रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:यूपीसीएल कार्यालय मे डीएम का छापा अधिशासी अभियंता सहित छह अनुपस्थित स्पष्टीकरण तलब
Laxman Singh Bisht
Mon, Jul 6, 2026
यूपीसीएल कार्यालय मे डीएम का छापा अधिशासी अभियंता सहित छह अनुपस्थित स्पष्टीकरण तलब
लापरवाही पर कड़ा एक्शन।
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर जताई कड़ी नाराजगी
सौरई एवं तामली क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति में सुधार एवं झूलते तारों को सही कराने के दिए निर्देश

जनपद में सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने सोमवार को यूपीसीएल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों, आरटीआई रजिस्टर, कार्यालय अभिलेखों, कर्मचारियों की उपस्थिति तथा कार्यालय व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान शाम 5 बजे से पूर्व अधिशासी अभियंता सहित छह कार्मिक कार्यालय से अनुपस्थित पाए गए। इस गंभीर लापरवाही पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति कार्यालय से अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों की विस्तार से समीक्षा की तथा एक शिकायतकर्ता से स्वयं दूरभाष पर वार्ता कर प्रकरण की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे नवंबर 2025 में 14 हजार रुपये तथा फरवरी 2026 में 6,075 रुपये का बिजली बिल प्राप्त हुआ, जिसका उसने भुगतान भी कर दिया। इसके बावजूद मार्च एवं अप्रैल माह का लगभग 88 हजार रुपये का अत्यधिक बिजली बिल जारी कर दिया गया। कई बार विभाग को अवगत कराने के बावजूद उसकी समस्या का समाधान नहीं किया गया।शिकायतकर्ता से बातचीत के बाद जिलाधिकारी ने कहा कि प्रथम दृष्टया प्रकरण में विभागीय लापरवाही स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है। उन्होंने अधिशासी अभियंता को तत्काल स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता अथवा टालमटोल स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध एवं संतोषजनक समाधान प्रत्येक अधिकारी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सीमांत क्षेत्र सौरई एवं तामली में बार-बार बाधित हो रही विद्युत आपूर्ति पर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था में तत्काल सुधार सुनिश्चित करने, बार-बार होने वाली विद्युत बाधाओं का स्थायी समाधान करने तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभाग जनता की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें, जिससे आमजन को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं प्राप्त हो सकें।