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उत्तराखंड :पुलिस का एक और सिपाही हुआ 'बागी' सस्पेंड कांस्टेबल शेर सिंह के पक्ष में दिया बयान ।

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रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : उत्तराखंड :पुलिस का एक और सिपाही हुआ 'बागी' सस्पेंड कांस्टेबल शेर सिंह के पक्ष में दिया बयान ।

Laxman Singh Bisht

Fri, Jul 31, 2026

उत्तराखंड पुलिस का एक और सिपाही हुआ 'बागी' सस्पेंड कांस्टेबल शेर सिंह के पक्ष में दिया बयान इस्तीफा देने की कही बात

उत्तराखंड पुलिस के एक और जवान की वीडियो आई सामने. जंतर-मंतर प्रदर्शन का समर्थन करते हुए इस्तीफे की कही बात.

पिथौरागढ़: उत्तराखंड पुलिस के एक और जवान का वीडियो सामने आया है. इस जवान ने भी शेर सिंह की तरह बागी तेवर दिखाए हैं और खुद को 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से आहत होना बताया है. इस जवान ने शेर सिंह का समर्थन करते हुए खुद का इस्तीफा देने की बात कही है. जवान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहा है.

जिस जवान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, उसका नाम अमित कुमार बताया जा रहा है, जो उत्तराखंड पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात है और इस वक्त पिथौरागढ़ में तैनात हैं. पुलिस विभाग की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार, पिथौरागढ़ में तैनात आरक्षी अमित कुमार को 23 जुलाई को कांवड़ मेला ड्यूटी के लिए हरिद्वार रवाना किया गया था।30 जुलाई को ही आरक्षी अमित कुमार ने पुलिस वर्दी एक वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में कहा गया है कि में उत्तराखंड पुलिस का जवान अमित कुमार जनपद पिथौरागढ़ से अभी 20 जुलाई 2026 को एक मामला हुआ दिल्ली जंतर-मंतर पर, जहां हमारे भाई-बहानों को पीटा गया. उसमें हमारे शेर सिंह भाई गए थे उनके ऊपर हिस्ट्रीशीटर का आरोप लगाया. कोई ये सोच रहा है कि हमारे शेर सिंह भाई का एनकाउंटर करेंगे तो हमारा भी करना पड़ेगा. मैं भी इस नौकरी के रिजाइन देना चाह रहा हूं. मेरा रिजाइन स्वीकार करने की कृपा करें. इसके साथ ही उत्तराखंड पुलिस का 4600 ग्रेड पे लगना चाहिए.

इस मामले में पिथौरागढ़ पुलिस की और से प्रेस रिलीज जारी कर बताया गया कि जवान अमित कुमार पर पहले रुद्रप्रयाग जिले में तैनात थे, जहां शिकायतों के आधार पर उन्हें पिथौरागढ़ ट्रांसफर किया गया था. इसके अतिरिक्त उनके विरुद्ध अनुशासनहीनता, ड्यूटी के प्रति लापरवाही व विभागीय निर्देशों की अवहेलना के मामलों में पूर्व में भी कई बार विभागीय कार्रवाई की जा चुकी है. उन्हें नियमानुसार दंडित किया जा चुका है।

पुलिस ने जारी प्रेस रिलीज में बताया संबंधित आरक्षी द्वारा दिनांक 30 जुलाई 2026 को पुलिस वर्दी धारण किए हुए सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट किया गया, जो विभागीय मर्यादा, निष्पक्षता व पुलिस कर्मियों के अपेक्षित आचरण के प्रतिकूल है. यह मामला सोशल मीडिया नीति, उत्तराखंड सरकारी सेवक आचरण नियमावली-2002 व पुलिस अधिनियम-2007 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है. प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए संबंधित आरक्षी को 30 जुलाई 2026 को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. उनके विरुद्ध विभागीय स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाही भी प्रचलित कर दी गई है।वहीं पुलिस उपाधीक्षक गोविंद बल्लभ जोशी ने बताया पुलिस स्पष्ट करती है कि विभागीय अनुशासन, सेवा आचरण व कानून व्यवस्था के विपरीत किसी भी प्रकार के कृत्य को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा. दोषी पाए जाने वाले कार्मिकों के खिलाफ कठोर एवं नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।बता दें कि जिस शेर सिंह का जिक्र अमित कुमार ने किया है, वो बीते दिनों दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में गए थे।शेर सिंह भी उत्तराखंड पुलिस के जवान है और पिथौरागढ़ में तैनात है. शेर सिंह अपनी वर्दी में ही कॉकरोच जनता पार्टी के मंच पर गए थे और अपना इस्तीफा देने की बात कही थी. साथ ही कहा था कि 'उत्तराखंड में परचून की दुकान में पटवारी के पेपर मिलते हैं.'

बाद में इस मामले में उत्तराखंड पुलिस का बयान भी आया था. पुलिस ने कहा था कि

वर्तमान में कांस्टेबल शेर सिंह का छात्र आंदोलन में उकसाने वाले अनर्गल बयान सामने आया है. कांस्टेबल शेर सिंह 28 जून 2026 से अनाधिकारिक रूप से पिथौरागढ़ से अनुपस्थित था. जिस पर पिथौरागढ़ एसपी की ओर से नोटिस दिया गया था. जिसका जवाब न मिलने पर उसे 20 जुलाई 2026 को सस्पेंड कर दिया गया था.

निवेदिता कुकरेती, आईजी कुमाऊं, उत्तराखंड पुलिस

इस कांस्टेबल का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है. यह कांस्टेबल अपने एक साथी के साथ मिलकर प्रवीण वाल्मीकि जैसे कुख्यात गैंगस्टर के साथ मिलकर संगठित अपराध में लिप्त था. ये लोग भोले भाले लोगों को डराकर उनकी जमीन पर कब्जा करते थे. जिसके संबंध में हरिद्वार में एफआईआर भी दर्ज है.

- निवेदिता कुकरेती, आईजी कुमाऊं, उत्तराखंड पुलिस

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