: चंपावत :बनाअग्नि की घटनाओ को रोकने में बेहतर काम करने वाली ग्राम सभा को मिलेगा इनाम 30 हजार
Laxman Singh Bisht
Thu, May 9, 2024बनाअग्नि की घटना को रोकने में बेहतर काम करने वाली ग्राम सभा को मिलेगा इनाम 30 हजार
वर्तमान में जंगलों में हो रही वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम हेतु जनपद स्तर पर किए जा रहे विभिन्न कार्यों, आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में जिलाधिकारी नवनीत पांडे द्वारा अधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिले में वनाग्नि घटनाओं को शून्य करना है।* इस हेतु व्यापक स्तर पर जनमानस को जन जागरूक करने की साथ ही ऐसी व्यवस्था व सिस्टम तैयार किया जाए की कहीं पर भी आग की घटना घटित ना हो। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वह वनाग्नि रोकथाम हेतु वन विभाग का सहयोग करें।जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि वह वनाग्नि की एक भी घटना ना हो।जिलाधिकारी ने कहा कि निजी खेतों में कोई भी व्यक्ति आग न लगाए, इस हेतु पटवारी, ग्राम पंचायत व ग्राम विकास अधिकारी ग्रामीणों को जागरूक करें। कोई भी व्यक्ति अगर आग लगाते हुए पाया जाता है तो संबंधित क्षेत्रीय राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी) तत्काल संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए*।
जिलाधिकारी ने कहा कि वनाग्नि की रोकथाम हेतु महिला स्वयं सहायता समूह के अतिरिक्त महिला मंगल दलों से भी सहायता ली जाए।जिलाधिकारी ने कहा कि जो ग्राम पंचायत वनाग्नि रोकथाम हेतु बेहतर कार्य व सहयोग करेगा उन ग्राम पंचायत को पुरस्कृत किया जाएगा।जिलाधिकारी ने कहा कि वनों में आग लगाना अपराध है तथा उसे बुझाने में या नियंत्रण करने में सहयोग न करना भी एक प्रकार से अपराध है। सभी लोग अपनी जिम्मेदारी से कार्य करें।*इस दौरान जिलाधिकारी ने जिले में वर्तमान में विभिन्न स्थानों में हो रही पेयजल की समस्या की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिशासी अभियंता जल संस्थान को निर्देश दिए कि वर्तमान में जिले में पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था हेतु जो 22 टैंकर लगाए गए हैं उन सभी टैंकरों का पेयजल वितरण हेतु रोस्टर तैयार करते हुए आम नागरिकों को भी अवगत कराया जाए*। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पेयजल की अधिक किल्लत है ऐसे स्थान में एक हजार लीटर की टंकी रखकर इन टैंकरों से उनमें पेयजल भर जाए ताकि क्षेत्रवासियों को आवश्यकतानुसार पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो इस संबंध में जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता जल संस्थान को निर्देश दिए कि 20 टंकी एक हजार लीटर क्षमता के इन क्षेत्रों में तत्काल स्थापित करें।जिलाधिकारी ने कहा कि अतिरिक्त टैंकरों की आवश्यकता विभाग को है तो वह तत्काल अपना प्रस्ताव उपलब्ध कराए। बैठक में पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने कहा कि जो भी व्यक्ति जंगल में आग लगाते हुए पकड़ा जाता है उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए ताकि ऐसों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा सके। पुलिस अधीक्षक ने अवगत कराया कि फायर विभाग द्वारा वर्तमान तक विभिन्न घटनाओं में कुल 147 स्थान में आग बुझाई गई है। वनाग्नि की रोकथाम हेतु फायर विभाग तत्परता से कार्य कर रहा है।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी ने अवगत कराया कि चंपावत वन प्रभाग का कुल 111860.82 हेक्टेयर में वन क्षेत्र स्थित है। वर्तमान तक जिले में कुल 55 वनाग्नि की दुर्घटनाएं हुई है।* जिसमें 34 आरक्षित तथा 21 पंचायत सिविल वन क्षेत्र हैं। वर्तमान तक 42 निर्गत वन अपराध पर 12 नामजद तथा 03 एफआईआर दर्ज की गई है। विभाग वनाग्नि रोकथाम हेतु रात दिन कार्य कर रहा है। प्रभागीय वनाधिकारी ने अवगत कराया कि जो ग्राम सभा वनाग्नि नियंत्रण में बेहतर कार्य करेगी उसे 30 हजार रूपए की धनराशि देने का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने कहा कि क्रू स्टेशनों की स्थापना के साथ ही फायर लाइन की सफाई, जन जागरूकता कार्यक्रम, प्रचार प्रसार गोष्ठियों का आयोजन, रात्रि गस्त भी लगातार जारी है। प्रभागीय वनाधिकारी ने कहा कि विभागों के साथ-साथ जनता से भी सहयोग लिया जा रहा है।इससे पूर्व एसडीओ फॉरेस्ट नेहा चौधरी द्वारा पीपीटी के माध्यम से वनाग्नि की रोकथाम हेतु जिले में किया जा रहे प्रबंधन व कार्यों की जानकारी दी गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, प्रभागीय वनाधिकारी आरसी कांडपाल, मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी हेमंत कुमार वर्मा उप जिलाधिकारी लोहाघाट रिंकु बिष्ट, चंपावत सौरभ असवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
