: चम्पावत:एडवोकेट मनीषा की जानदार दलीलों पर न्यायालय ने 307 आईपीसी के आरोपी को दी जमानत 6 महीने से न्यायिक अभिरक्षा में बंद है आरोपी
Laxman Singh Bisht
Thu, May 23, 2024
एडवोकेट मनीषा की जानदार दलीलों पर न्यायालय ने हत्या के प्रयास के आरोपी को दी जमानत 6 महीने से न्यायिक अभिरक्षा में बंद है आरोपी
चंपावत जिला सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल की अदालत में चामी (तामली) निवासी विद्यासागर जोशी उर्फ सागर जोशी की जमानत अर्जी पर सुनवाई की गई आरोपी पर हत्या के प्रयास की धारा 307 ,452 आइपीसी के तहत माननीय न्यायालय चम्पावत में बाद चल रहा है जमानत अर्जी पर बहस करते हुए आरोपी की विद्वान अधिवक्ता मनीषा उप्रेती के द्वारा अपनी दलीलों से विद्वान न्यायाधीश को संतुष्ट किया अधिवक्ता मनीषा उप्रेती की दलीलों से संतुष्ट होकर जिला सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल ने आरोपी विद्याधर जोशी को जमानत दे दी है एडवोकेट मनीषा ने अपनी बहस में कहा उनका मुवक्किल निर्दोष है उसे झूठा फसाया गया है रिपोर्टर के द्वारा अपनी तहरीर में किसी भी हथियार का जिक्र नहीं किया है जिससे वार किया गया हो तथा रिपोर्टर द्वारा घटना की सूचना तामली थाने में देर से दी गई जबकि घटनास्थल से थाने की दूरी मात्र डेढ़ किलोमीटर है तथा रिपोर्टर को कोई गंभीर चोटे नहीं है पुलिस द्वारा कानून का गलत सहारा लेकर उनके मुवक्किल के खिलाफ गलत व झूठा मामला बनाने की कोशिश की गई है एडवोकेट मनीषा ने अपनी जिरह में कहा आरोपी अपने परिवार में कमाने वाला एकमात्र सदस्य है जिस कारण उसके परिवार में आर्थिक संकट छा गया है वहीं जिला शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का पुरजोर विरोध किया लेकिन वह अदालत को संतुष्ट नहीं कर पाए दोनों विद्वान अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद विद्वान न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए कहा चुटेल के कोई चोट मार्मिक स्थल में आई हो ऐसा मेडिकल रिपोर्ट में दर्शित नहीं होता है तथा अभियुक्त 11/ 12 /2023 से न्यायिक अभिरक्षा में है अतः आरोपी को सशक्त जमानत दी जाती है अदालत ने आरोपी से दो जमानती व 50 हजार रुपए का बंध पत्र देने के फैसले के साथ जमानत अर्जी स्वीकार कर ली
चंपावत जिला सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल की अदालत में चामी (तामली) निवासी विद्यासागर जोशी उर्फ सागर जोशी की जमानत अर्जी पर सुनवाई की गई आरोपी पर हत्या के प्रयास की धारा 307 ,452 आइपीसी के तहत माननीय न्यायालय चम्पावत में बाद चल रहा है जमानत अर्जी पर बहस करते हुए आरोपी की विद्वान अधिवक्ता मनीषा उप्रेती के द्वारा अपनी दलीलों से विद्वान न्यायाधीश को संतुष्ट किया अधिवक्ता मनीषा उप्रेती की दलीलों से संतुष्ट होकर जिला सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल ने आरोपी विद्याधर जोशी को जमानत दे दी है एडवोकेट मनीषा ने अपनी बहस में कहा उनका मुवक्किल निर्दोष है उसे झूठा फसाया गया है रिपोर्टर के द्वारा अपनी तहरीर में किसी भी हथियार का जिक्र नहीं किया है जिससे वार किया गया हो तथा रिपोर्टर द्वारा घटना की सूचना तामली थाने में देर से दी गई जबकि घटनास्थल से थाने की दूरी मात्र डेढ़ किलोमीटर है तथा रिपोर्टर को कोई गंभीर चोटे नहीं है पुलिस द्वारा कानून का गलत सहारा लेकर उनके मुवक्किल के खिलाफ गलत व झूठा मामला बनाने की कोशिश की गई है एडवोकेट मनीषा ने अपनी जिरह में कहा आरोपी अपने परिवार में कमाने वाला एकमात्र सदस्य है जिस कारण उसके परिवार में आर्थिक संकट छा गया है वहीं जिला शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का पुरजोर विरोध किया लेकिन वह अदालत को संतुष्ट नहीं कर पाए दोनों विद्वान अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद विद्वान न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए कहा चुटेल के कोई चोट मार्मिक स्थल में आई हो ऐसा मेडिकल रिपोर्ट में दर्शित नहीं होता है तथा अभियुक्त 11/ 12 /2023 से न्यायिक अभिरक्षा में है अतः आरोपी को सशक्त जमानत दी जाती है अदालत ने आरोपी से दो जमानती व 50 हजार रुपए का बंध पत्र देने के फैसले के साथ जमानत अर्जी स्वीकार कर ली