: लोहाघाट: मॉडर्न जिला चंपावत का बेहतर परिवहन सेवा एवं सर्वाधिक आय देने वाला लोहाघाट डिपो आया आईसीयू में
Laxman Singh Bisht
Thu, Jun 27, 2024कभी बेहतर परिवहन सेवा एवं सर्वाधिक आय देने वाला लोहाघाट डिपो आ गया है आईसीयू में रोडवेज बसों से लोगों का उठा भरोसा, उम्र दराज गरीब लोग ही कर रहे हैं इनमें मुक्त सफर।
लोहाघाट। कुप्रबंधन एवं देख - रेख के अभाव के चलते पूरे उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सर्वाधिक आय एवं परिवहन सुविधा देने वाला चंपावत जिले का लोहाघाट का रोडवेज डिपो आज बदहाली के कगार पर पहुंचने के साथ निर्दोष लोगों की जान लेने का कारण बना हुआ है। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के मॉडल जिले के रोडवेज डिपो की ऐसी दयनीय स्थिति का कारण यह है कि यहां सहायक महाप्रबंधक जैसे जिम्मेवार अधिकारी तक का लंबे समय से न होना है। यही नहीं फोरमैन के स्थान पर साधारण मैकेनिक कार्य कर रहे हैं। फल स्वरुप चालीस बसों के बेड़े वाले इस डिपो में लगातार बसों की संख्या सिमटती जा रही है। डिपो की ऑन रोड 31 बसों में आठ बसे तकनीकी खराबी के कारण क्षेत्रीय कार्यशाला टनकपुर में पड़ी है। इनमें दस बसों को छोड़कर शेष अपना निर्धारित माइलेज पूरा कर चुकी हैं। यहां वर्तमान में केवल 10 बसों के सहारे ही डिपो संचालित किया जा रहा है। डिपो से लंबी दूरी की संचालित बसों में तकनीकी खराबी आने के कारण एका एक सड़क मार्गों में खराब होने, दुर्घटनाग्रस्त होने से बार-बार बचाना आदि कारणों से लोगों का इन बसों से भरोसा कपूर की तरह उड़ गया है। केवल गरीब उम्रदराज लोग ही मुक्त सेवा मिलने के लालच में जानलेवा सफर कर रहे हैं। डिपो की आय रसातल में पहुंच गई है जिससे कर्मचारियों को वेतन के भी लाले पड़ गए हैं।आज लोहाघाट डिपो की बसे लगातार सड़को में खड़ी हो रही है। ऐसी सेवा मे अब लोग जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं। बताया जाता है कि कार्यशाला में घटिया कल पुर्जो की भी सप्लाई की जाती है। फोरमैन न होने के कारण कार्यशाला में किसी का नियंत्रण नहीं है। लोगों को दुःख इस बात का है कि लोहाघाट डिपो की बनी बनाई व्यवस्था को लोग अपनी आंखों से बदहाल होता देख रहे हैं। रोडवेज कर्मचारी यूनियन के मनोज मिश्रा व क्षेत्रीय मंत्री महिपाल सिंह लगातार इस ओर मुख्यमंत्री व विभागीय अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करते आ रहे हैं । वही रोडवेज के जनरल मैनेजर दीपक जैन ने फोन में बताया कि जुलाई में डिपो को नया एआरएम, फोरमैन के अलावा नई बसें उपलब्ध की जाएगी। मुख्यमंत्री जी के मॉडल जिले में रोडवेज प्राथमिकता के आधार पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। वही लोहाघाट के निवर्तमान पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा ,राज्य आंदोलनकारी राजू गढ़कोटी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने कहा किसी भी स्तर पर लोहाघाट रोडवेज डिपो की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। वह लगातार यहां की समस्याओं को मुख्यमंत्री जी व रोडवेज के आला अधिकारियों के संज्ञान में लाते रहे हैं । उन्हें विश्वास है जल्द रोडवेज की दशा सुधरेगी
लोहाघाट। कुप्रबंधन एवं देख - रेख के अभाव के चलते पूरे उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सर्वाधिक आय एवं परिवहन सुविधा देने वाला चंपावत जिले का लोहाघाट का रोडवेज डिपो आज बदहाली के कगार पर पहुंचने के साथ निर्दोष लोगों की जान लेने का कारण बना हुआ है। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के मॉडल जिले के रोडवेज डिपो की ऐसी दयनीय स्थिति का कारण यह है कि यहां सहायक महाप्रबंधक जैसे जिम्मेवार अधिकारी तक का लंबे समय से न होना है। यही नहीं फोरमैन के स्थान पर साधारण मैकेनिक कार्य कर रहे हैं। फल स्वरुप चालीस बसों के बेड़े वाले इस डिपो में लगातार बसों की संख्या सिमटती जा रही है। डिपो की ऑन रोड 31 बसों में आठ बसे तकनीकी खराबी के कारण क्षेत्रीय कार्यशाला टनकपुर में पड़ी है। इनमें दस बसों को छोड़कर शेष अपना निर्धारित माइलेज पूरा कर चुकी हैं। यहां वर्तमान में केवल 10 बसों के सहारे ही डिपो संचालित किया जा रहा है। डिपो से लंबी दूरी की संचालित बसों में तकनीकी खराबी आने के कारण एका एक सड़क मार्गों में खराब होने, दुर्घटनाग्रस्त होने से बार-बार बचाना आदि कारणों से लोगों का इन बसों से भरोसा कपूर की तरह उड़ गया है। केवल गरीब उम्रदराज लोग ही मुक्त सेवा मिलने के लालच में जानलेवा सफर कर रहे हैं। डिपो की आय रसातल में पहुंच गई है जिससे कर्मचारियों को वेतन के भी लाले पड़ गए हैं।आज लोहाघाट डिपो की बसे लगातार सड़को में खड़ी हो रही है। ऐसी सेवा मे अब लोग जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं। बताया जाता है कि कार्यशाला में घटिया कल पुर्जो की भी सप्लाई की जाती है। फोरमैन न होने के कारण कार्यशाला में किसी का नियंत्रण नहीं है। लोगों को दुःख इस बात का है कि लोहाघाट डिपो की बनी बनाई व्यवस्था को लोग अपनी आंखों से बदहाल होता देख रहे हैं। रोडवेज कर्मचारी यूनियन के मनोज मिश्रा व क्षेत्रीय मंत्री महिपाल सिंह लगातार इस ओर मुख्यमंत्री व विभागीय अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करते आ रहे हैं । वही रोडवेज के जनरल मैनेजर दीपक जैन ने फोन में बताया कि जुलाई में डिपो को नया एआरएम, फोरमैन के अलावा नई बसें उपलब्ध की जाएगी। मुख्यमंत्री जी के मॉडल जिले में रोडवेज प्राथमिकता के आधार पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। वही लोहाघाट के निवर्तमान पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा ,राज्य आंदोलनकारी राजू गढ़कोटी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने कहा किसी भी स्तर पर लोहाघाट रोडवेज डिपो की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। वह लगातार यहां की समस्याओं को मुख्यमंत्री जी व रोडवेज के आला अधिकारियों के संज्ञान में लाते रहे हैं । उन्हें विश्वास है जल्द रोडवेज की दशा सुधरेगी