रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : विकसित चम्पावत अभियान को बड़ी सौगात गोरल चौड़ परियोजना के लिए 6.60 करोड़ रुपये जारी
Fri, Jul 24, 2026
विकसित चम्पावत अभियान को बड़ी सौगात गोरल चौड़ परियोजना के लिए 6.60 करोड़ रुपये जारी
मुख्यमंत्री के प्रयासों को मिली बड़ी सफलता, "आदर्श चम्पावत–विकसित चम्पावत" अभियान को मिला नया आयाम
विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना, पर्यटन, युवाओं के सशक्तिकरण एवं आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा गोरल चौड़ क्षेत्र
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व, सतत प्रयासों एवं चम्पावत को प्रदेश का आदर्श जनपद बनाने की प्रतिबद्धता का एक और महत्वपूर्ण परिणाम सामने आया है। "आदर्श चम्पावत–विकसित चम्पावत" की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में राज्य सरकार ने चम्पावत के गोरल चौड़ क्षेत्र के समग्र एवं एकीकृत विकास के लिए "कंस्ट्रक्शन ऑफ इंटीग्रेटेड मास्टर डेवलपमेंट एंड कॉम्प्लेक्स प्लानिंग ऑफ गोरल चौड़ एरिया, चम्पावत" योजना को 117.22 करोड़ रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति से विकसित चम्पावत को मिलेगी गति ।मुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से चम्पावत में पिछले कुछ वर्षों के दौरान सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, खेल, पेयजल, शहरी विकास एवं आधारभूत संरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। इसी क्रम में गोरल चौड़ क्षेत्र के समग्र विकास की यह महत्वाकांक्षी परियोजना जनपद को राष्ट्रीय स्तर की खेल एवं बहुउद्देशीय अवसंरचना उपलब्ध कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगी।यह परियोजना भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा संचालित "स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट (SASCI) 2026-27" के भाग-1 (अनटाइड) के अंतर्गत स्वीकृत की गई है। परियोजना की कुल स्वीकृत लागत ₹117.22 करोड़ निर्धारित की है, जिसे व्यय वित्त समिति द्वारा भी अनुमोदित किया जा चुका है।परियोजना के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए वर्तमान में ₹10 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की गई है, जिसके सापेक्ष 66 प्रतिशत की प्रथम किश्त के रूप में ₹6.60 करोड़ की धनराशि खेल निदेशालय के निवर्तन पर रख दी गई है। इससे निर्माण कार्यों को गति मिलेगी तथा परियोजना का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।गोरल चौड़ क्षेत्र का विकास केवल एक खेल परिसर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे आधुनिक एवं बहुआयामी सुविधाओं से युक्त एकीकृत विकास मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा।इससे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल गतिविधियों के आयोजन की संभावनाएं बढ़ेंगी, युवाओं को उत्कृष्ट प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी, खेल प्रतिभाओं को नया मंच प्राप्त होगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी व्यापक बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना चम्पावत को उत्तराखण्ड के प्रमुख खेल एवं विकास केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चम्पावत में विकास कार्य केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि धरातल पर तेजी से साकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि "आदर्श चम्पावत–विकसित चम्पावत" की परिकल्पना के अनुरूप यह परियोजना जिले के समग्र विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगी। इससे युवाओं को आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा जनपद की नई पहचान स्थापित होगी।जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यदायी संस्था एवं सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परियोजना से संबंधित सभी तकनीकी एवं प्रशासनिक औपचारिकताओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करते हुए निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्य शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता, पूर्ण पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ संपादित किया जाए, ताकि मुख्यमंत्री की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ शीघ्र जनसामान्य एवं युवाओं तक पहुंच सके।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के सतत मार्गदर्शन एवं विशेष प्रयासों से चम्पावत में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। गोरल चौड़ की यह महत्वाकांक्षी परियोजना न केवल खेल संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी, बल्कि चम्पावत को आधुनिक, विकसित और आत्मनिर्भर जनपद के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी एक ऐतिहासिक उपलब्धि सिद्ध होगी।
रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : 40 हजार की ले रहा था रिश्वत बागेश्वर में विजिलेंस ने उरेडा अधिकारी को रंगे हाथ किया गिरफ्तार ।
Fri, Jul 24, 2026
40 हजार की ले रहा था रिश्वत बागेश्वर में विजिलेंस ने उरेडा अधिकारी को रंगे हाथ किया गिरफ्तार ।
भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस टीम ने शुक्रवार को बागेश्वर जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए उरेडा के परियोजना अधिकारी धीरेंद्र सिंह पटवाल को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की खबर मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया और मौके पर विजिलेंस अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद रहे। रिश्वत मांग रहे उरेडा अधिकारी से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने हल्द्वानी के विजिलेंस कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि जिले के उरेडा कार्यालय में उनकी चार सोलर प्लांटों की संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट लंबित रखी जा रही है और फाइल आगे बढ़ाने के लिए प्रति फाइल 10–15 हजार रुपये की मांग की जा रही है। शिकायत में आरोप था कि परियोजना अधिकारी फाइलें तभी आगे भेज रहे थे जब शिकायतकर्ता रिश्वत दे। शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार कर अधिकारी को रंगे हाथ पकड़वाने का निर्णय लिया।विजिलेंस ने शिकायत का गोपनीय सत्यापन कर मामला प्रथम दृष्टया सही पाया। पुलिस अधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान, हल्द्वानी के निर्देश पर निरीक्षक के नेतृत्व में ट्रैप टीम का गठन किया गया। योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई में, जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को 40 हजार रुपये दिए । तैयार खड़ी विजिलेंस टीम ने उरेडा अधिकारी धीरेंद्र सिंह पटवाल को मौके पर गिरफ्तार कर लिया। आगे की कानूनी कार्रवाई और जाँच जारी है। विजिलेंस के द्वारा लगातार कार्रवाई किए जाने के बावजूद भी अधिकारी रिश्वतखोरी छोड़ने को तैयार नहीं है। विजिलेंस कई रिश्वतखोर अधिकारियों को जेल की हवा खिला चुकी है।