Friday 24th of July 2026

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लोहाघाट :विधानसभा का बोलता विकास बलाई में बच्चों के स्कूल जाने तक को नहीं है ढंग के रास्ते।

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रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट :विधानसभा का बोलता विकास बलाई में बच्चों के स्कूल जाने तक को नहीं है ढंग के रास्ते।

Laxman Singh Bisht

Fri, Jul 24, 2026

लोहाघाट विधानसभा का बोलता विकास बलाई में बच्चों के स्कूल जाने तक को नहीं है ढंग के रास्ते।

ग्रामीणों के आरोप चुनाव के समय जनप्रतिनिधि करते हैं बड़े-बड़े वादे फिर जाते है भूल।

चंपावत जिले को मॉडल जिला बनाने की बाते सुनने को मिल रही है और जिले के चारों ब्लॉक में चहुमुखी विकास की बातें सत्ताधारी व विपक्षी नेताओं के द्वारा खूब कही जा रही है ।पर धरातल में हकीकत कुछ और ही है। जहां आज कई तोक सड़कों से वंचित है तो वहीं कई सड़के आज बरसों के बाद भी डामरीकरण का इंतजार कर रही है तो कहीं बच्चे 25 से 30 किलोमीटर पैदल 40 स्कूल पहुंच रहे हैं। तो वही आदर्श चंपावत जिले के लोहाघाट ब्लॉक का बलाई गांव जो जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर और लोहाघाट से मात्र 5 से 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गांव के ग्रामीण पूरन सिंह ने जानकारी देते हुए बताया जहां पर आज भी पैदल चलने के लिए स्कूली बच्चों के लिए अच्छे रास्ते की व्यवस्था तक नहीं है। पूरन सिंह ने कहा सड़क है कि खेत है समझ में नहीं आता है। जहा यातायात और अन्य सुविधा जो रोजमर्रा की जरूरत है, जैसे बच्चों का स्कूल जाना, दूध पहुंचना, सब्जी पहुंचना और मार्केट से सामान लेकर आना अपने घर गृहस्ती के चलाने के लिए अन्य चीजों के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है जो काफी निंदनीय है। ग्रामीण पूरन सिंह ने कहा जनप्रतिनिधि अपनी और अपनी पार्टी की वाह वाही करने और सरकार अपनी छवि को सोशल मीडिया अन्य प्लेटफार्म पर बखूबी बयां कर रही है । पूरन सिंह ने कहा क्या मॉडल जिला होने के नाते जिले के 5 से 15 किलोमीटर दूर जो गांव है उन गांव में विकास नहीं होना चाहिए क्या वहां के लोगों की जरूरते नहीं है? क्या उनकी परेशानी के समाधान के लिए शासन प्रशासन, स्थानीय विधायक व सरकार को सोचना चाहिए । पूरन सिंह ने बताया बारिश में बहुत ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं और जंगली जानवरों का बहुत भय रहता है। जिसके कारण पहाड़ में कई दुर्घटनाएं हो जाती हैं कई माताएं अपने बच्चों को खो देती हैं कई बुजुर्गों की गिरने से मृत्यु हो जाती है। उन्होंने कहा अत्यंत दुख हो रहा है कि जिस जिले को मॉडल जिला बनाने की बात कही जा रही है ।उस जिले के आसपास के गांव मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। सरकार को सड़के व पैदल रास्तो को ठीक करना चाहिए। स्कूली शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा पर कार्य करना चाहिए। आज भी आदर्श जिला चंपावत के कई गांव मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं पर जनप्रतिनिधि सरकार की वाह वाही करने में लगे हुए हैं। विकास शहरों में नहीं गांवो में धरातल पर नजर आना चाहिए।

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