रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : खटीमा:स्कूल मे खराब भोजन-दूषित पानी मिलने से भड़के छात्र धरने के बाद हटाए गए प्रधानाचार्य
स्कूल मे खराब भोजन-दूषित पानी मिलने से भड़के छात्र धरने के बाद हटाए गए प्रधानाचार्य

ऊधम सिंह नगर जिले के खटीमा के एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में अव्यवस्थाओं को लेकर सोमवार को छात्र-छात्राओं और अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। विद्यालय में खराब भोजन, दूषित पानी, बिजली जाने पर जनरेटर न चलाने, शिक्षकों की कमी और अभिभावकों को बच्चों से मिलने की अनुमति न दिए जाने के आरोप लगाते हुए छात्र-छात्राएं धरने पर बैठ गए।मामले की सूचना मिलते ही खटीमा विधायक भुवन चंद्र कापड़ी समेत तमाम नेताओं और जनजाति समाज के प्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। विधायक ने विद्यालय की मैस का निरीक्षण किया और कथित तौर पर एक्सपायरी चावल और गुड़ मिलने का दावा किया। मामला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंचने के बाद जनजाति कल्याण निदेशालय को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। शासन के आदेश के बाद विद्यालय के प्रधानाचार्य को तत्काल प्रभाव से हटाने की कार्रवाई की गई। खटीमा के एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब छात्र-छात्राएं अपने अभिभावकों के साथ विद्यालय की व्यवस्थाओं के खिलाफ धरने पर बैठ गए। बच्चों और अभिभावकों का आरोप था कि विद्यालय में भोजन की गुणवत्ता ठीक नहीं है, पीने का पानी दूषित है और बिजली चले जाने के बाद जनरेटर की सुविधा भी नहीं दी जाती।इसके अलावा शिक्षकों की कमी और अभिभावकों को बच्चों से मिलने पर रोक लगाए जाने को लेकर भी नाराजगी जताई गई।धरने की सूचना मिलते ही खटीमा विधायक भुवन चंद्र कापड़ी मौके पर पहुंचे और विद्यालय की मैस का निरीक्षण किया।विधायक ने भोजन सामग्री का जायजा लेते हुए कथित तौर पर एक्सपायरी चावल और गुड़ मिलने का दावा किया। उन्होंने बच्चों को मिल रही सुविधाओं और विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठाए। वहीं नानकमत्ता विधायक गोपाल सिंह राणा ने भी बच्चों के साथ हो रही कथित अनियमितताओं की निंदा करते हुए व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार की मांग की।मामला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंचने के बाद जनजाति कल्याण निदेशालय को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। शासन के आदेश के बाद विद्यालय के प्रधानाचार्य को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने की कार्रवाई की गई। भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश भट्ट ने भी बताया कि प्रधानाचार्य को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। वहीं अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों के बीच बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यालय की व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए एक कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया, ताकि बच्चों को बेहतर भोजन, स्वच्छ पानी, पर्याप्त शिक्षण व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाएं मिल सकें। तहसीलदार ने भी बच्चों और अभिभावकों की मांगों को जायज बताते हुए विद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार का भरोसा दिलाया। सांसद प्रतिनिधि रविन्द्र राणा ने मौके पर पहुंचकर बच्चों और अभिभावकों के प्रति संवेदना जताई। जिला जनजाति कल्याण अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि विद्यालय के प्रधानाचार्य के खिलाफ मिली शिकायत को विभाग के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया था, जिसके बाद प्रधानाचार्य को हटाने की कार्रवाई की गई। आदिवासी समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक राणा ने भी विद्यालय में बच्चों के साथ कथित तौर पर हुई अनियमितताओं को निंदनीय बताते हुए व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की।फिलहाल प्रधानाचार्य को हटाए जाने के बाद बच्चों और अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। छात्र-छात्राओं ने साफ कहा कि उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि विद्यालय में बेहतर भोजन, स्वच्छ पानी, पर्याप्त शिक्षक और सुरक्षित माहौल चाहिए।अब देखना होगा कि गठित निगरानी कमेटी और विभागीय कार्रवाई के बाद एकलव्य विद्यालय की व्यवस्थाओं में कितना सुधार आता है।