: लोहाघाट:मुख्यमंत्री घस्यारी योजना को लगा ग्रहण कई महीनो से पशुपालकों को नहीं मिल पा रहा है साईलेज पशुपालक परेशान
Laxman Singh Bisht
Thu, Jun 20, 2024पशुपालकों का दर्द सुने सरकार मुख्यमंत्री घस्यारी योजना का लाभ न मिलने से सैकड़ो गांव प्रभावित
सरकार द्वारा पशुपालकों को राहत देने व जंगलों को बचाने के लिए मुख्यमंत्री घस्यारी योजना चलाई गई थी जिसमें पशुपालकों को रियायती दरों में पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराया जा रहा था जिसका संचालन सहकारिता विभाग के माध्यम से किया जा रहा था वही चंपावत जिले के लोहाघाट में इस योजना को ग्रहण लग गया है कई महीनो से पशुपालकों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है गुरुवार को लोहाघाट के सुई क्षेत्र के पशुपालक मोहन चंद्र चौबे व अन्य पशुपालकों ने बताया कई महीनो से सहकारी समितियां में पशुपालकों को साइलेज नहीं मिल पा रहा है जिस कारण पशुपालकों को बाजार से दुगने दामों में पशु आहार खरीदना पड़ रहा है चौबे ने बताया उन्होंने बैंक ऋण लेकर पशुपालन किया है लेकिन अब चारे के अभाव में गौशाला में मौजूद पशुओं को पालना काफी मुश्किल हो रहा है
बाजार से दुगने दामों में पशु आहार खरीदना पड़ रहा है उन्होंने बताया इस समस्या को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल तथा विभागीय अधिकारियों के सामने शिकायत दर्ज कराई पर अभी तक समस्या का समाधान विभाग द्वारा नहीं किया गया है जिस कारण पूरे क्षेत्र के पशुपालक काफी परेशान है उन्होंने बताया इस बार जंगलों में आग लगने से जंगलों से भी पशुओं को चारा नहीं मिल पा रहा है तथा साईलेज ना मिलने का असर दुग्ध उत्पादन में पड़ा है जिस कारण किसानों की आजीविका प्रभावित हो रही है तथा पशुओं को भरपेट भोजन भी नहीं मिल पा रहा है उन्होंने उन्होंने कहा एक और सरकार पशुपालन को बढ़ावा देने की बात कर रही है वहीं दूसरी ओर पशुपालकों को पशुओं के लिए चारा तक उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा है
उन्होने मुख्यमंत्री व सहकारिता मंत्री से जल्द पशुपालकों को योजना का लाभ देने की मांग की है वही चांदमारी साधन सहकारी समिति के सचिव महेश बोरा ने बताया साईलेज सप्लाई करने वाली कंपनी के मुताबिक विभाग द्वारा उन्हें सब्सिडी का करोड़ों रुपया अभी तक नहीं दिया गया है जिस कारण उनके द्वारा साइलेज की सप्लाई बंद कर दी है वोहरा ने बताया अधिकारियों की कंपनी से बात चल रही है जल्द समस्या का समाधान कर दिया जाएगा वही महीनो से योजना का लाभ न मिलने से क्षेत्र के पशुपालको में विभाग के खिलाफ काफी आक्रोश है
पशुपालक विभाग से जल्द से जल्द साईलेज उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं मालूम हो लोहाघाट क्षेत्र में पशुपालन किसानो की आजीविका का सबसे बड़ा सहारा है

सरकार द्वारा पशुपालकों को राहत देने व जंगलों को बचाने के लिए मुख्यमंत्री घस्यारी योजना चलाई गई थी जिसमें पशुपालकों को रियायती दरों में पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराया जा रहा था जिसका संचालन सहकारिता विभाग के माध्यम से किया जा रहा था वही चंपावत जिले के लोहाघाट में इस योजना को ग्रहण लग गया है कई महीनो से पशुपालकों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है गुरुवार को लोहाघाट के सुई क्षेत्र के पशुपालक मोहन चंद्र चौबे व अन्य पशुपालकों ने बताया कई महीनो से सहकारी समितियां में पशुपालकों को साइलेज नहीं मिल पा रहा है जिस कारण पशुपालकों को बाजार से दुगने दामों में पशु आहार खरीदना पड़ रहा है चौबे ने बताया उन्होंने बैंक ऋण लेकर पशुपालन किया है लेकिन अब चारे के अभाव में गौशाला में मौजूद पशुओं को पालना काफी मुश्किल हो रहा है
बाजार से दुगने दामों में पशु आहार खरीदना पड़ रहा है उन्होंने बताया इस समस्या को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल तथा विभागीय अधिकारियों के सामने शिकायत दर्ज कराई पर अभी तक समस्या का समाधान विभाग द्वारा नहीं किया गया है जिस कारण पूरे क्षेत्र के पशुपालक काफी परेशान है उन्होंने बताया इस बार जंगलों में आग लगने से जंगलों से भी पशुओं को चारा नहीं मिल पा रहा है तथा साईलेज ना मिलने का असर दुग्ध उत्पादन में पड़ा है जिस कारण किसानों की आजीविका प्रभावित हो रही है तथा पशुओं को भरपेट भोजन भी नहीं मिल पा रहा है उन्होंने उन्होंने कहा एक और सरकार पशुपालन को बढ़ावा देने की बात कर रही है वहीं दूसरी ओर पशुपालकों को पशुओं के लिए चारा तक उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा है
उन्होने मुख्यमंत्री व सहकारिता मंत्री से जल्द पशुपालकों को योजना का लाभ देने की मांग की है वही चांदमारी साधन सहकारी समिति के सचिव महेश बोरा ने बताया साईलेज सप्लाई करने वाली कंपनी के मुताबिक विभाग द्वारा उन्हें सब्सिडी का करोड़ों रुपया अभी तक नहीं दिया गया है जिस कारण उनके द्वारा साइलेज की सप्लाई बंद कर दी है वोहरा ने बताया अधिकारियों की कंपनी से बात चल रही है जल्द समस्या का समाधान कर दिया जाएगा वही महीनो से योजना का लाभ न मिलने से क्षेत्र के पशुपालको में विभाग के खिलाफ काफी आक्रोश है
पशुपालक विभाग से जल्द से जल्द साईलेज उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं मालूम हो लोहाघाट क्षेत्र में पशुपालन किसानो की आजीविका का सबसे बड़ा सहारा है
