: लोहाघाट:नर्सरी गधेरे के सूखने से लोहाघाट में गहराया पेयजल संकट नगर की आधी आबादी की होती थी पेयजल आपूर्ति पेयेजल खरीद कर पीने को मजबूर जनता जनप्रतिनिधि खामोश
Laxman Singh Bisht
Mon, Apr 8, 2024
नर्सरी गधेरे के सूखने से लोहाघाट में गहराया पेयजल संकट नगर की आधी आबादी की होती थी पेयजल आपूर्ति पेयेजल खरीद कर पीने को मजबूत जनता जनप्रतिनिधि खामोश
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लोहाघाट नगर में पेयजल की समस्या बरसों से बनी हुई है नगरवासी लोहावती नदी के दूषित पानी का पेयजल के तौर पर उपयोग नहीं करते हैं अब लोहावती के सूख जाने से भी लोहावती का पानी भी लोगों को बहुत कम मात्रा में नसीब हो पा रहा है वही शुद्ध पेयजल के लिए नगर वासियों का बड़ा सहारा बने नर्सरी गधेरे के सूख जाने से अब नगरवासी पेयजल के लिए इधर-उधर भटकते हुए नजर आ रहे हैं नर्सरी गधेरे से लगाए गए पाइप में इतनी कम मात्रा में पानी आ रहा है कि लोगों को एक बर्तन भरने के लिए घंटो इंतजार करना पड़ रहा है[/caption]
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मालूम हो नर्सरी गधेरे के पेयजल पर नगर की आधी आबादी निर्भर रहती है वहीं गर्मी बढ़ने से दिनों दिन नगर में पेयजल समस्या विकराल रूप लेते जा रही है पर समस्या का समाधान किसी के पास नहीं है नगर की जनता पेयजल के लिए उधर-उधर भटक रही है नोले ,धारे सूखने की कगार पर आ चुके हैं जहां एक बाल्टी पानी के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ है तथा कई लोग चंपावत से पेयजल खरीद कर पीने को मजबूर है नगर वासियों का कहना है उनकी शुध ना तो सरकार ले रही है ना प्रशासन और ना ही कोई जनप्रतिनिधि[/caption]
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सिर्फ कोरी घोषणाएं, वादे व धरना प्रदर्शन की बातें हो रही है पर समस्या का समाधान करने को कोई तैयार नहीं है अब जनता गुहार भी लगाए तो किसके पास लगाए लोगों ने कहा अगर जल्द नगर के लिए सरयू लिफ्ट या कोली ढेक पेयजल योजना नहीं बनती है तो आने वाले कुछ वर्षों में लोहाघाट की जनता बूंद बूंद पानी के लिए तरसती नजर आएगी नगर में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था न होने से इसका असर पर्यटन व्यवसाय पर भी पड़ रहा है लोगों के द्वारा नगर में खोले गए होटलो में पेयजल की किल्लत बने रहती है जिस कारण पर्यटक लोहाघाट के होटल में ठहरना तक पसंद नहीं कर रहे हैं[/caption]
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जिसका असर होटल कारोबार पर भी काफी पड़ रहा है लोगों ने कहा कोली झील बन चुकी है पर पेयजल योजना का कोई अता पता नहीं है कुल मिलाकर लोहाघाट की जनता की प्यास कब बुझेगी यह कहा नहीं जा सकता है[/caption]

लोहाघाट नगर में पेयजल की समस्या बरसों से बनी हुई है नगरवासी लोहावती नदी के दूषित पानी का पेयजल के तौर पर उपयोग नहीं करते हैं अब लोहावती के सूख जाने से भी लोहावती का पानी भी लोगों को बहुत कम मात्रा में नसीब हो पा रहा है वही शुद्ध पेयजल के लिए नगर वासियों का बड़ा सहारा बने नर्सरी गधेरे के सूख जाने से अब नगरवासी पेयजल के लिए इधर-उधर भटकते हुए नजर आ रहे हैं नर्सरी गधेरे से लगाए गए पाइप में इतनी कम मात्रा में पानी आ रहा है कि लोगों को एक बर्तन भरने के लिए घंटो इंतजार करना पड़ रहा है[/caption]
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मालूम हो नर्सरी गधेरे के पेयजल पर नगर की आधी आबादी निर्भर रहती है वहीं गर्मी बढ़ने से दिनों दिन नगर में पेयजल समस्या विकराल रूप लेते जा रही है पर समस्या का समाधान किसी के पास नहीं है नगर की जनता पेयजल के लिए उधर-उधर भटक रही है नोले ,धारे सूखने की कगार पर आ चुके हैं जहां एक बाल्टी पानी के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ है तथा कई लोग चंपावत से पेयजल खरीद कर पीने को मजबूर है नगर वासियों का कहना है उनकी शुध ना तो सरकार ले रही है ना प्रशासन और ना ही कोई जनप्रतिनिधि[/caption]
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सिर्फ कोरी घोषणाएं, वादे व धरना प्रदर्शन की बातें हो रही है पर समस्या का समाधान करने को कोई तैयार नहीं है अब जनता गुहार भी लगाए तो किसके पास लगाए लोगों ने कहा अगर जल्द नगर के लिए सरयू लिफ्ट या कोली ढेक पेयजल योजना नहीं बनती है तो आने वाले कुछ वर्षों में लोहाघाट की जनता बूंद बूंद पानी के लिए तरसती नजर आएगी नगर में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था न होने से इसका असर पर्यटन व्यवसाय पर भी पड़ रहा है लोगों के द्वारा नगर में खोले गए होटलो में पेयजल की किल्लत बने रहती है जिस कारण पर्यटक लोहाघाट के होटल में ठहरना तक पसंद नहीं कर रहे हैं[/caption]
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जिसका असर होटल कारोबार पर भी काफी पड़ रहा है लोगों ने कहा कोली झील बन चुकी है पर पेयजल योजना का कोई अता पता नहीं है कुल मिलाकर लोहाघाट की जनता की प्यास कब बुझेगी यह कहा नहीं जा सकता है[/caption]
