Monday 10th of August 2026

ब्रेकिंग

लोहाघाट:बागधारा के पास भारी मलवा आने से 2 घंटे से आल वेदर सड़क बंद। सैकड़ो यात्री फंसे।

चंपावत:श्री लधौनधुरा शिव मंदिर में विशाल भण्डारे के साथ सम्पन्न हुआ जलाभिषेक

चंपावत:डीएम ने लापरवाही पर लघु सिंचाई के अधिशासी अभियंता व अभियंताओं का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश

टनकपुर:कैलाश मानसरोवर यात्रा के अंतिम दल के साथ गीता धामी ने की मुलाकात

लोहाघाट:15 अगस्त की तैयारी को लेकर बैठक। धूमधाम से निकाली जाएगी प्रभात फेरी।

सूचना

रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत की राजनीति में फिर सक्रिय हुए दीप पाठक, जनता के मुद्दों पर सरकार को घेरा।

Laxman Singh Bisht

Thu, Aug 6, 2026

चंपावत की राजनीति में फिर सक्रिय हुए दीप पाठक, जनता के मुद्दों पर सरकार को घेरा।

भाजपा ने मुझे नहीं किया है निष्कासित :दीप पाठक

टनकपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष दीपक पाठक ने अपने राजनीतिक सफर और पार्टी छोड़ने की वजहों को मीडिया के सामने रखा। उन्होंने कहा कि उन्होंने कम उम्र में भाजपा में जिला महामंत्री और जिलाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया तथा संगठन को मजबूत करने में अपनी अहम भूमिका निभाई। दीपक पाठक ने बताया कि वर्ष 2012 में वह विधायक पद के प्रबल दावेदार थे, लेकिन पार्टी हाईकमान ने कैलाश चंद्र गहतोड़ी को टिकट दिया। इसके बावजूद उन्होंने संगठन के प्रति निष्ठा रखते हुए पूरी जिम्मेदारी के साथ भाजपा प्रत्याशी को विजयी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और वर्षों तक पार्टी के लिए निष्पक्ष भाव से कार्य करते रहे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चंपावत विधानसभा उपचुनाव के दौरान जनता से किए गए कई वादे और घोषणाएं आज तक पूरी नहीं हो सकीं। उनका आरोप है कि उन्होंने कई बार मुख्यमंत्री से इन मुद्दों को उठाया, लेकिन उनकी बातों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण उन्होंने स्वयं को ठगा हुआ महसूस किया और अंततः भाजपा से इस्तीफा देने का निर्णय लिया। वहीं दीपक पाठक ने कहा कि वह किसी राजनीतिक दल में नहीं हैं, लेकिन क्षेत्र की जनता के सुख-दुख में हमेशा उनके साथ खड़े रहे हैं और आगे भी रहेंगे। उन्होंने कहा कि यदि जनता उन्हें भविष्य में कोई जिम्मेदारी देती है तो वह पूरी निष्ठा के साथ क्षेत्र की सेवा करेंगे। फिलहाल दीपक पाठक के राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है। हालांकि जनता के रुझान या संभावित चुनावी समर्थन को लेकर स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि चंपावत की राजनीति में उनकी अगली भूमिका क्या रहती है।

जरूरी खबरें