वर्तमान में जंगलों में हो रही वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम हेतु जनपद स्तर पर किए जा रहे विभिन्न कार्यों, आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में जिलाधिकारी नवनीत पांडे द्वारा अधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिले में वनाग्नि घटनाओं को शून्य करना है।* इस हेतु व्यापक स्तर पर जनमानस को जन जागरूक करने की साथ ही ऐसी व्यवस्था व सिस्टम तैयार किया जाए की कहीं पर भी आग की घटना घटित ना हो। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वह वनाग्नि रोकथाम हेतु वन विभाग का सहयोग करें।जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि वह वनाग्नि की एक भी घटना ना हो।जिलाधिकारी ने कहा कि निजी खेतों में कोई भी व्यक्ति आग न लगाए, इस हेतु पटवारी, ग्राम पंचायत व ग्राम विकास अधिकारी ग्रामीणों को जागरूक करें। कोई भी व्यक्ति अगर आग लगाते हुए पाया जाता है तो संबंधित क्षेत्रीय राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी) तत्काल संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए*।
जिलाधिकारी ने कहा कि वनाग्नि की रोकथाम हेतु महिला स्वयं सहायता समूह के अतिरिक्त महिला मंगल दलों से भी सहायता ली जाए।जिलाधिकारी ने कहा कि जो ग्राम पंचायत वनाग्नि रोकथाम हेतु बेहतर कार्य व सहयोग करेगा उन ग्राम पंचायत को पुरस्कृत किया जाएगा।जिलाधिकारी ने कहा कि वनों में आग लगाना अपराध है तथा उसे बुझाने में या नियंत्रण करने में सहयोग न करना भी एक प्रकार से अपराध है। सभी लोग अपनी जिम्मेदारी से कार्य करें।*इस दौरान जिलाधिकारी ने जिले में वर्तमान में विभिन्न स्थानों में हो रही पेयजल की समस्या की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिशासी अभियंता जल संस्थान को निर्देश दिए कि वर्तमान में जिले में पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था हेतु जो 22 टैंकर लगाए गए हैं उन सभी टैंकरों का पेयजल वितरण हेतु रोस्टर तैयार करते हुए आम नागरिकों को भी अवगत कराया जाए*। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पेयजल की अधिक किल्लत है ऐसे स्थान में एक हजार लीटर की टंकी रखकर इन टैंकरों से उनमें पेयजल भर जाए ताकि क्षेत्रवासियों को आवश्यकतानुसार पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो इस संबंध में जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता जल संस्थान को निर्देश दिए कि 20 टंकी एक हजार लीटर क्षमता के इन क्षेत्रों में तत्काल स्थापित करें।जिलाधिकारी ने कहा कि अतिरिक्त टैंकरों की आवश्यकता विभाग को है तो वह तत्काल अपना प्रस्ताव उपलब्ध कराए। बैठक में पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने कहा कि जो भी व्यक्ति जंगल में आग लगाते हुए पकड़ा जाता है उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए ताकि ऐसों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा सके। पुलिस अधीक्षक ने अवगत कराया कि फायर विभाग द्वारा वर्तमान तक विभिन्न घटनाओं में कुल 147 स्थान में आग बुझाई गई है। वनाग्नि की रोकथाम हेतु फायर विभाग तत्परता से कार्य कर रहा है।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी ने अवगत कराया कि चंपावत वन प्रभाग का कुल 111860.82 हेक्टेयर में वन क्षेत्र स्थित है। वर्तमान तक जिले में कुल 55 वनाग्नि की दुर्घटनाएं हुई है।* जिसमें 34 आरक्षित तथा 21 पंचायत सिविल वन क्षेत्र हैं। वर्तमान तक 42 निर्गत वन अपराध पर 12 नामजद तथा 03 एफआईआर दर्ज की गई है। विभाग वनाग्नि रोकथाम हेतु रात दिन कार्य कर रहा है। प्रभागीय वनाधिकारी ने अवगत कराया कि जो ग्राम सभा वनाग्नि नियंत्रण में बेहतर कार्य करेगी उसे 30 हजार रूपए की धनराशि देने का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने कहा कि क्रू स्टेशनों की स्थापना के साथ ही फायर लाइन की सफाई, जन जागरूकता कार्यक्रम, प्रचार प्रसार गोष्ठियों का आयोजन, रात्रि गस्त भी लगातार जारी है। प्रभागीय वनाधिकारी ने कहा कि विभागों के साथ-साथ जनता से भी सहयोग लिया जा रहा है।इससे पूर्व एसडीओ फॉरेस्ट नेहा चौधरी द्वारा पीपीटी के माध्यम से वनाग्नि की रोकथाम हेतु जिले में किया जा रहे प्रबंधन व कार्यों की जानकारी दी गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, प्रभागीय वनाधिकारी आरसी कांडपाल, मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी हेमंत कुमार वर्मा उप जिलाधिकारी लोहाघाट रिंकु बिष्ट, चंपावत सौरभ असवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।