रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चम्पावत: नरियाल गांव मे बनेगा कृषि महाविद्यालय 600 नाली भूमि चिन्हित
Laxman Singh Bisht
चम्पावत: नारियाल गांव मे बनेगा कृषि महाविद्यालय 600 नाली भूमि चिन्हित
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा परिसर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा संख्या 602/2025 के क्रम में जनपद चम्पावत में प्रस्तावित कृषि महाविद्यालय की स्थापना को लेकर प्रशासन द्वारा तेजी से कार्यवाही की जा रही है।इस हेतु विकासखंड चम्पावत के नरियालगांव में लगभग 600 नाली भूमि का चिन्हीकरण कर लिया गया है।इस महत्वपूर्ण परियोजना के संबंध में जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर से आए विशेषज्ञों ने प्रतिभाग करते हुए महाविद्यालय की स्थापना, संरचना, पाठ्यक्रम एवं दीर्घकालिक विकास को लेकर अपने तकनीकी सुझाव प्रस्तुत किए। विशेषज्ञों ने क्षेत्रीय कृषि परिस्थितियों, स्थानीय फसलों, अनुसंधान की संभावनाओं एवं आधुनिक कृषि तकनीकों को ध्यान में रखते हुए संस्थान को विकसित करने पर बल दिया।जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता, सीएनडीएस को निर्देशित किया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की गाइडलाइन के अनुरूप विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन शीघ्र तैयार किया जाए, जिससे महाविद्यालय को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जा सके।

बैठक में अधिशासी अभियंता द्वारा अवगत कराया गया कि प्रस्तावित महाविद्यालय परिसर को सुव्यवस्थित ढंग से तीन प्रमुख जोनों में विभाजित करते हुए विकसित करने की योजना बनाई गई है।प्रस्तावित योजना के अनुसार प्रथम जोन (एकेडमिक जोन) में दो अत्याधुनिक शैक्षणिक भवनों के साथ एक प्रशासनिक भवन का निर्माण किया जाएगा, जहां शिक्षण, प्रयोगशालाएं एवं प्रशासनिक कार्य संचालित होंगे। द्वितीय एवं तृतीय जोन में आवासीय परिसर एवं छात्रावास (हॉस्टल ब्लॉक) विकसित किए जाएंगे, जिससे छात्र-छात्राओं एवं कार्मिकों के लिए समुचित आवासीय सुविधा उपलब्ध हो सके।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि महाविद्यालय का डिजाइन तैयार करते समय भविष्य में विस्तार की संभावनाओं को विशेष रूप से ध्यान में रखा जाए, ताकि आने वाले समय में नए पाठ्यक्रम, शोध केंद्र एवं अन्य अधोसंरचनात्मक सुविधाओं को सहज रूप से जोड़ा जा सके। उन्होंने परिसर को एक आधुनिक एवं समग्र शैक्षणिक संस्थान के रूप में विकसित करने पर बल देते हुए कहा कि इसमें ऑडिटोरियम, इन्क्यूबेशन सेंटर, कम्प्यूटर सेंटर, समृद्ध डिजिटल लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लासरूम, अनुसंधान प्रयोगशालाएं एवं अन्य आवश्यक आधुनिक सुविधाएं भी अनिवार्य रूप से शामिल की जाएं।बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि महाविद्यालय की स्थापना केवल शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित न रहकर क्षेत्रीय कृषि विकास, नवाचार, स्टार्टअप्स एवं किसानों के प्रशिक्षण का भी एक प्रमुख केंद्र बने। इसके माध्यम से स्थानीय युवाओं को गुणवत्तापूर्ण कृषि शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखा गया है।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्ताव को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र अंतिम रूप देते हुए शासन को प्रेषित किया जाए, ताकि आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त कर निर्माण कार्य समयबद्ध रूप से प्रारंभ किया जा सके।बैठक में अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, जिला विकास अधिकारी दिनेश सिंह दिगारी, मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ वसुंधरा गर्ब्याल, जिला उद्यान अधिकारी मोहित मल्ली, पंतनगर विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों समेत अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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