रिपोर्ट :लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत गैंग रेप कांड का पुलिस ने किया खुलासा नाबालिग से नहीं हुआ था दुष्कर्म कमल रावत का था बदला
.चंपावत गैंग रेप कांड का पुलिस ने किया खुलासा नाबालिग से नहीं हुआ था दुष्कर्म कमल रावत का था बदला
निष्कासित भाजपा मंडल अध्यक्ष कमल रावत ने बदला लेने के लिए अपनी महिला मित्र के साथ मिलकर साजिश को दिया था अंजाम।
नाबालिग को पिता का इलाज कराने का लालच देकर साजिश में किया था शामिल।
घटना के खुलासे के लिए एसपी रेखा यादव ने खुद संभाली कमान।
मेडिकल में नाबालिग से दुष्कर्म की नहीं हुई पुष्टि: सीएमओ
एसपी चंपावत रेखा यादव ने प्रेस वार्ता कर किया घटना का खुलासा ।
पिछले दो दिनों से उत्तराखंड में मीडिया व सोशल मीडिया में सुर्खी बना चंपावत नाबालिग गैंगरेप मामले का आज चंपावत पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई थी। कांग्रेस के द्वारा सरकार के खिलाफ जगह-जगह प्रदर्शन किए जा रहे थे। आज गुरुवार को एसपी चंपावत रेखा यादव ने प्रेस वार्ता कर इसे बड़ी साजिश का पर्दाफाश करते हुए बताया। नाबालिग के साथ किसी भी प्रकार की दुष्कर्म की कोई भी घटना नहीं हुई थी। उन्होंने बताया कमल रावत के द्वारा बदले की भावना से प्रेरित होकर अपनी महिला मित्र के साथ मिलकर यह नाटक रचा गया। एसपी चंपावत में बताया नाबालिग को उसके पिता का इलाज कराने का लालच देकर साजिश में शामिल किया गया था। एसपी चंपावत ने बताया 6 मई को पीड़िता के पिता द्वारा कोतवाली चंपावत में लिखित तहरीर देकर पुलिस को अवगत कराया था कि 5 मई 2026 की रात्रि को उनकी 16 वर्षीय नाबालिग पुत्री के साथ तीन व्यक्तियों के द्वारा दुष्कर्म किया गया है। जिसका पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए पोक्सो एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया तथा मामले की गंभीरता को देखते हुए उनके द्वारा 10 सदस्यीय एसआईटी टीम का गठन कर निष्पक्ष एवं विवेचना करने के निर्देश दिए गए थे।

एसपी चंपावत ने बताया उन्होंने खुद पीड़िता से बातचीत कर घटनास्थल पर जाकर स्थानीय लोगों से घटना की जानकारी ली गई थी। तथा आरएफएसएल उधम सिंह नगर की फील्ड यूनिट को मौके पर बुलाकर वैज्ञानिक तरीके से घटनास्थल का परीक्षण कराया गया था। पीड़िता का तत्काल मेडिकल परीक्षण कर बाल कल्याण समिति के समक्ष काउंसलिंग एवं न्यायालय के समक्ष बयान दर्ज किए गए थे । पीड़िता की देख रेख व सुरक्षा हेतु जिलाधिकारी से पत्राचार कर एक मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किया गया था। एसपी चंपावत ने बताया विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया पीड़िता ग्राम सल्ली में विवाह समारोह में अपनी इच्छा से अपने दोस्त के साथ गई थी घटना दिवस पर पीड़िता का विभिन्न स्थानों पर आवागमन एवं गतिविधियां सीसीटीवी फुटेज व डीबीआर से सत्यापित हुई है ।चिकित्सा परीक्षण में किसी भी प्रकार की बाह्य अथवा आंतरिक चोटे संघर्ष अथवा जबरदस्ती के स्पष्ट चिकित्सकीय संकेत प्राप्त नहीं हुए हैं। कुछ गवाहों के बयान तकनीकी एवं परिस्थिति जन्य साक्ष्यों से मेल नहीं खाते पाए गए हैं जिससे घटनाक्रम की सत्यता प्रमाणित नहीं होती है। तथा कमल रावत, पीड़िता एवं पीड़िता की महिला मित्र के मध्य घटना तिथि पर असामान्य रूप से बार-बार संपर्क वार्तालाप पाया गया जो प्रकरण के घटनाक्रम के संबंध में महत्वपूर्ण संकेत है। एसपी चंपावत ने बताया घटना के दौरान मामले में नामजद आरोपियों विनोद सिंह रावत ,नवीन सिंह रावत तथा पूरन सिंह रावत की