रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:कांस्टेबल हेम महरा ने सड़क में पड़े 34 हजार रूपए लौटा कर दिया ईमानदारी का परिचय।
कांस्टेबल हेम महरा ने सड़क में पड़े 34 हजार रूपए लौटा कर दिया ईमानदारी का परिचय।
लोहाघाट।ईमानदारी आज भी जिंदा है। जिसका उदाहरण आज मंगलवार को लोहाघाट में देखने को मिला। सोमवार को बाराकोट के काकड़ निवासी गोपाल लोहाघाट बाजार आए हुए थे उनके पास 34 हजार रुपए की नगदी थी जो बाजार में सड़क में गिर गई।काफी ढूंढने के बाद भी पैसे नहीं मिल पाए ।जिस कारण गोपाल व उनका परिवार काफी परेशान हो गया। 34 हजार रूपए की बड़ी रकम लोहाघाट थाने में तैनात यातायात कर्मी कांस्टेबल हेम महरा को मिली। जिसे उन्होंने संभाल कर अपने पास रख लिया और रकम स्वामी का पता लगाने में जुट गए। काफी मेहनत के बाद उन्हें रकम स्वामी काकड़ निवासी गोपाल का पता चला। कांस्टेबल मेहरा के द्वारा फोन के माध्यम से उनसे संपर्क किया और अपनी रकम ले जाने को कहा। आज मंगलवार को गोपाल की बेटी सपना व पत्नी मंजू देवी लोहाघाट पहुंचे तथा कांस्टेबल हेम महरा से संपर्क किया। कांस्टेबल महरा के द्वारा 34 हजार 40 रुपए की नकदी सकुशल उन्हें सौंप दी गई। अपनी रकम पाकर दोनों मां बेटी अत्यधिक प्रसन्न हुई और उनके द्वारा कांस्टेबल हेम महरा की ईमानदारी की सराहना करते हुए उन्हें तथा चंपावत पुलिस को धन्यवाद दिया गया। कहा ईमानदारी आज भी जिंदा है कांस्टेबल महरा जैसे लोग आज भी मौजूद हैं कहा उन्हें विश्वास नहीं था कि उनके पैसे उन्हें वापस मिलेंगे। उन्होंने कांस्टेबल महरा को इनाम भी देना चाहा पर कांस्टेबल महरा ने हंसते हुए मना कर दिया। उन्होंने कहा उन्हें उनका इनाम आपकी रकम लौट कर मिल चुका है। मालूम हो कांस्टेबल महरा के द्वारा कई लोगों का खोया हुआ सामान रकम व जेवर लौटाया जा चुका है। वही जनता के द्वारा कांस्टेबल हेम महरा की ईमानदारी की सराहना की जा रही है। लोगों ने कांस्टेबल महरा को पुरुस्कृत करने की मांग की है।