: चंपावत:अंडरग्राउंड विद्युत लाइन निर्माण कार्य हुआ शुरू तारों के जाल से मिलेगी नगर को मुक्ति
Laxman Singh Bisht
Wed, Feb 12, 2025
अंडरग्राउंड विद्युत लाइन निर्माण कार्य हुआ शुरू तारों के जाल से मिलेगी मुक्ति
चंपावत नगर में ऊर्जा निगम ने विद्युत् लाइनो को भूमिगत करने कार्य शुरू कर दिया गया है। इस निर्माण कार्य के पूर्ण होने के बाद नगर क्षेत्र की जनता को तारों के जाल से मुक्ति मिलेगी। मंगलवार को विधिवत पूजा अर्चना के बाद ऊर्जा निगम के द्वारा निर्माण कार्य शुरू किया गया । यूपीसीएल 17.56 करोड़ रुपए की लागत से चंपावत नगर और ब्लाक की विद्युत लाइनो को भूमिगत कर रहा है। जिसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। यूपीसीएल के अनुसार चंपावत नगर क्षेत्र में करीब चार किमी के दायरे में 11 केवी और ब्लाक में एलटी लाइने भूमिगत की जानी है। जिसके लिए ऊर्जा निगम को पहली किस्त के रूप में 10 करोड़ रुपए की धनराशि मिल चुकी है। नगर क्षेत्र में बिजली लाइनों को भूमिगत होने से तारों के जंजाल से राहत मिलेगी। बरसात के दिनों में आंधी-तूफान के दौरान विद्युत लाइन में शार्ट सर्किट और टूटने का खतरा भी समाप्त हो जाएगा। साथ ही लाइन क्षतिग्रस्त होने से बिजली कटौती की समस्या भी कम होगी। वहीं नगर के सौंदर्य में भी सुधार के साथ साथ अधिक भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में विद्युत दुर्घटनाओं का खतरा भी काम होगा वही ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता बेगराज सिंह ने बताया ऊर्जा निगम 17.56 करोड रुपए की लागत से नगर के विभिन्न क्षेत्रो की विद्युत लाइनों को भूमिगत करने का कार्य कर रहा है जिसका कार्य शुरू किया जा चुका है जिसके लिए पहली किस्त दस करोड़ रुपए की धनराशि विभाग को मिल चुकी है। जल्द ही निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा
चंपावत नगर में ऊर्जा निगम ने विद्युत् लाइनो को भूमिगत करने कार्य शुरू कर दिया गया है। इस निर्माण कार्य के पूर्ण होने के बाद नगर क्षेत्र की जनता को तारों के जाल से मुक्ति मिलेगी। मंगलवार को विधिवत पूजा अर्चना के बाद ऊर्जा निगम के द्वारा निर्माण कार्य शुरू किया गया । यूपीसीएल 17.56 करोड़ रुपए की लागत से चंपावत नगर और ब्लाक की विद्युत लाइनो को भूमिगत कर रहा है। जिसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। यूपीसीएल के अनुसार चंपावत नगर क्षेत्र में करीब चार किमी के दायरे में 11 केवी और ब्लाक में एलटी लाइने भूमिगत की जानी है। जिसके लिए ऊर्जा निगम को पहली किस्त के रूप में 10 करोड़ रुपए की धनराशि मिल चुकी है। नगर क्षेत्र में बिजली लाइनों को भूमिगत होने से तारों के जंजाल से राहत मिलेगी। बरसात के दिनों में आंधी-तूफान के दौरान विद्युत लाइन में शार्ट सर्किट और टूटने का खतरा भी समाप्त हो जाएगा। साथ ही लाइन क्षतिग्रस्त होने से बिजली कटौती की समस्या भी कम होगी। वहीं नगर के सौंदर्य में भी सुधार के साथ साथ अधिक भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में विद्युत दुर्घटनाओं का खतरा भी काम होगा वही ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता बेगराज सिंह ने बताया ऊर्जा निगम 17.56 करोड रुपए की लागत से नगर के विभिन्न क्षेत्रो की विद्युत लाइनों को भूमिगत करने का कार्य कर रहा है जिसका कार्य शुरू किया जा चुका है जिसके लिए पहली किस्त दस करोड़ रुपए की धनराशि विभाग को मिल चुकी है। जल्द ही निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा