रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:शासन की मॉक ड्रिल जनता के लिए बनी मुसीबत घंटो अधिकारियों के आदेश की प्रतीक्षा करते रहे कर्मचारी।
Laxman Singh Bisht
Sat, Nov 15, 2025
शासन की मॉक ड्रिल जनता के लिए बनी मुसीबत घंटो अधिकारियों के आदेश की प्रतीक्षा करते रहे कर्मचारी।
एक घंटे तक एंबुलेंस में लेटी रही महिला।लोहाघाट स्टेशन बाजार में लगा भीषण जाम ।
शासन के निर्देश पर आज शनिवार को चंपावत जिले में भूकंप मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। वही जिले के लोहाघाट में प्रशासन का मॉक ड्रिल जनता के लिए मुसीबत बन गया। आज नगर के स्टेशन बाजार में किए गए मॉक ड्रिल से राष्ट्रीय राजमार्ग में भीषण जाम लग गया। जिसके चलते वाहन चालको, यात्रियों, व्यापारियों व आम जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा ।किसी तरह पुलिस कर्मियों के द्वारा वाहनो का संचालन शुरू करवाया गया । जाम में फौज की गाड़ियों सहित कई वाहन , फंस गए। मॉक ड्रिल में शामिल अधिकारी व कर्मचारी घंटो देहरादून से उच्च अधिकारियों के निर्देशों की प्रतीक्षा करते रहे ।
भूकंप में घायल महिला को एक घंटे तक एंबुलेंस में लिटा कर रखा गया। वही स्थानीय लोगों ने मॉक ड्रिल पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा प्रशासन ने मॉक ड्रिल करना था तो उसकी तैयारी पहले से करनी चाहिए थी। मॉक ड्रिल की वजह से आज लोगों को काफी दिक्कतो का सामना करना पड़ा। लोगों ने कहा मॉक ड्रिल के लिए कोई दूसरी जगह चुननी चाहिए थी ।सुबह के समय राष्ट्रीय राजमार्ग में वैसे ही वाहनों व लोगो का काफी दबाव रहता है। लोगों ने कहा जिस मॉक ड्रिल को आधे घंटे में समाप्त हो जाना चाहिए था घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जाना था उसमें दो घंटे लग गए । कर्मचारी देहरादून में बैठे अधिकारियों के आदेशों का इंतजार करते नजर आए ।
लोगों ने कहा मॉक ड्रिल बिना किसी पूर्व तैयारी के किया गया। कर्मचारी घंटो इंतजार करते रहे। लोगों ने कहा अगर आपदा के वक्त इस प्रकार की लापरवाही बरती गई तो कई लोगों की जान चली जाएगी। कहा मॉक ड्रिल आपदा की तैयारी को लेकर किया जाता है। लोगों ने कहा ऐसा कहीं से भी नहीं लगा कि यहा आपदा की मॉक ड्रिल चल रही है। लोगों ने कहा उच्च अधिकारियों के निर्देशों की लेट लतीफी के चलते जनता को आज काफी दिक्कते उठानी पड़ी लोगों को जाम से जूझना पड़ा ।
उन्होंने शासन प्रशासन से भविष्य में मॉक ड्रिल की पूर्व तैयारी करने व उचित जगह का चुनाव करने तथा गांव-गांव में रेस्क्यू की ट्रेनिंग देने की मांग की है। लोगों ने मॉक ड्रिल को सिर्फ खानापूर्ति बताया। एक्शन के लिए आइटीबीपी,वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग,पुलिस, युवा कल्याण, राजस्व के कर्मचारी 2 घंटे तक इंतजार करते नजर आए ।