Tuesday 2nd of June 2026

ब्रेकिंग

बाराकोट:जीआईसी बर्दाखान मे सात दिवसीय भाषा समर कैंप का हुआ भव्य समापन

दिल्ली:अल नीनो की आशंका पर केंद्र अलर्ट, किसान हितों की सुरक्षा सर्वोच्च- शिवराज सिंह चौहान

उत्तरकाशी दयारा बुग्याल में लापता बबीता पांडे फर्जी अनुमति पत्र लेकर पहुंची थी बुग्याल।

चंपावत :जीआईसी अमोड़ी में भाषाई समर कैंप का रंगारंग समापन 55 बच्चों ने सीखें भाषा के हुनर।

उत्तराखंड शासन ने आईएएस व पीसीएस अधिकारियों के बदले विभाग।

सूचना

कुमाऊँ का डिजिटल बाज़ार: अब नौकरी, सेवाएँ, खरीद-बिक्री और मैट्रिमोनियल सब कुछ एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर

उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में डिजिटल सेवाओं की बढ़ती जरूरत को देखते हुए KumaonBazaar.com तेजी से लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। यह एक ऐसा लोकल डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है जहाँ नौकरी, बिज़नेस प्रमोशन, लोकल सेवाएँ, खरीद-बिक्री, पर्यटन और मैट्रिमोनियल जैसी कई सुविधाएँ एक ही जगह उपलब्ध हैं। Website: https://www.kumaonbazaar.com

आज के समय में लोग लोकल स्तर पर भरोसेमंद सेवाएँ और अवसर ढूँढना चाहते हैं। इसी जरूरत को समझते हुए KumaonBazaar.com ने कुमाऊँ के लोगों के लिए एक आसान और उपयोगी ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म तैयार किया है।

युवाओं के लिए रोजगार का नया माध्यम

कुमाऊँ क्षेत्र के युवाओं को अक्सर नौकरी खोजने के लिए बड़े शहरों या कई अलग-अलग वेबसाइट्स पर निर्भर रहना पड़ता है। अब यह समस्या काफी हद तक कम हो सकती है क्योंकि KumaonBazaar Jobs Section पर लोकल और विभिन्न क्षेत्रों की जॉब्स उपलब्ध कराई जा रही हैं। Jobs Link: https://www.kumaonbazaar.com/jobs

यहाँ कंपनियाँ और बिज़नेस अपने जॉब पोस्ट कर सकते हैं, जबकि नौकरी तलाश रहे उम्मीदवार आसानी से आवेदन कर सकते हैं। इससे लोकल टैलेंट को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।

मैट्रिमोनियल सेवा से आसान रिश्ते

आजकल लोग सुरक्षित और भरोसेमंद मैट्रिमोनियल प्लेटफ़ॉर्म की तलाश में रहते हैं। KumaonBazaar Matrimony कुमाऊँ समाज के लोगों के लिए एक विशेष सुविधा लेकर आया है जहाँ परिवार अपनी प्रोफाइल बनाकर रिश्तों की तलाश कर सकते हैं। Matrimony Link: https://www.kumaonbazaar.com/matrimony

यह सेवा खासतौर पर उन परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है जो अपने समाज और क्षेत्र में अच्छे रिश्ते ढूँढना चाहते हैं।

लोकल सेवाओं और बिज़नेस को मिलेगा डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म कुमाऊँ के छोटे व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं के लिए KumaonBazaar Services एक बेहतरीन अवसर बनकर उभर रहा है। Services Link: https://www.kumaonbazaar.com/services

यहाँ इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, टूर सर्विस, एजेंसी, फ्रीलांसर, दुकानदार और अन्य सेवा प्रदाता अपनी सेवाओं को ऑनलाइन प्रमोट कर सकते हैं। इससे लोकल बिज़नेस को डिजिटल पहचान मिलने के साथ-साथ ग्राहकों तक पहुँचने में आसानी होगी। खरीद-बिक्री और लोकल विज्ञापन की सुविधा प्लेटफ़ॉर्म पर Buy & Sell सेक्शन भी उपलब्ध है जहाँ लोग अपने प्रोडक्ट्स या सामान को ऑनलाइन पोस्ट कर सकते हैं। इसके अलावा बिज़नेस प्रमोशन और लोकल विज्ञापनों के लिए भी सुविधा दी जा रही है, जिससे छोटे व्यवसाय कम लागत में अपनी पहुँच बढ़ा सकते हैं। पर्यटन और लोकल जानकारी का भी केंद्र कुमाऊँ अपनी प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन स्थलों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। KumaonBazaar.com पर पर्यटन से जुड़ी जानकारी, होटल, ट्रैवल सेवाएँ और लोकल बिज़नेस की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों को लाभ मिल सकता है। डिजिटल उत्तराखंड की ओर एक कदम डिजिटल इंडिया के दौर में लोकल प्लेटफ़ॉर्म की भूमिका लगातार बढ़ रही है। KumaonBazaar.com कुमाऊँ क्षेत्र के लोगों, युवाओं और व्यापारियों को डिजिटल रूप से जोड़ने का काम कर रहा है। यह प्लेटफ़ॉर्म आने वाले समय में रोजगार, व्यापार और लोकल नेटवर्किंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : पाटी:सड़क के नहीं कंधों के जोर व सहारे पर चल रहा है पुरमल्ला तोक का जीवन। कुर्सियों में ढोए जा रहे मरीज

