: रामनगर पहुंचे सीएमधामी G 20 सम्मेलन को बताया उत्तराखंड के लिए गर्व
Tue, Mar 28, 2023
रामनगर गर्जिया मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचे सीएम धामी G20 को लेकर कही ये बात
G20 के डेलीगेट्स के रुद्रपुर से रामनगर पहुंचने से पहले रामनगर पहुंचे प्रदेश के मुखिया पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के लिए सौभाग्य की बात है कि जी-20 का कार्यक्रम रामनगर में हो रहा है.।उन्होंने कहा कि यह हमारे भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी के नेतृत्व में भारत को जी-20 की अध्यक्षता मिली है ये पूरे देश के लिए गर्व की बात है. उन्होंने कहा कि इसको लेकर अनेक कार्यक्रम आज भारत में हो रहे हैं और G 20 की उत्तराखंड में 3 बैठक हो रही है यह उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है सीएम धामी ने कहा G 20की पहली बैठक उत्तराखंड की पर्यटन नगरी रामनगर में हो रही है. जिसमें पूरी दुनिया के लोग चर्चा करेंगे और राउंड द टेबल यह बैठक होगी,।
सीएम ने कहा कि इस बैठक से पूरी दुनिया मे हमारे प्रदेश को लोग जानेंगे और रामनगर विश्व विख्यात हो जाएगा. सीएम धामी ने कहा कि पूरे विश्व से आने वाले लोग जहां एक ओर उत्तराखंड की संस्कृति से रूबरू होंगे वही हमारे प्रदेश का नाम भी विश्व विख्यात होगा. वही बता दें कि रामनगर में जिन जिन क्षेत्रों में से होकर डेलिगेट गुजर रहे हैं उन क्षेत्रों में पढ़ने वाले स्कूल व अन्य संस्थानों का उत्तराखंड की शैली में सौंदर्यीकरण किया गया है,
दीवारों पर उकेरी गई उत्तराखंड की शानदार संस्कृती की तस्वीरों को देखकर सीएम धामी खुद को सेल्फी लेने से नहीं रोक सके वही ढिकुली क्षेत्र में एक विद्यालय कार्यक्रम स्थल के समीप है जिससे वह विद्यालय हाईटेक हो चुका है, वहीं इस सवाल पर कि प्रदेश के और भी विद्यालय हाईटेक होंगे इस सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें आशा है कि प्रदेश के सभी विद्यालय जल्द हाईटेक होंगे. उत्तराखंड की जनता मुझ पर भरोसा रखें
: G20 सम्मेलन को लेकर विदेशी डेलिगेट्स का दल पहुंचा पंतनगर छोलिया नर्तकों के दल ने किया विदेशी मेहमानों का जोरदार स्वागत
Tue, Mar 28, 2023
G-20 समिट लेकर विदेशी मेहमान पहुंचे पन्तनगर एयरपोर्ट
उत्तराखंड के रामनगर में 28 से 30 मार्च तक चलने वाली जी-20 समिट आज मंगलवार से शुरू हो रहा है। समिट में शामिल होने आने वाले विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए पन्तनगर एयरपोर्ट पर प्रशासन ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था समेत सभी तैयारियां पूरी कर ली थी ।विदेशी मेहमान कड़ी सुरक्षा के बीच पन्तनगर एयरपोर्ट से रुद्रपुर पहुंचेंगे जिसके बाद रामनगर जाएंगे। सूत्रों के अनुसार 36 विदेशी और 20 भारतीय सहित कुल 56 मेहमान रामनगर जी-20 समिट में शामिल होने के लिए आये हैं। 28 मार्च की दोपहर विदेशी प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार पन्तनगर एयरपोर्ट पर पहुंचे जहाँ उनको उत्तराखंड की ऐपड कला और माँ नन्दा सुनंदा चित्र से रूबरू कराया गया जिसके
पश्चात कुमाउँनी छोलिया लोक नृत्य के साथ विदेशी मेहमानों का स्वागत किया गया जिसके बाद लग्जरी बसों के द्वारा पन्तनगर से होटल रेडीसन ब्लू में दोपहर का लंच कराया जायेगा जिसमे विदेशी पकवानों के साथ-साथ उत्तराखंड के मंडुए की रोटी और भांग की चटनी का स्वाद भी चखा जायेगा जिसके बाद शाम चार बजे तक विदेशी डेलीगेट रामनगर पहुंचेंगे ।विदेशी मेहमानों के ठहरने की व्यवस्था प्रशासन की ओर से ढिकुली के ताज रिजॉर्ट में की गई है। सोमवार को पंतनगर एयरपोर्ट से लेकर रामनगर ढिकुली तक विदेशी मेहमानों के आगमन का रिहर्सल प्रशासन की ओर से किया गया था ।
इन देशों के डेलीगेट होंगे शामिल ग्रुप ऑफ ट्वेंटी (जी-20) एक अंतरराष्ट्रीय सरकारी मंच है। इसमें 20 देश अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ शामिल होंगे। वही मित्र देश बांग्लादेश, मिस्र, मॉरीशस, नीदरलैंड, नाइजीरिया, ओमान, सिंगापुर, स्पेन और संयुक्त अरब अमीरात के डेलीगेट भी शामिल होंगे। विश्व की ये 13 संस्थाएं होंगी शामिल-
जी-20 समिट में विश्व की 13 संस्थाएं भी हिस्सा लेंगी। इसमें संयुक्त राष्ट्र (यूएन), अंतरराष्ट्रीय मु्द्रा कोष (आईएमएफ), विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ), विश्व श्रम संगठन (आईएलओ), वित्तीय स्थिरता बोर्ड (एफएसबी), एटीडी (एशियाई विकास बैंक), ओईसीडी (ऑर्गनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक कॉरपोरेशन एंड डेवलपमेंट), एयू चेयर (अफ्रीकन यूनियन), नेपाड चेयर (न्यू पाटर्नरशिप फॉर अफ्रीकन डिपार्टमेंट), एशियन चेयर (एसोसिएट ऑफ साउथ एशिया नेशन), आईएसए (इंटरनेशनल सोलर एलायंस), सीडीआरआई (कोलेशन फॉर डिजाइटर रिजलिंट इनफारट्रेक्चर) शामिल हैं।
इन बिंदुओं पर होगी भारत की प्राथमिकताएं- हरित, विकास, जलवायु वित्त और लाइफ।त्वरित, समावेशी और लचीला विकास।एसडीजी (सबस्टेनिबल डवलपमेंट गोल्स) पर प्रगति में तेजी लाना।तकनीकी परिवर्तन और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना।21वीं सदी के लिए बहुपक्षीय संस्थान।महिलाओं के नेतृत्व में विकास।