रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:तय समय पर निर्माण कार्यों में देरी पर डीएम हुये सख्त
Laxman Singh Bisht
Fri, Jun 26, 2026
तय समय पर निर्माण कार्यों में देरी पर डीएम हुये सख्त
सर्किट हाउस एवं साइंस सेंटर निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर जताई कड़ी नाराजगी*

समय सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के आदर्श चम्पावत की परिकल्पना को धरातल पर साकार करने हेतु जनपद मुख्यालय में निर्माणाधीन विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं का जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने गुरुवार को औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को फटकार लगाई।जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन सर्किट हाउस एवं अत्याधुनिक साइंस सेंटर परियोजना का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मा. मुख्यमंत्री की घोषणा के अंतर्गत प्रस्तावित ऑडीटोरियम के लिए चिन्हित स्थल का भी निरीक्षण कर जायजा लिया तथा आवश्यक अग्रिम कार्यवाही के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने साइंस सेंटर में प्रस्तावित फन साइंस गैलरी, विज्ञान एवं कृषि गैलरी, एस्ट्रोनॉमी गैलरी, प्रशिक्षण हॉल, दो मंजिला साइंस गैलरी ब्लॉक तथा चार मंजिला साइंस कैंप फैसिलिटी सहित विभिन्न निर्माणाधीन संरचनाओं की प्रगति का जायजा लिया।निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति अपेक्षा के अनुरूप न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता श्री एम.सी. पलड़िया से निर्माण की धीमी गति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।जिलाधिकारी ने निर्माण स्थल पर उपलब्ध संसाधनों एवं श्रमिकों की संख्या की भी जानकारी ली तथा उपजिलाधिकारी चम्पावत को निर्देशित किया कि पटवारी एवं कानूनगो के माध्यम से निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा प्रगति की सतत रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में तत्काल तेजी लाई जाए, पर्याप्त श्रमिकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, आवश्यक निर्माण सामग्री एवं संसाधनों की समय पर उपलब्धता बनाए रखी जाए तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यों को पूर्ण करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्धारित अवधि में कार्यों की प्रगति में अपेक्षित सुधार नहीं पाया गया तो संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सिविल निर्माण कार्य गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों एवं निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाएं, ताकि साइंस सेंटर निर्धारित समय पर विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं विज्ञान प्रेमियों के लिए उपलब्ध कराया जा सके।निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी बी.सी. पंत, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एम.सी. पलड़िया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।