रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : चंपावत:पाटी में लघु सिंचाई की गूल में बड़ा भ्रष्टाचार /फर्जी खेत फर्जी गूल दिखाकर किया गया बड़ा भ्रष्टाचार
Laxman Singh Bisht
Thu, Mar 27, 2025
फिर भ्रष्टाचार में उछला अभियंता दिवस पांडे का नाम
आपदा मद में किया गया बड़ा घपला
सीएम पोर्टल में शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू जांच टीम भी हैरान।
चंपावत:आदर्श चम्पावत जिले के पाटी विकासखंड में एक बार फिर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है । विकासखंड पाटी की ग्राम पंचायत टांड मल्ला में लघु सिंचाई की गूल में भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं । मुख्यमंत्री पोर्टल में दर्ज शिकायत के अनुसार आपदा मद से भ्रष्टाचार के इस खेल को अंजाम दिया गया है। शिकायत के मुताबिक आपदा मद से जिन सिंचाई नहरों , गूल और पुल के लिए प्रताव भेजा गया है उनमें से एक को छोड़कर अन्य कोई भी धरातल पर मौजूद नहीं हैं । शिकायत के मुताबिक 28 लाख रुपये के प्रस्तावों को बिना किसी जांच के मंजूर कर दिया गया है ।
स्थानीय ग्रामीण घनश्याम जोशी ने बताया गूल के नाम पर धरातल में एक पाइप लगा दिया गया है और गूल में पानी नहीं है । तथा गूल से सिंचित होने वाला खेत भी फर्जी दिखाया गया है । घनश्याम जोशी का कहना है सारे फर्जी फ़ोटो संलग्न कर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया है । कहा ये एक बड़ा भ्रष्टाचार है उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा इस भ्रष्टाचार में निर्माणकर्ता और विभाग के जेई की मिलीभगत है । घनश्याम जोशी के द्वारा मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के बाद अब इस मामले में जांच शुरू हो चुकी है ।
इस मामले की जांच के लिए लघु सिंचाई के अधीक्षण अभियंता धरातल पर पहुंचे तो हैरान रह गए । इस मामले में जांच अधिकारी अधीक्षण अभियंता लघु सिंचाई वृत्त पिथौरागढ़ अतुल कुमार पाठक ने बताया इस पूरे मामले में जेई की लापरवाही है।उन्होंने बताया जेई दिवस पांडेय ने बिना धरातल पर उतरे ही ऑफिस में बैठकर ये काम करवा दिए । उनने बताया अभी आगे जांच जारी है जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। मालूम हो कुछ दिन पहले लधियाघाटी की एक पाइप लाइन से जुड़े भ्रष्टाचार में पुलिस ने एक निर्माणकर्ता की गिरफ्तारी की थी । उस योजना में भी जेई दिवस पांडेय का नाम सामने आया था । अब एक बार फिर जेई की लापरवाही सामने आ रही है । इस संबंध में जब जेई दिवस पांडे से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन स्विच ऑफ मिला।अब देखना है प्रशासन अभियंता दिवस पांडे व निर्माणकर्ता पर क्या कार्यवाही करता है।