Laxman Singh Bisht

Tue, Jun 2, 2026

सड़क के नहीं कंधों के जोर व सहारे पर चल रहा है पुरमल्ला तोक का जीवन। कुर्सियों में ढोए जा रहे मरीज

सड़क न होने से ग्रामीणों के कंधे निभाते हैं एंबुलेंस की भूमिका।

विधायक निधि से कटी सड़क लंबे समय से पड़ी है बदहाल

एक सप्ताह के भीतर दो मरीजों को कुर्सी में बांधकर पहुंचाया गया अस्पताल, समय पर उपचार न मिलने से एक व्यक्ति ने तोड़ा दम

सड़क के अभाव में आज भी बदहाल है ग्राम पंचायत सकदेना का पुरमल्ला तोक, मरीजों को कुर्सी में बांधकर पहुंचाना पड़ता है सड़क तक

चंपावत जिले के विकासखंड पाटी की ग्राम पंचायत सकदेना का पुरमल्ला तोक आज भी सड़क सुविधा से वंचित है। सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को आए दिन कई दिक्कत हो का सामना करना पड़ता है सरकार से सड़क की मांग करते-करते ग्रामीण थक चुके हैं। सबसे अधिक दिक्कत किसी ग्रामीण के गंभीर रूप से बीमार होने पर आती है।जब मरीजों को कई किलोमीटर दूर तक कुर्सी में बांधकर उबर खाबर व जंगल के रास्ते मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है।ग्रामीणों ने बताया सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है। स्थानीय विधायक निधि से एक सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन वर्तमान में वह सड़क पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है। हालत यह है कि उस मार्ग पर पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है। परिणामस्वरूप क्षेत्र के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।

ग्रामीणों ने बताया तीन दिन पूर्व गांव के बुजुर्ग झुबदेव सकलानी को अचानक सांस लेने में परेशानी होने लगी। सड़क सुविधा के अभाव में ग्रामीणों ने उन्हें आनन फानन में कुर्सी की डोली बनाकर पैदल मुख्य सड़क तक पहुंचाया गया। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांव तक सुगम सड़क सुविधा उपलब्ध होती तो समय पर चिकित्सा सहायता मिल सकती थी और संभवतः उनकी जान बचाई जा सकती थी। इसी हफ्ते इस समस्या को उजागर करता मामला सामने आया है जहा गांव की एक महिला को ग्रामीणों द्वारा कुर्सी में बैठाकर लगभग चार से पांच किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक पहुंचाया गया। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। यह दृश्य भी क्षेत्र में सड़क सुविधा के अभाव मे ग्रामीणों को होने वाली कठिनाई को उजागर करता है। मात्र एक सप्ताह के भीतर ऐसे दो मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें स्वास्थ्य खराब होने पर ग्रामीणों को मरीजों को कुर्सी में बांधकर ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। मालूम हो पुरमल्ला तोक, ग्राम पंचायत करौली, ग्राम पंचायत बालातड़ी एवं ग्राम पंचायत सकदेना के मध्य स्थित है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत करौली से ग्राम पंचायत सकदेना के पुरमल्ला तोक तक विधायक निधि से बनाई गई सड़क आज बदहाल स्थिति में है और लंबे समय से मरम्मत एवं सुधार की प्रतीक्षा कर रही है। यदि इस मार्ग का पुनर्निर्माण एवं विस्तार किया जाए तो क्षेत्र के लोगों को आवागमन, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी चंपावत एवं जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि पुरमल्ला तोक को जल्द से जल्द बेहतर सड़क सुविधा से जोड़ा जाए, ताकि भविष्य में किसी भी मरीज को उपचार के लिए कुर्सी में बांधकर कई किलोमीटर तक ले जाने की मजबूरी न झेलनी पड़े। समय से अस्पताल न पहुंच पाने के कारण किसी ग्रामीण की जान ना जाए।

जरूरी खबरें