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लोहाघाट:दूरस्थ क्षेत्र के जूनियर स्कूल पासम में आधुनिक तकनीक से शिक्षा की शुरुआत

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रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:दूरस्थ क्षेत्र के जूनियर स्कूल पासम में आधुनिक तकनीक से शिक्षा की शुरुआत

Laxman Singh Bisht

Wed, Mar 11, 2026

दूरस्थ क्षेत्र के जूनियर स्कूल पासम में आधुनिक तकनीक से शिक्षा की शुरुआत

लोहाघाट (चम्पावत)। भारत–नेपाल सीमा से लगे दूरस्थ सीमांत क्षेत्र में स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पासम में अब आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षा का नया दौर शुरू हो गया है। विद्यालय में स्मार्ट क्लास की शुरुआत होने से विद्यार्थियों को अब डिजिटल माध्यम से पढ़ाई कराई जा रही है, जिससे पढ़ाई पहले की तुलना में अधिक रोचक, सरल और प्रभावी बन गई है।विद्यालय के प्रधानाध्यापक नरेश जोशी के विशेष प्रयासों से विद्यालय में स्मार्ट डिजिटल बोर्ड, स्मार्ट टीवी,कंप्यूटर, सीसी टीवी आदि की व्यवस्था की गई है। इन आधुनिक उपकरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को अब विभिन्न विषयों की पढ़ाई वीडियो, चित्र, एनिमेशन और डिजिटल सामग्री के जरिए कराई जा रही है। इससे बच्चों की विषयों को समझने की क्षमता में वृद्धि होगी और वे पढ़ाई में अधिक रुचि लेंगे।प्रधानाध्यापक नरेश जोशी ने बताया कि सीमांत क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी शहरों और निजी विद्यालयों के बच्चों की तरह आधुनिक तकनीक से जोड़ना उनका मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लास के माध्यम से बच्चों को कठिन विषय भी आसानी से समझ में आएंगे और उनकी सीखने की क्षमता में सुधार होगा। इससे विद्यार्थियों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा और वे प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सकेंगे।स्मार्ट क्लास की शुरुआत पर ग्राम प्रधान चंद्रकांत तिवारी और विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मोहन सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल से क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिलेगा। उन्होंने प्रधानाध्यापक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सीमांत क्षेत्र के विद्यालय में इस प्रकार की डिजिटल सुविधा उपलब्ध होना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।विद्यालय में स्मार्ट कक्षाओं के संचालन से विद्यार्थियों और अभिभावकों में खुशी का माहौल है। बच्चों ने भी उत्साह के साथ डिजिटल माध्यम से पढ़ाई शुरू की है और नई तकनीक से सीखने को लेकर उनमें खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।गौरतलब है कि राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पासम क्षेत्र का सबसे अधिक छात्र संख्या वाला विद्यालय है, जहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। ऐसे में विद्यालय में स्मार्ट क्लास की शुरुआत शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस पहल से सीमांत क्षेत्र के बच्चों को भी आधुनिक शिक्षा का लाभ मिलेगा और वे भविष्य में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकेंगे।

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