रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:राज्य हैकथॉन में प्रथम स्थान पर कोमल, मार्गदर्शक शिक्षक उपाध्याय ने तैयार किया नवाचार का सितारा।
राज्य हैकथॉन में प्रथम स्थान पर कोमल, मार्गदर्शक शिक्षक उपाध्याय ने तैयार किया नवाचार का सितारा।
ग्रामीण विद्यालय से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचकर कोमल ने साबित किया प्रतिभा का नहीं होता कोई भूगोल।
नेशनल जूरी के समक्ष प्रस्तुतीकरण हेतु मार्गदर्शक शिक्षक के साथ हुई रवाना।
चंपावत। पहाड़ की शांत वादियों से निकलकर नवाचार का ऐसा उजाला फैला है जिसने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। राउमावि खूनाबोरा की प्रतिभाशाली छात्रा कोमल विश्वकर्मा ने राज्य हैकथॉन प्रतियोगिता में पूरे उत्तराखंड में वरीयता सूची का प्रथम स्थान प्राप्त कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। तकनीक और नवाचार के प्रति उनकी जिज्ञासा, उनकी उम्र से कहीं आगे की परिपक्वता का प्रमाण है। अपने अभिनव प्रोजेक्ट को नेशनल जूरी के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए कोमल अपने मार्गदर्शक शिक्षक प्रकाश चन्द्र उपाध्याय तथा टीम प्रभारी पूनम त्रिपाठी के साथ देहरादून के लिए रवाना हो चुकी हैं। राष्ट्रीय जूरी के सामने होने वाला उनका यह प्रस्तुतीकरण न केवल जनपद का गौरव बढ़ाएगा, बल्कि यह भी सिद्ध करेगा कि ग्रामीण विद्यालयों में भी विश्व स्तरीय तकनीकी प्रतिभाएं पनप रही हैं। नेशनल जूरी में देशभर के तकनीकी विशेषज्ञ, आईटी एक्सपर्ट और शिक्षाविद सम्मिलित हैं। कोमल द्वारा विकसित आइडिया न केवल तकनीकी दृष्टि से उन्नत है, बल्कि समाजोपयोगी भी है। समस्या समाधान की उनकी समझ, वास्तविक परिस्थितियों का विश्लेषण और तकनीक के व्यावहारिक उपयोग का कौशल इस बात का प्रमाण है कि वह आने वाले समय की वैज्ञानिक सोच वाली पीढ़ी की प्रतिनिधि हैं।उनके प्रोजेक्ट में नवाचार, डेटा विश्लेषण, सामाजिक उपयोगिता और तकनीकी सटीकता का जो अद्भुत संयोजन दिखाई देता है, वह सामान्यतः कॉलेज स्तर के छात्रों में मिलता है, लेकिन कोमल ने इसे विद्यालय स्तर से ही साबित कर दिखाया है। इस असाधारण उपलब्धि के केंद्र में खड़े हैं उनके प्रेरणास्रोत और मार्गदर्शक शिक्षक प्रकाश चन्द्र उपाध्याय। उपाध्याय ने तकनीकी शिक्षा, नवाचार और प्रोजेक्ट आधारित लर्निंग को जिस समर्पण से विद्यालयों में बढ़ावा दिया है, वह अपने-आप में मिसाल है।वे न केवल तकनीकी सलाह देते हैं, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, खोज की भावना और प्रयोगधर्मिता का विकास करते हैं। कोमल की सफलता वास्तव में एक समर्पित शिक्षक और जिज्ञासु छात्रा के अद्भुत समन्वय की शानदार मिसाल है। आज जब शिक्षा के आधुनिक आयाम डिजिटल तकनीक के साथ गहराई से जुड़े हैं, कोमल की यह उपलब्धि यह संदेश देती है कि यदि सही दिशा, प्रेरणा और अवसर मिले तो पहाड़ का हर बच्चा वैश्विक मंच पर चमक सकता है।जिले के गणमान्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों, जिला पंचायत अध्यक्ष आनन्द सिंह अधिकारी, जिलाधिकारी मनीष कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी मेहरबान सिंह बिष्ट, डायट प्राचार्य मान सिंह, बीईओ लोहाघाट घनश्याम भट्ट, बीईओ चंपावत भारत जोशी, बीईओ पाटी संजय भट्ट, बीईओ बाराकोट कमल भट्ट, प्रधानाचार्य खीमानंद पाण्डेय आदि ने छात्रा कोमल एवं उनके मार्गदर्शक शिक्षक प्रकाश उपाध्याय को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।