: लोहाघाट:खेतीखान में बंदरों का आतंक किसानों की मेहनत पर फेर रहे हैं पानी
Laxman Singh Bisht
Tue, Feb 4, 2025
खेतीखान में बंदरों का आतंक किसानों की मेहनत पर फेर रहे हैं पानी
चंपावत जिले के खेतीखान में बंदरों ने आतंक मचाया हुआ है भाजपा महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष चंद्रकला मेहरा ने बताया वर्तमान में कहीं से कोई बंदरों को लाकर खेतीखान में छोड़ गया है बाजार के नजदीक रहने वाले लोगों को बंदरो के आतंक से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है बंदर खेतों में फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं किसानों का खेतों में साग सब्जी लगाना मुश्किल हो गया है उन्होंने बताया बंदर पेड़ पौधों को फल आने से पहले ही क्षतिग्रस्त कर रहे है तथा दिनदहाड़े लोगों के घरों तथा सब्जी आदि फल फ्रूटो की दुकानो से सामान उठा ले जा रहे हैं चंद्रकला मेहरा ने बताया यहां के जो गरीब किसान हैं वह खेतीबाड़ी पर ही निर्भर रहते हैं परंतु बंदरो के आतंक से यहां किसी प्रकार की खेती नहीं हो पा रही है जिस कारण यहां के मजदूर, किसान काफी परेशान है वर्तमान में ग्रामीणों ने उद्यान विभाग से पेड़ पौधे लेकर कीवी, सेव, आडू ,प्लम आदि के पौधे लगा रखे हैं बंदरो ने पौधे भी क्षतिग्रस्त कर दिए हैं मंडल अध्यक्ष चंद्रकला महरा ने वन विभाग से अनुरोध करते हुए इस विषय पर उचित कार्रवाई करते हुए इसका समस्या का समाधान करने की मांग की है
चंपावत जिले के खेतीखान में बंदरों ने आतंक मचाया हुआ है भाजपा महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष चंद्रकला मेहरा ने बताया वर्तमान में कहीं से कोई बंदरों को लाकर खेतीखान में छोड़ गया है बाजार के नजदीक रहने वाले लोगों को बंदरो के आतंक से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है बंदर खेतों में फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं किसानों का खेतों में साग सब्जी लगाना मुश्किल हो गया है उन्होंने बताया बंदर पेड़ पौधों को फल आने से पहले ही क्षतिग्रस्त कर रहे है तथा दिनदहाड़े लोगों के घरों तथा सब्जी आदि फल फ्रूटो की दुकानो से सामान उठा ले जा रहे हैं चंद्रकला मेहरा ने बताया यहां के जो गरीब किसान हैं वह खेतीबाड़ी पर ही निर्भर रहते हैं परंतु बंदरो के आतंक से यहां किसी प्रकार की खेती नहीं हो पा रही है जिस कारण यहां के मजदूर, किसान काफी परेशान है वर्तमान में ग्रामीणों ने उद्यान विभाग से पेड़ पौधे लेकर कीवी, सेव, आडू ,प्लम आदि के पौधे लगा रखे हैं बंदरो ने पौधे भी क्षतिग्रस्त कर दिए हैं मंडल अध्यक्ष चंद्रकला महरा ने वन विभाग से अनुरोध करते हुए इस विषय पर उचित कार्रवाई करते हुए इसका समस्या का समाधान करने की मांग की है