रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:पूर्व प्रधानाचार्य मोती सिंह मेहता ने 101 वें वर्ष में किया प्रवेश धूमधाम से मनाया गया जन्मोत्सव
Laxman Singh Bisht
Tue, Mar 17, 2026
पूर्व प्रधानाचार्य मोती सिंह मेहता ने 101 वें वर्ष में किया प्रवेश धूमधाम से मनाया गया जन्मोत्सव
आज के समय में शतायु पूर्ण करना वास्तव में एक अद्भुत उपलब्धि है। ऐसा व्यक्ति न सिर्फ जीवन के हर रंग को देख चुका होता है, बल्कि उसके अनुभवों में गहरी समझ और दृष्टिकोण होता है। इस उम्र में उनके पास न सिर्फ ज्ञान का खजाना होता है, बल्कि जीवन के प्रति एक सकारात्मक नजरिया भी होता है। उनके अनुभव और उनकी बातें अगली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती हैं। आज मूल रूप से बाराकोट ब्लॉक के रेगड़ू क्षेत्र में स्थित चाक मेहता गांव के ब्योवृद्ध सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक मोती सिंह मेहता का जन्म शताब्दी समारोह हर्षोल्लास से मनाया गया। आज लोहाघाट मे ऑकलैंड स्कूल के पास स्थित उनके आवास में उनके ज्येष्ठ पुत्र पूर्व सैन्यकर्मी आनन्द सिंह मेहता और कनिष्ठ सुपुत्र शिक्षक लक्ष्मण सिंह मेहता ने उनके शताब्दीवासी बनने के गौरवमयी एवं प्रेरणादायी यात्रा एवं 101 वे वर्ष में प्रवेश करने के सुअवसर पर जन्मदिन कार्यक्रम को हर्षोल्लास पूर्वक मनाया।
शताब्दी समारोह में उनके ईष्ट मित्रों,भाई बंधुओं एवं नगर के गणमान्य जनों सहित सैकड़ों लोगों ने भोज किया तथा माल्यार्पण, गुलदस्ते तथा शाल ओढ़ाकर उनका अभिनंदन कर श्री मेहता के स्वस्थ,सुखी एवं दीर्घायु जीवन की कामना के साथ उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। सभी ने कहा कि आज का दिन हम सबके लिए अत्यंत हर्ष और गर्व का अवसर है। किसी व्यक्ति का 100 वर्ष की आयु प्राप्त करना केवल एक संख्या नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक और गौरवपूर्ण जीवन यात्रा का प्रतीक है। एक शताब्दी का जीवन अपने आप में इतिहास की तरह होता है। इस लंबी यात्रा में उन्होंने अनेक परिवर्तन, सुख-दुःख, संघर्ष और सफलताओं को देखा है। फिर भी उन्होंने हमेशा ईमानदारी, स्पष्टवादिता, धैर्य, सादगी और सकारात्मकता तथा निर्वयसनी दिनचर्या के साथ जीवन को जिया। यही उनके महान व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषता है। अभी भी श्री मेहता पूर्ण रूप से स्वावलम्बी तथा नियमित 4 किमी रोज भ्रमण करते हैं।
श्री मोती सिंह मेहता जी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने अपने जीवन में सदैव सत्य, परिश्रम और अनुशासन को महत्व दिया। एक शिक्षक के रूप में उन्होंने केवल शिक्षा ही नहीं दी, बल्कि संस्कारों और मूल्यों की भी अमूल्य धरोहर समाज को प्रदान की। उनके स्नेह, मार्गदर्शन और आशीर्वाद से न जाने कितनी पीढ़ियाँ लाभान्वित हुई हैं।आज जब वे 100 वर्ष पूर्ण कर 101वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं, तो यह केवल उनके परिवार ही नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय है। उनका शांत स्वभाव, सादगीपूर्ण जीवनशैली ,धैर्य और संतुलन , सकारात्मक सोच, प्रेरणादाई व्यक्तित्व और ईमानदारी व कर्तव्यनिष्ठता हमें यह सिखाती है कि सच्चा सुख और दीर्घायु जीवन संयम, संतोष और सदाचार में ही निहित है। आज के जन्म शताब्दी कार्यक्रम में प्रमुख रूप से नगर पालिका अध्यक्ष गोविन्द वर्मा, प्राथमिक शिक्षक संगठन जिलाध्यक्ष गोविंद सिंह बोहरा, राज्य आंदोलनकारी मोहन ढेक, बलवंत ढेक ,मदन मेहता,जगदीश जोशी, पामू साह,चंद्र लाल साह, ईश्वरी लाल साह, शिवेंद्र चौधरी, पूर्व सभासद मीना ढेक ,पुष्पा ढेक ,नीतू ढेक, हरीश मेहता, खुशाल मेहता, जगत मेहता, कल्याण सिंह मेहता , कैलाश मेहता, के पी ढेक , हरीश पांडे,जनार्दन बगौली सहित लगभग डेढ़ सौ लोग उपस्थित थे।