रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत जिला चिकित्सालय में ईमोग्लोबिन का इंजेक्शन खत्म। बाजार से महंगा खरीदने को मजबूर जनता।
Laxman Singh Bisht
Fri, Aug 21, 2026
चंपावत जिला चिकित्सालय में ईमोग्लोबिन का इंजेक्शन खत्म। बाजार से महंगा खरीदने को मजबूर जनता।

बिना ईमोग्लोबिन का इंजेक्शन लगाए वापस लौट रही है जनता। बाजार में दो से ढाई हजार रूपए है कीमत

चंपावत जिला चिकित्सालय में कुत्ते ,बिल्ली ,बंदर व गुलदार के काटे जाने में लगने वाला जीवन रक्षक ईमोग्लोबिन का इंजेक्शन लगभग पिछले एक महीने से खत्म हुआ है। यह इंजेक्शन रेबीज के साथ लगाया जाता है जो कि सिर्फ जिला चिकित्सालय चंपावत में उपलब्ध रहता था। जिला चिकित्सालय में ईमोग्लोबिन के इंजेक्शन के खत्म होने से अब जनता को काफी दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा है। लोग मेडिकल स्टोर से दो से ढाई हजार रुपए की कीमत में इस इंजेक्शन को खरीदने पर मजबूर है।

आर्थिक रूप से संपन्न लोग तो इंजेक्शन खरीद ले रहे हैं पर कमजोर तबके के ग्रामीण बिना इंजेक्शन लगाए बैरंग जिला चिकित्सालय चंपावत से लौट रहे हैं। लोगों ने कहा जिला चिकित्सालय में मरीजों को सभी सुविधाएं देने की बात तो की जा रही है पर इस जीवन रक्षक इंजेक्शन को उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। लोगों ने मामले में गहरी नाराजगी जताते हुए अस्पताल प्रबंधन से जल्द से जल्द ईमोग्लोबिन के इंजेक्शन को उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों ने कहा इस इंजेक्शन को लगाने के लिए चंपावत के साथ-साथ लोहाघाट , बाराकोट, गुमदेश व पाटी क्षेत्र की जनता जिला चिकित्सालय पहुंचती है पर वहां उन्हें वर्तमान में मायूसी हाथ लग रही है। मामले में सीएमओ चंपावत डॉक्टर देवेश चौहान ने बताया ईमोग्लोबिन का इंजेक्शन देहरादून स्वास्थ्य निदेशालय के द्वारा उपलब्ध कराया जाता है।

जिसके लिए जिला चिकित्सालय के द्वारा पत्र लिखा जा चुका है। सीएमओ चंपावत ने कहा जिला चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक को इस इंजेक्शन को खरीदने का अधिकार है अगर वह चाहे तो जिला चिकित्सालय की मद से इन इंजेक्शनों को खरीद सकते हैं। फिलहाल मामले में लोगों ने गहरी नाराजगी जताते हुए स्वास्थ्य विभाग से जल्द से जल्द इंजेक्शन उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों ने कहा कुत्ते ,बिल्ली व बंदर के काटे जाने के काफी मामले सामने आते हैं।
विज्ञापन