: चंपावत:सनातन और सनातनी सुरक्षित रहेंगे तो तभी देश सुरक्षित रहेगा - अजय जी।
Laxman Singh Bisht
Sun, Nov 17, 2024देवभूमि उत्तराखंड की बदलती डेमोग्राफी यहां की संस्कृति व प्रकृति के है एकदम खिलाफ।
- चंपावत। विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय संगठन मंत्री अजय जी ने देश में चल रहे ताजा हालातों को देखते हुए सनातनियों को आगाह किया कि वह समय की नजाकत को समझते हुए इस बात को तय करें कि आखिर सनातन के विरुद्ध नियोजित रूप से जो षड्यंत्र चल रहा है,उसके पीछे कौन सी शक्तियां हैं? उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि जब-जब सनातनी कमजोर हुए तब-तब देश की सीमाएं सिकुड़ती गई और जब-जब वे निष्क्रिय रहे तो देश में ही सुरक्षित होने लगे। विहिप के जिला अध्यक्ष मोहित पाण्डे की अध्यक्षता में हुई बैठक में कार्यकर्ताओं ने ताजा स्थिति पर अपनी गंभीर चिंता जहिर करते हुए कहा कि सनातनियों ने दूरगामी सोच के साथ संगठित होकर अपनी ताकत का अहसास नहीं कराया तो उसके लिए कोई दूसरा नहीं आएगा। इस तथ्य को आज सभी लोग स्वीकार करने लगे हैं कि सनातन की सुरक्षा से ही देश व उसकी सीमाओं को कोई भी ताकत कमजोर नहीं कर सकती। बैठक में कार्यकर्ताओं को कहना था कि यह एक सोची समझी साजिश के तहत देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति एवं प्रकृति को बदलने का प्रयास किया जा रहा है। इस कार्य में कुछ राजनीतिक दलों की भूमिका इतनी खतरनाक है कि वे अपने राजनीतिक लाभ के लिए देश को ऐसी हालत में धकेलना चाहते हैं जैसे चील के घोंसले में रखे मांस के टुकड़े की होती है। वक्ताओं का कहना था कि सनातनियों के मूकदर्शक बनने का विधर्मियों ने खूब लाभ उठाया। आज वही विधर्मी उन लोगों के लिए जान का खतरा बने हुए हैं जिन्होंने उनकी हर स्तर पर मदद की थी। वक्ताओं का यह भी कहना था कि आज जीवन के हर क्षेत्र में एक वर्ग विशेष की ऐसी पैठ बन गई है जिनका बायकाट कर सनातनियों को मजबूत करना होगा। सनातनी सांप।को दूध पिलाने की प्रवृत्ति छोड़ दें। उन्हें मालूम होना चाहिए कि सांप का डंक मारना उसके खून में मिला हुआ है। इस अवसर पर सभी से मुट्ठी की तरह एकजुट होकर भारत माता।की आन-बान व शान के लिए अपनी शक्ति व सामर्थ्य से परिचित कराने के लिए आगे आना होगा। इससे पूर्व यहां पहुंचने पर अजय जी का कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी ने कहा की यूपी के मुख्यमंत्री योगी जी महाराज ने संगठित रहोगे, नेक रहोगे, सुरक्षित रहोगे के नारे को समय की चेतावनी बताते हुए सभी से संगठित होने की अपील की।