रिपोर्ट:जगदीश जोशी : बाराकोट:तडाग मे गुलदार व भालू का खतरा। गांव में लड़ते-लड़ते पहुंचे दो गुलदार ग्रामीणों की वन विभाग से सुरक्षा की
Laxman Singh Bisht
Fri, Nov 28, 2025
तडाग मे गुलदार व भालू का खतरा। गांव में लड़ते-लड़ते पहुंचे दो गुलदार
ग्रामीणों की वन विभाग से सुरक्षा की मांग।
ग्रामीण के घर से गुलदार उठा ले गया बकरी। छात्र-छात्राओं को भी खतरा।
चंपावत जिले के विकास खण्ड बाराकोट की ग्राम पंचायत तडाग में गुलदार के साथ-साथ भालू का भी खतरा बढ़ गया है।सुबह शाम गुलदार देखे जाने से ग्रामीणों में काफी दहशत है। शुक्रवार को ग्राम तडाग के पूर्व प्रधान होशियार सिंह बोहरा ने बताया कि आज सुबह उन्होंने दो गुलदारों को लड़ते हुए गांव में ही देखा। ग्रामीणों ने काफी हल्ला गुल्ला कर व बम पटाखे फोड़ कर गुलदारो को वहा से भगाया ।लेकिन गुलदार कुछ दूर जाकर बैठ गए। पूर्व प्रधान होशियार से बोरा ने बताया गुलदार के अलावा क्षेत्र में भालू का खतरा भी बना हुआ है जानवरों के लिए चारा पत्ता लाने जंगल गई महिलाओं को वहा एक विशालकाय भालू नजर आया इसके बाद महिलाएं चिल्लाती हुई वापस गांव आ गई। पूर्व प्रधान ने बताया उनके काली कुमाऊं रेंज के बन दरोगा प्रकाश गिरी गोस्वामी से इस मामले वार्ता की गई बन दरोगा के द्वारा बताया कि वन पंचायत व प्रधान की संयुक्त प्रार्थना पत्र को वह वन विभाग कार्यालय चंपावत भेजेंगे पिंजरा लगाने की अनुमति मिलने के बाद ही पिंजरा लगाया जाएगा ।पूर्व प्रधान ने बताया कि ग्रामीणों व महिलाओ को जंगल जाने में खतरा पैदा हो गया है इसके अलावा गल्ला गांव के छात्रों को जूनियर हाई स्कूल कालाकोट में है आने जाने में डर का माहौल बना हुआ है। पूर्व प्रधानने बताया चार दिन पूर्व ग्रामीण भुपाल सिंह के घर के अंदर से गुलदार द्वारा बकरी को अपना निवाला लिया गया था। पूर्व प्रधान होशियार सिंह बोरा, सरपंच उम्मेद सिंह, प्रधान दीपक सिंह , जगत सिंह ,भूपेंद्र सिंह ,कमल सिंह, मोहन सिंह, बच्ची देवी ,पूर्व सरपंच भैरवी देवी ,केदार सिंह, देव सिंह व समस्त ग्रामीणों ने वन विभाग को प्रशासन से जल्द से जल्द गांव में पिंजरा लगाकर गुलदार व भालू के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।