Wednesday 8th of April 2026

ब्रेकिंग

नगर पंचायत पाटी निर्वाचन हेतु निर्वाचन एवं सहायक निर्वाचन अधिकारियों की नियुक्ति

लोहाघाट:डॉ. सनवाल के निर्देशन में कविता को पीएचडी की उपाधि हेतु मौखिक परीक्षा सफलता पूर्वक सम्पन्न l

चंपावत।नगर पंचायत पाटी के वार्ड आरक्षण हेतु प्राप्त आपत्तियों का जिलाधिकारी ने किया निस्तारण

चंपावत:मदिरा की बोतलों पर पुरानी दर और वसूली जा रही नई कीमत के संशय को आबकारी विभाग ने किया दूर

लोहाघाट:दिगालीचौड़ क्षेत्र में भीषण सड़क हादसा 500 मीटर गहरी खाई में गिरी ऑल्टो दो गंभीर।हायर सेंटर रेफर

रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:बसौटा के प्रा0 विद्यालय के बदहाल पैदल मार्ग को दुरुस्त करने की प्रशासन से मांग। नौनिहालो को खतरा

Laxman Singh Bisht

Wed, Apr 8, 2026

बसौटा के प्रा0 विद्यालय के बदहाल पैदल मार्ग को दुरुस्त करने की प्रशासन से मांग। छात्र छात्रों को खतरा

स्कूली छात्रों व ग्रामीणों को खतरा बरसों से बदहाल पड़ा है पैदल मार्ग।

प्रशासन से सीमांत गांव की सुध लेने की अपील।

चंपावत जिले के लोहाघाट ब्लॉक की नेपाल सीमा से लगी ग्राम पंचायत बगोटी के तोक बसोटा से राजकीय प्राथमिक विद्यालय बगोटी तक रास्ता लंबे समय से बदहाल होने के कारण स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को काफ़ी दिक्कतों व खतरे का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता भुवन सिंह बिष्ट ने जानकारी देते हुए बताया इस सीमांत गांव में विकास के नाम पर बिल्कुल भी शून्य काम होता रहा है ना इस रास्ते के बारे में आज तक किसी ने सोचा न ही कोई संज्ञान लिया। गांव के इस बदहाल पैदल मार्ग के कारण लोगों व स्कूल के बच्चों को बारिश के समय इस रास्ते में अपनी जान जोखिम में डालकर जाना पड़ता है। कहा यह राजकीय प्राथमिक विद्यालय बगोटी स्कूल के लिए एकमात्र रास्ता है। और गांव को जोड़ने वाला भी रास्ता है।

हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा को लगने वाले स्थानीय मेला नगरूघाट मेला जो सल्टा से शुरू होते हुए इसी रास्ते से बसोटा नागार्जुन बाबा मंदिर तक देव डांगर को कंधे में बैठाकर लाना पड़ता है। काफी समस्या होने के बाद भी आज तक न इस और जनप्रतिनिधियों ने इस और ध्यान दिया न ही प्रशासन स्तर से अभी तक इसमें कार्रवाई हुई है। बिष्ट ने कहा इस रास्ते की समस्या से शिक्षा पर भी बहुत असर पड़ रहा है। स्कूली बच्चे अकेले स्कूल तक नहीं जा पाते हैं इस रास्ते से क्योंकि इस रास्ते में खतरा बना हुआ है। बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल तक अपने बच्चों को पहुंचाने के लिए रोज जाना पड़ता है। पलायन भी बढ़ते जा रहा है। आर्थिक रुप से मजबूत ग्रामीण अपने बच्चों को प्राईवेट स्कूल में भेज चुके हैं और आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावक अभी भी सरकारी स्कूल में ही बच्चों को पढ़ा रहे हैं। भुवन बिष्ट ने अगर इस रास्ते को पक्का नहीं किया जाता है तो बचे हुए बच्चों के अभिभावक भी अपने बच्चों के सुरक्षा को देखते हुए प्राईवेट स्कूल में भेजने को मजबूर हो जाएंगे। कहा अन्य ग्राम सभाओ में रास्तों में इंटरलॉकिंग टायल तक लग गए हैं। परंतु इस रास्ते को अभी तक पक्का नहीं किया गया है। जिस कारण अब लोगों की प्रशासन स्तर से भी उम्मीद टूट चुकी है।

उन्होंने कहा यह एक चिंता का विषय बन गया है अभी 2 महीने बाद बरसात का मौसम शुरू हो जायेगा। बच्चों का इस रास्ते से जा पाना मुश्किल हो जाएगा फिर स्कूल से वंचित रहना पड़ेगा। बसोटा से राजकीय प्राथमिक विद्यालय बगोटी तक की दूरी लगभग एक किलोमीटर से ऊपर है। उन्होंने प्रशासन से इस समस्या का समाधान करते हुए रास्ते को पक्का यह जाने की मांग की है । कहा अगर समस्या पर कोई अमल नहीं किया जाता है। तो कभी किसी व्यक्ति या स्कूली छात्रों के साथ घटना होती है तो उसका जिम्मेदार प्रशासन रहेगा। उन्होंने शासन प्रशासन से इन सीमांत गांवो की भी सुध लेने की अपील की है। कहा आज भी गाव एक पक्के पैदल रास्ते के लिए तरस रहाहै।है

जरूरी खबरें