: चंपावत:आदर्श चंपावत में वन विभाग ने नहीं बनाई कार्य योजना/ करोड़ों के राजस्व का हुआ नुकसान/ वन विभाग के अधिकारियों की बड़ी लापरवाही आई सामने/ पिछले तीन वर्षों से नहीं बनी कार्य योजना ग्रामीणों ने उठाई जांच की मांग
Laxman Singh Bisht
Thu, Nov 28, 2024
आदर्श चंपावत में वन विभाग ने नहीं बनाई कार्य योजना करोड़ों के राजस्व का हुआ नुकसान वन विभाग के अधिकारियों की बड़ी लापरवाही आई सामने पिछले तीन वर्षों से नहीं बनी कार्य योजना ग्रामीणों ने उठाई जांच की मांग
आदर्श जनपद चंपावत में वन विभाग के अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है वन विभाग की कार्य योजना जो 10 साल के लिए बनाई जाती है चंपावत जिले में 2021 में समाप्त हो चुकी है लेकिन वन विभाग के अधिकारियों ने 3 साल बीत जाने के बाद भी कार्य योजना को बनाना जरूरी नहीं समझा जिस कारण शासन को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ है जबकि ग्रामीण , लीसा व बन ठेकेदारों के द्वारा कई बार वन विभाग के अधिकारियों को कार्य योजना बनाने की मांग लिखित व मौखिक तौर पर दी गई पर अधिकारियों के द्वारा मामले का संज्ञान लेना जरूरी नहीं समझा गया जबकि प्रदेश के अन्य 12 जनपदों में वन विभाग की कार्य योजना बन चुकी है सिर्फ अधिकारियों की लापरवाही के चलते मुख्यमंत्री काआदर्श जनपद चंपावत कार्य योजना से अछूता है ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा बिना कार्य योजना के वन विभाग में जो कार्य हो रहे हैं वह सब अवैध है जो कि जांच का विषय है लोगों ने कहा वन विभाग की कार्य योजना न बनने से ग्रामीणों को दिया जाने वाला हक हकूक, पीडी ,आरक्षित वन क्षेत्र से लीसा निकासी कार्य, सूखे खड़े पेड़ों व गिरे पेड़ों का कटान ,जड़ी बूटी निकासी व अन्य कई महत्वपूर्ण कार्य पिछले तीन वर्षों से पूरी तरह प्रभावित हो चुके हैं जिस कारण ग्रामीणों को काफी नुकसान होने के साथ-साथ सरकार को बड़ी राजस्व हानि हो रही है ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा बिना कार्य योजना के वन विभाग में कार्य योजना से संबंधित जो भी कार्य चल रहे हैं सब अवैध है ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से जल्द कार्य योजना तैयार करने तथा मामले की जांच कर लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है अब तीन साल तक कार्य योजना क्यों नहीं बन इसका जवाब तो वन विभाग के अधिकारी ही दे सकते है
आदर्श जनपद चंपावत में वन विभाग के अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है वन विभाग की कार्य योजना जो 10 साल के लिए बनाई जाती है चंपावत जिले में 2021 में समाप्त हो चुकी है लेकिन वन विभाग के अधिकारियों ने 3 साल बीत जाने के बाद भी कार्य योजना को बनाना जरूरी नहीं समझा जिस कारण शासन को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ है जबकि ग्रामीण , लीसा व बन ठेकेदारों के द्वारा कई बार वन विभाग के अधिकारियों को कार्य योजना बनाने की मांग लिखित व मौखिक तौर पर दी गई पर अधिकारियों के द्वारा मामले का संज्ञान लेना जरूरी नहीं समझा गया जबकि प्रदेश के अन्य 12 जनपदों में वन विभाग की कार्य योजना बन चुकी है सिर्फ अधिकारियों की लापरवाही के चलते मुख्यमंत्री काआदर्श जनपद चंपावत कार्य योजना से अछूता है ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा बिना कार्य योजना के वन विभाग में जो कार्य हो रहे हैं वह सब अवैध है जो कि जांच का विषय है लोगों ने कहा वन विभाग की कार्य योजना न बनने से ग्रामीणों को दिया जाने वाला हक हकूक, पीडी ,आरक्षित वन क्षेत्र से लीसा निकासी कार्य, सूखे खड़े पेड़ों व गिरे पेड़ों का कटान ,जड़ी बूटी निकासी व अन्य कई महत्वपूर्ण कार्य पिछले तीन वर्षों से पूरी तरह प्रभावित हो चुके हैं जिस कारण ग्रामीणों को काफी नुकसान होने के साथ-साथ सरकार को बड़ी राजस्व हानि हो रही है ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा बिना कार्य योजना के वन विभाग में कार्य योजना से संबंधित जो भी कार्य चल रहे हैं सब अवैध है ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से जल्द कार्य योजना तैयार करने तथा मामले की जांच कर लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है अब तीन साल तक कार्य योजना क्यों नहीं बन इसका जवाब तो वन विभाग के अधिकारी ही दे सकते है