: लोहाघाट:मौसम के साथ ही पेयजल समस्या को लेकर कभी भी फूट सकता है लोहाघाट में जन आक्रोश/ जनता में आंदोलन को लेकर सुगबुहाहट हुई तेज महिलाएं हुई मुखर /जनवरी में हुआ भीषण जल संकट
Laxman Singh Bisht
Sat, Feb 1, 2025
मौसम के साथ ही पेयजल समस्या को लेकर कभी भी फूट सकता है लोहाघाट में जन आक्रोश जनता में आंदोलन को लेकर सुगबुहाहट हुई तेज महिलाएं हुई मुखर जनवरी में हुआ भीषण जल संकट
मॉडल जिले चंपावत में मुख्यमंत्री की फिजा खराब करने के लिए जल संस्थान आया लोगों के निशाने में। लोहाघाट में हो रहे भीषण पेयजल संकट को सिस्टम का दोष मानें या अधिकारियों का निकम्मापन, या जन प्रतिनिधियों की कमी मुख्यमंत्री के मॉडल जिले में लोहाघाट नगर के लोगों को चार से पांच दिन में भी नाम मात्र का पानी मिल पा रहा है जिस कारण जनता में जल संस्थान व शासन प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश पैदा हो गया है यहा लंबे समय से जमे अधिकारियों की बहादुरी से क़ी जा रही कार्य संस्कृति के चलते मुख्यमंत्री को जनरोष का सामना करने की स्थिति पैदा क़ी जा रही हैं, जो जिले के विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं निकाय चुनाव में भाजपा प्रत्याशी की रिकॉर्ड जीत का आधार ही नगर की पेयजल समस्या का तुरंत समाधान करने का लोगों को भरोसा मिला है नगर पालिका के नवनिर्वाचित अध्यक्ष गोविंद वर्मा ने भले ही अभी शपथ नहीं ली है लेकिन चुनाव जीतने के बाद से ही वह नगर की पेयजल समस्या से लोगों को राहत देने के प्रयास में जुट गए हैं इस समस्या को लेकर नगर के लोग उनके पीछे चट्टान की तरह खड़े हो गए हैं नगर के लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि नगर की पेयजल की प्रतिदिन 2070 किलोलीटर की जरूरत है, इसके भंडारण के लिए 720 किलोलीटर क्षमता के टैक संस्थान के पास उपलब्ध हैं जबकि नए टैंक बनाने के लिए विभाग के पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध हैं, इसके बावजूद भी बरसों से यही गीत गाया जा रहा है कि भंडारण की क्षमता कम होने से यहां बरसात में भी लोगों को चौथे दिन पानी मिल पाता है यही नहीं बनस्वाड गधेरे में रायकोट मार्ग मे 4 साल पूर्व लाखों रुपए खर्च कर ट्यूबवेल खोदा गया है लेकिन उसे आज तक जल संस्थान के द्वारा चालू नहीं किया गया है उधर मुख्यमंत्री द्वारा सरयू लिफ्ट पेयजल योजना को स्वीकृत करने के बाद जल निगम द्वारा 106 करोड़ की डीपीआर तैयार की गई है| जल निगम के अधिशासी अभियंता बीके पाल के अनुसार डीपीआर में शासन स्तर पर लगी आपत्तियो को दूर किया जा चुका है| नगर के लोग सरयू लिप्ट पेयजल योजना के शीघ्र बनाने पर भी जोर दे रहे हैं उनका कहना है क़ी इस लिफ्ट पेयजल योजना से ही लोहाघाट की पेयजल समस्या का स्थाई समाधान हो सकता है तथा सीवर लाइन का भविष्य टिका हुआ है| बहरहाल अभी नगर के लोगों के निशाने में जल संस्थान आ गया है, जिसकी कार्यशैली के चलते लोग आंदोलन का मूड बना चुके हैं लोगों का साफ कहना है कि जल संस्थान पेयजल के लिए लोगों को परेशान कर मुख्यमंत्री की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहा है वही जल संस्थान के अधिशासी अभियंता बिलाल यूनुस ने कहा नगर में पेयजल के समाधान के लिए तीन सोलर हैंड पंपों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है तथा जल्द ही रायकोट ट्यूबवेल योजना को शुरू किया जाएगा वही नवनिर्वाचित पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा जल संकट को लेकर आक्रोश जता चुके हैं कुल मिलाकर जनवरी माह में ही लोहाघाट में पेयजल के लिए हाहाकार मच गया है लोग धारे नौलों व सोलर हैंड पंपो में दिनभर पानी भरते नजर आ रहे हैं इस वर्ष गर्मी बढ़ने के साथ-साथ लोहाघाट नगर में पेयजल की विकराल समस्या पैदा होने जा रही है जल संस्थान व प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेना चाहिए अन्यथा गर्मियों में स्थिति विस्फोटक हो सकती है वही नगर की जनता आशा भरी निगाहों से पालिका अध्यक्ष की ओर देख रही है
