रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:मांगों को लेकर नौवे दिन भी धरने में डटे रहे चेतराम। लोक निर्माण विभाग कार्यालय में चल रहा है धरना
Laxman Singh Bisht
Wed, Jun 3, 2026
मांगों को लेकर नौवे दिन भी धरने में डटे रहे चेतराम। लोक निर्माण विभाग कार्यालय में चल रहा है धरना

मांग पूरी न होने तक जारी रहेगा अनिश्चितकालीन धरना।

चेतराम का धरना लोक निर्माण विभाग के लिए बना सर दर्द।

लोहाघाट।अपनी मांगों को लेकर लोहाघाट के लोक निर्माण विभाग कार्यालय में धरना दे रहे बुजुर्ग चेतराम गुरुवार को नौवे दिन भी लोक निर्माण विभाग कार्यालय लोहाघाट में धरने में डटे रहे। बुजुर्ग चेतराम ने चेतावनी देते हुए कहा जब तक उनकी मांगे नहीं मानी गई उनका अनशन जारी रहेगा। अपनी मांगों को लेकर बुजुर्ग चेतराम 116 वीं बार धरने में डटे रहे। बुजुर्ग चेतराम ने कहा वह लगभग 33 वर्षों से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे पर हर बार उन्हें प्रशासन व विभाग से आश्वासन मिले पर मांग पूरी नहीं हुई। उन्होंने कहा वर्ष 1993 में लोक निर्माण विभाग लोहाघाट के द्वारा उन्हें मस्टरोल के तहत राजमिस्त्री के पद पर रखा गया था तथा वर्ष 1995 में लोहाघाट महाविद्यालय निर्माण के दौरान वह निर्माणाधीन भवन की छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे उनकी किडनी भी डैमेज हो गई थी। जिसे हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल में ऑपरेशन कर निकाल गया। पर विभाग के द्वारा उन्हें कोई मुआवजा नहीं दिया गया जबकि इलाज में उनका 6 लाख 18 हजार रुपए खर्च हो चुका है तथा तीन नाली भूमि उनके द्वारा गिरवी रखी गई है और वह अभी भी कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित है जिसका उपचार चल रहा है। चेतराम ने कहा जब तक उनके बेटे को नौकरी व उनका इलाज में आया खर्च 6लाख 18 हजार रुपया उन्हें नहीं दिया जाता है उनका धरना लगातार जारी रहेगा। कहा उन्हें बार-बार आश्वासन दिया गया पर मुआवजा नहीं। चेतराम ने कहा मांगे ना माने जाने पर वह बिना किसी को बताया आत्महत्या भी कर सकते है। कहा अगर अनशन के दौरान उन्हें कुछ भी होता है उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की होगी। कहा जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती है उनका आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल बुजुर्ग चेतराम का धरना लोक निर्माण विभाग लोहाघाट के लिए सर दर्द बन गया है। बिना मांगे पूरे हुए चेतराम धरना छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। अब देखने वाली बात यह है कि प्रशासन बुजुर्ग चेतराम के धरने को किस रूप में लेता है। क्या इस बार चेतराम की मांगे पूरी होगी या फिर पूर्व की तरह आश्वासन देकर उनके धरने को खत्म कराया जाता है।
