: चंपावत:महिला स्वास्थ्य कर्मियों उत्पीड़न मामले में डॉ कुलदीप यादव के खिलाफ जनप्रतिनिधियों ने खोला मोर्चा- आरोपी को जल्द हटाने को डीएम से की मुलाकात स्थानांतरण न होने पर व्यापार मंडल अध्यक्ष विकास साह करेंगे अनशन
Laxman Singh Bisht
Fri, Jun 28, 2024महिला स्वास्थ्य कर्मियों उत्पीड़न मामले में डॉ कुलदीप यादव के खिलाफ जनप्रतिनिधियों ने खोला मोर्चा-
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विधानसभा व चम्पावत जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात महिला कर्मचारी भी अब सुरक्षित नजर नहीं आ रही हैं। हालात ये ही कि जिले में तैनात एसीएमओ डॉ० कुलदीप यादव की ओर से महिला सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) को समय-समय पर परेशान और उनका मानसिक उत्पीड़न मामले ने जोर पकड़ लिया है। जनप्रतिनिधि, व्यापार मंडल पदाधिकारी सहित विभिन्न संगठन के लोगों ने एसीएमओ को हटाने की मांग की है। CHO के बाद क्षेत्रीय लोगों व व्यापार मंडल सहित जनप्रतिनिधियों ने भी उनके विरोध में आ गए हैं। शुक्रवार को विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी के नेतृत्व में सभी लोगों ने एकजुट होकर जिलाधिकारी नवनीत पांडे से उनके कार्यालय में मुलाकात कर काफी नाराजगी जाहिर की। डीएम के सामने अपनी समस्या व प्रताड़ना की बात कहने में महिला कर्मचारी भी फूट फूट कर रो पड़ी। जिससे साफ स्पष्ट होता है कि डॉ कुलदीप यादव के द्वारा कितना उत्पीड़न किया गया है । क्षेत्रीय लोग इनका दर्द देखते आग बबूला हो गए और जल्द स्थानांतरण न होने पर आमरण अनशन की चेतावनी दे डाली। मुख्यमंत्री की विधानसभा अगर अधिकारी ही मनमर्जी करने लगे तो अन्य जिलों का क्या हाल होगा। लोगों ने जल्द एसीएमओ डॉ कुलदीप यादव को चंपावत से हटाया जाने की मांग की है। साथ ही महिला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात महिला कर्चरियों ने डीएम को ज्ञापन सौंपते हुए कहा पिछले कई महिनों इस अधिकारी की ओर से चिकित्सा विभाग में कार्यरत कई महिलाओं के साथ मानसिक उत्पीड़न और गलत आचरण के मामले सामने आए हैं। उक्त अधिकारी की ओर से जनपद के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में तैनात महिला स्वास्थ्य अधिकारियों को वीडियो कॉल करके परेशान करना, उनका मानसिक उत्पीड़न करना और गलत आचरण करने जैसा अमानवीय व्यवहार किया जाता है। प्रताड़ना कर उन्हें वेतन रोकने, नौकरी से निकलने की धमकी दी जाती है। कहा कि सीएम की विधानसभा में मुख्यमंत्री की छवि भी इससे खराब हो रही है। और महिला कर्मचारियों का मनोबल भी टूट रहा है। क्षेत्रीय लोगों ने कहा कि यह हमारे ही क्षेत्र की बहन बेटियां हैं और इस तरह से उनको परेशान करना किसी भी अधिकारी को शोभा नहीं देता है। क्षेत्र के नागरिक और स्थानीयजन ऐसे अधिकारियों को जिले में नहीं चाहते हैं। कृपया भविष्य में कोई बड़ी अशोभनीय घटना हो, उससे पूर्व उक्त एसीएमओ का चम्पावत से स्थानांतरण किया जाए। जिससे कि मुख्यमंत्री के क्षेत्र का नाम खराब न हो।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विधानसभा व चम्पावत जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात महिला कर्मचारी भी अब सुरक्षित नजर नहीं आ रही हैं। हालात ये ही कि जिले में तैनात एसीएमओ डॉ० कुलदीप यादव की ओर से महिला सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) को समय-समय पर परेशान और उनका मानसिक उत्पीड़न मामले ने जोर पकड़ लिया है। जनप्रतिनिधि, व्यापार मंडल पदाधिकारी सहित विभिन्न संगठन के लोगों ने एसीएमओ को हटाने की मांग की है। CHO के बाद क्षेत्रीय लोगों व व्यापार मंडल सहित जनप्रतिनिधियों ने भी उनके विरोध में आ गए हैं। शुक्रवार को विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी के नेतृत्व में सभी लोगों ने एकजुट होकर जिलाधिकारी नवनीत पांडे से उनके कार्यालय में मुलाकात कर काफी नाराजगी जाहिर की। डीएम के सामने अपनी समस्या व प्रताड़ना की बात कहने में महिला कर्मचारी भी फूट फूट कर रो पड़ी। जिससे साफ स्पष्ट होता है कि डॉ कुलदीप यादव के द्वारा कितना उत्पीड़न किया गया है । क्षेत्रीय लोग इनका दर्द देखते आग बबूला हो गए और जल्द स्थानांतरण न होने पर आमरण अनशन की चेतावनी दे डाली। मुख्यमंत्री की विधानसभा अगर अधिकारी ही मनमर्जी करने लगे तो अन्य जिलों का क्या हाल होगा। लोगों ने जल्द एसीएमओ डॉ कुलदीप यादव को चंपावत से हटाया जाने की मांग की है। साथ ही महिला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात महिला कर्चरियों ने डीएम को ज्ञापन सौंपते हुए कहा पिछले कई महिनों इस अधिकारी की ओर से चिकित्सा विभाग में कार्यरत कई महिलाओं के साथ मानसिक उत्पीड़न और गलत आचरण के मामले सामने आए हैं। उक्त अधिकारी की ओर से जनपद के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में तैनात महिला स्वास्थ्य अधिकारियों को वीडियो कॉल करके परेशान करना, उनका मानसिक उत्पीड़न करना और गलत आचरण करने जैसा अमानवीय व्यवहार किया जाता है। प्रताड़ना कर उन्हें वेतन रोकने, नौकरी से निकलने की धमकी दी जाती है। कहा कि सीएम की विधानसभा में मुख्यमंत्री की छवि भी इससे खराब हो रही है। और महिला कर्मचारियों का मनोबल भी टूट रहा है। क्षेत्रीय लोगों ने कहा कि यह हमारे ही क्षेत्र की बहन बेटियां हैं और इस तरह से उनको परेशान करना किसी भी अधिकारी को शोभा नहीं देता है। क्षेत्र के नागरिक और स्थानीयजन ऐसे अधिकारियों को जिले में नहीं चाहते हैं। कृपया भविष्य में कोई बड़ी अशोभनीय घटना हो, उससे पूर्व उक्त एसीएमओ का चम्पावत से स्थानांतरण किया जाए। जिससे कि मुख्यमंत्री के क्षेत्र का नाम खराब न हो।