मॉडल जिले चंपावत में मुख्यमंत्री की फिजा खराब करने के लिए जल संस्थान आया लोगों के निशाने में। लोहाघाट में हो रहे भीषण पेयजल संकट को सिस्टम का दोष मानें या अधिकारियों का निकम्मापन, या जन प्रतिनिधियों की कमी मुख्यमंत्री के मॉडल जिले में लोहाघाट नगर के लोगों को चार से पांच दिन में भी नाम मात्र का पानी मिल पा रहा है जिस कारण जनता में जल संस्थान व शासन प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश पैदा हो गया है यहा लंबे समय से जमे अधिकारियों की बहादुरी से क़ी जा रही कार्य संस्कृति के चलते मुख्यमंत्री को जनरोष का सामना करने की स्थिति पैदा क़ी जा रही हैं, जो जिले के विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं निकाय चुनाव में भाजपा प्रत्याशी की रिकॉर्ड जीत का आधार ही नगर की पेयजल समस्या का तुरंत समाधान करने का लोगों को भरोसा मिला है नगर पालिका के नवनिर्वाचित अध्यक्ष गोविंद वर्मा ने भले ही अभी शपथ नहीं ली है लेकिन चुनाव जीतने के बाद से ही वह नगर की पेयजल समस्या से लोगों को राहत देने के प्रयास में जुट गए हैं इस समस्या को लेकर नगर के लोग उनके पीछे चट्टान की तरह खड़े हो गए हैं नगर के लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि नगर की पेयजल की प्रतिदिन 2070 किलोलीटर की जरूरत है, इसके भंडारण के लिए 720 किलोलीटर क्षमता के टैक संस्थान के पास उपलब्ध हैं जबकि नए टैंक बनाने के लिए विभाग के पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध हैं, इसके बावजूद भी बरसों से यही गीत गाया जा रहा है कि भंडारण की क्षमता कम होने से यहां बरसात में भी लोगों को चौथे दिन पानी मिल पाता है यही नहीं बनस्वाड गधेरे में रायकोट मार्ग मे 4 साल पूर्व लाखों रुपए खर्च कर ट्यूबवेल खोदा गया है लेकिन उसे आज तक जल संस्थान के द्वारा चालू नहीं किया गया है उधर मुख्यमंत्री द्वारा सरयू लिफ्ट पेयजल योजना को स्वीकृत करने के बाद जल निगम द्वारा 106 करोड़ की डीपीआर तैयार की गई है| जल निगम के अधिशासी अभियंता बीके पाल के अनुसार डीपीआर में शासन स्तर पर लगी आपत्तियो को दूर किया जा चुका है| नगर के लोग सरयू लिप्ट पेयजल योजना के शीघ्र बनाने पर भी जोर दे रहे हैं उनका कहना है क़ी इस लिफ्ट पेयजल योजना से ही लोहाघाट की पेयजल समस्या का स्थाई समाधान हो सकता है तथा सीवर लाइन का भविष्य टिका हुआ है| बहरहाल अभी नगर के लोगों के निशाने में जल संस्थान आ गया है, जिसकी कार्यशैली के चलते लोग आंदोलन का मूड बना चुके हैं लोगों का साफ कहना है कि जल संस्थान पेयजल के लिए लोगों को परेशान कर मुख्यमंत्री की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहा है वही जल संस्थान के अधिशासी अभियंता बिलाल यूनुस ने कहा नगर में पेयजल के समाधान के लिए तीन सोलर हैंड पंपों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है तथा जल्द ही रायकोट ट्यूबवेल योजना को शुरू किया जाएगा वही नवनिर्वाचित पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा जल संकट को लेकर आक्रोश जता चुके हैं कुल मिलाकर जनवरी माह में ही लोहाघाट में पेयजल के लिए हाहाकार मच गया है लोग धारे नौलों व सोलर हैंड पंपो में दिनभर पानी भरते नजर आ रहे हैं इस वर्ष गर्मी बढ़ने के साथ-साथ लोहाघाट नगर में पेयजल की विकराल समस्या पैदा होने जा रही है जल संस्थान व प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेना चाहिए अन्यथा गर्मियों में स्थिति विस्फोटक हो सकती है वही नगर की जनता आशा भरी निगाहों से पालिका अध्यक्ष की ओर देख रही है