थ्य टीम द्वारा मौके पर प्राथमिक उपचार प्रदान करते हुए घायल को एम्बुलेंस से चिकित्सालय भेजा गया।टनकपुर के थ्वालखेड़ा क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति उत्पन्न होने पर तहसीलदार पूर्णागिरि जगदीश नेगी के नेतृत्व में स्थानीय नागरिकों को सायरन एवं माइक के माध्यम से पूर्व सूचना दी गई। तत्पश्चात संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया तथा राहत शिविर स्थापित कर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रदर्शन किया गया।

तहसील पाटी क्षेत्र में वनाग्नि की सूचना पर रेंजर पाटी श्याम सिंह करायत के नेतृत्व में अग्निशमन एवं वन विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से आग पर नियंत्रण पाने की रणनीति अपनाई। फायर लाइन तैयार कर आग को फैलने से रोका गया तथा पानी एवं अन्य संसाधनों की सहायता से आग बुझाने का सफल अभ्यास किया गया।मॉकड्रिल के दौरान संचार व्यवस्था को सक्रिय बनाए रखने, विभिन्न विभागों के बीच त्वरित सूचना आदान-प्रदान, घायलों को समयबद्ध चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की कार्यप्रणाली का भी सफल परीक्षण किया गया।

जिला आपदा परिचालन केंद्र से जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के नेतृत्व में समस्त आईआरएस (Incident Response System) नामित सदस्यों द्वारा मॉकड्रिल की सतत मॉनिटरिंग की गई, जिससे प्रत्येक गतिविधि पर प्रभावी नियंत्रण एवं समन्वय सुनिश्चित किया जा सका।जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि आपदा कभी पूर्व सूचना देकर नहीं आती, इसलिए हमारी तैयारी और अभ्यास निरंतर रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस मॉकड्रिल के माध्यम से न केवल हमारी क्षमताओं का आकलन हुआ है, बल्कि सुधार के क्षेत्रों की भी पहचान हुई है। प्रशासन का लक्ष्य है कि आपदा की स्थिति में त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी राहत प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक समय पर पहुंचाई जा सके।

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे नियमित अभ्यासों से विभागों के बीच तालमेल और अधिक सुदृढ़ होता है, जो वास्तविक आपदा की स्थिति में निर्णायक भूमिका निभाता है तथा जन-धन की हानि को न्यूनतम करने में सहायक सिद्ध होता है।इस अवसर पर आपातकालीन परिचालन केंद्र में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, उप जिलाधिकारी अनुराग आर्या, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। मॉकड्रिल में राजस्व विभाग, पुलिस, एसडीआरएफ, जल पुलिस, चिकित्सा विभाग, पशु चिकित्सा विभाग तथा एसएसबी के अधिकारी एवं कार्मिकों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने-अपने दायित्वों का सफल निर्वहन किया।