मौजूदगी घटनास्थल पर नहीं पाई गई तथा गवाहों के बयानों व तकनीकी साक्ष्य से इस बात की पुष्टि नहीं हुई कि घटना के दौरान नामजद व्यक्ति मौके पर नहीं थे। एसपी चंपावत ने बताया विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा प्रत्येक तथ्य का वैज्ञानिक एवं निष्पक्ष परीक्षण किया गया मामले में किसी भी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित ना किया जाए तथा दोषी के विरुद्ध विधि कार्रवाई सुनिश्चित हो इस उद्देश्य से सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच जारी है। एसपी चंपावत ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कमल रावत द्वारा बदले की भावना से प्रेरित होकर एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत नाबालिग बालिका को पिता का इलाज कराने का झूठा प्रलोभन देकर इस साजिश में शामिल किया था। उन्होंने बताया कमल रावत में भी पूर्व में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप लग चुके हैं तथा पंचायत चुनाव में हुई हार का बदला लेने के लिए उसके द्वारा अपनी महिला मित्र के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया गया था। पीड़िता के द्वारा भी पूछताछ में बताया गया कमल रावत के द्वारा पिता के इलाज का प्रलोभन देकर उसे ईस साजिश में शामिल किया गया था। एसपी चंपावत ने बताया डिजिटल एवं फॉरेंसिक साक्ष्यों का परीक्षण जारी है। तथा मामले में शामिल संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ पुलिस के द्वारा की जा रही है ।

उन्होंने कहा यदि जांच के दौरान तथ्यों को भ्रामक या मनगढ़ंत पाया जाता है तो विधि अनुसार सुसंगत धाराओं में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मामले में सीएमओ चंपावत डॉक्टर देवेश चौहान ने कहा मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता के साथ किसी भी प्रकार की जबरदस्ती नहीं की गई है। ना ही उसके शरीर पर किसी भी प्रकार के निशान पाए गए। उसके साथ दुष्कर्म नहीं हुआ है। फिलहाल दो दिनों से प्रदेश की सुर्खियां बने इस गैंगरेप कांड का चंपावत पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में पुलिस के अनुसार बदले की भावना से प्रेरित होकर निष्कासित पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष कमल रावत के द्वारा इस साजिश को अंजाम दिया गया था। मामले का खुलासा होने पर लोग आश्चर्यचकित है कि इस प्रकार की साजिश को भी अंजाम दिया जा सकता है। इस कांड ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया था।क्योंकि मामला मुख्यमंत्री की विधानसभा से जुड़ा हुआ था। पर एसपी चंपावत रेखा यादव के नेतृत्व में पुलिस ने इस साजिश का शानदार खुलासा किया है पुलिस पर काफी दबाव था और कई प्रकार के आरोप भी लग रहे थे मामले मे एसपी चंपावत ने खुद कमान संभाली और घटना का पर्दाफाश किया। मामले के खुलासे में एसओजी चंपावत ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ।वही आज घटना के खुलासे को लेकर महिला कांग्रेस ने चंपावत में जोरदार प्रदर्शन भी किया था। मामले का खुलासा होने पर चंपावत पुलिस व जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है। फिलहाल मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।लोग आपस में तरह-तरह की बातें मामले को लेकर कर रहे हैं। मामला किसी फिल्म व थ्रिलर उपन्यास की साजिश से कम नहीं था। वही मामले मे आरोपी बनाए गए लोगों के परिजनों ने मामले में साजिश का पर्दाफाश करने के लिए एसपी चंपावत रेखा यादव व पुलिस टीम को धन्यवाद दिया है।