रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : पाटी:सड़क के नहीं कंधों के जोर व सहारे पर चल रहा है पुरमल्ला तोक का जीवन। कुर्सियों में ढोए जा रहे मरीज
Laxman Singh Bisht
Tue, Jun 2, 2026
सड़क के नहीं कंधों के जोर व सहारे पर चल रहा है पुरमल्ला तोक का जीवन। कुर्सियों में ढोए जा रहे मरीज

सड़क न होने से ग्रामीणों के कंधे निभाते हैं एंबुलेंस की भूमिका।
विधायक निधि से कटी सड़क लंबे समय से पड़ी है बदहाल

एक सप्ताह के भीतर दो मरीजों को कुर्सी में बांधकर पहुंचाया गया अस्पताल, समय पर उपचार न मिलने से एक व्यक्ति ने तोड़ा दम
सड़क के अभाव में आज भी बदहाल है ग्राम पंचायत सकदेना का पुरमल्ला तोक, मरीजों को कुर्सी में बांधकर पहुंचाना पड़ता है सड़क तक

चंपावत जिले के विकासखंड पाटी की ग्राम पंचायत सकदेना का पुरमल्ला तोक आज भी सड़क सुविधा से वंचित है। सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को आए दिन कई दिक्कत हो का सामना करना पड़ता है सरकार से सड़क की मांग करते-करते ग्रामीण थक चुके हैं। सबसे अधिक दिक्कत किसी ग्रामीण के गंभीर रूप से बीमार होने पर आती है।जब मरीजों को कई किलोमीटर दूर तक कुर्सी में बांधकर उबर खाबर व जंगल के रास्ते मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है।ग्रामीणों ने बताया सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है। स्थानीय विधायक निधि से एक सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन वर्तमान में वह सड़क पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है। हालत यह है कि उस मार्ग पर पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है। परिणामस्वरूप क्षेत्र के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।

ग्रामीणों ने बताया तीन दिन पूर्व गांव के बुजुर्ग झुबदेव सकलानी को अचानक सांस लेने में परेशानी होने लगी। सड़क सुविधा के अभाव में ग्रामीणों ने उन्हें आनन फानन में कुर्सी की डोली बनाकर पैदल मुख्य सड़क तक पहुंचाया गया। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांव तक सुगम सड़क सुविधा उपलब्ध होती तो समय पर चिकित्सा सहायता मिल सकती थी और संभवतः उनकी जान बचाई जा सकती थी। इसी हफ्ते इस समस्या को उजागर करता मामला सामने आया है जहा गांव की एक महिला को ग्रामीणों द्वारा कुर्सी में बैठाकर लगभग चार से पांच किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक पहुंचाया गया। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। यह दृश्य भी क्षेत्र में सड़क सुविधा के अभाव मे ग्रामीणों को होने वाली कठिनाई को उजागर करता है। मात्र एक सप्ताह के भीतर ऐसे दो मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें स्वास्थ्य खराब होने पर ग्रामीणों को मरीजों को कुर्सी में बांधकर ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। मालूम हो पुरमल्ला तोक, ग्राम पंचायत करौली, ग्राम पंचायत बालातड़ी एवं ग्राम पंचायत सकदेना के मध्य स्थित है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत करौली से ग्राम पंचायत सकदेना के पुरमल्ला तोक तक विधायक निधि से बनाई गई सड़क आज बदहाल स्थिति में है और लंबे समय से मरम्मत एवं सुधार की प्रतीक्षा कर रही है। यदि इस मार्ग का पुनर्निर्माण एवं विस्तार किया जाए तो क्षेत्र के लोगों को आवागमन, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी चंपावत एवं जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि पुरमल्ला तोक को जल्द से जल्द बेहतर सड़क सुविधा से जोड़ा जाए, ताकि भविष्य में किसी भी मरीज को उपचार के लिए कुर्सी में बांधकर कई किलोमीटर तक ले जाने की मजबूरी न झेलनी पड़े। समय से अस्पताल न पहुंच पाने के कारण किसी ग्रामीण की जान ना जाए।
