रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार चयन प्रक्रिया हेतु पोर्टल पर सीडीपीओ स्तर से संशोधन की होगी सुविधा
Laxman Singh Bisht
Tue, Jun 23, 2026
आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार चयन प्रक्रिया हेतु पोर्टल पर सीडीपीओ स्तर से संशोधन की होगी सुविधा
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत 'आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार' चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, त्रुटिरहित और निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मनीष कुमार ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार के चयन की प्रक्रिया वर्तमान में गतिमान है, जिसके लिए पात्र आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों से ऑनलाइन आवेदन-पत्र आमंत्रित किए गए हैं।इस प्रक्रिया की तकनीकी व व्यावहारिक बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी पी0सी बृजवाल ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों द्वारा पोर्टल पर भरे गए ऑनलाइन आवेदन-पत्रों का सॉफ्टवेयर द्वारा स्वतः आंकलन किया जाता है और उसके उपरांत पोर्टल द्वारा अंक प्रदान किए जाते हैं। पोर्टल के माध्यम से यह अंक जनरेट होने के पश्चात् आवेदन-पत्र स्वतः ही संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारी (सी०डी०पी०ओ०) स्तर पर अग्रसारित हो जाते हैं। बाल विकास परियोजना अधिकारी स्तर पर इन आवेदनों के सघन मूल्यांकन, जांच, परीक्षण और भौतिक सत्यापन की व्यवस्था की गई है। यदि सत्यापन के दौरान कोई ऐसा तथ्य सामने आता है जिससे यह परिलक्षित हो कि पोर्टल द्वारा स्वतः प्रदान किए गए अंकों में किसी त्रुटि की संभावना है, तो बाल विकास परियोजना अधिकारी द्वारा यथोचित मूल्यांकन और अभिलेखीय साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए उन अंकों में आवश्यक संशोधन या सुधार किया जा सकेगा।जिलाधिकारी ने कहा कि बाल विकास परियोजना अधिकारियों द्वारा अनिवार्य रूप से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पूर्ण मूल्यांकन, जांच और अभिलेखीय सत्यापन के पश्चात् पूरी तरह संतुष्ट होने के उपरांत ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ती का कोई भी आवेदन-पत्र ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जिला कार्यक्रम अधिकारी को फॉरवर्ड किया जाए।प्रशासन द्वारा बाल विकास परियोजना अधिकारी के स्तर पर यह 'एडिट' यानी संशोधन की सुविधा इस विशेष आशय के साथ प्रदान की जा रही है कि ऑनलाइन आवेदन-पत्र में बिंदुवार प्रदान किए गए सभी अंक पूरी तरह प्रामाणिक और सही हों। इस पूरी प्रक्रिया की शुचिता का संपूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारी का होगा।जिलाधिकारी ने कहा कि यदि भविष्य में चयन प्रक्रिया या अंकों के निर्धारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा अनियमितता पाई जाती है, तो इसके लिए संबंधित क्षेत्र के बाल विकास परियोजना अधिकारी को सीधे तौर पर उत्तरदायी होंगे।